एडवांस्ड सर्च

दोस्‍त ऐसे हैं दुश्मन की क्या जरूरत

उत्तर प्रदेश में एक-दूसरे पर जमकर कीचड़ उछाला जा रहा है. नेता जब दूसरी पार्टियों के प्रतिद्वंद्वियों से संघर्ष नहीं कर रहे होते तो पार्टी के भीतर अपने विरोधियों पर कीचड़ उछाल रहे होते हैं.

Advertisement
प्रिया सहगलनई दिल्‍ली, 09 February 2012
दोस्‍त ऐसे हैं दुश्मन की क्या जरूरत

उत्तर प्रदेश में एक-दूसरे पर जमकर कीचड़ उछाला जा रहा है. नेता जब दूसरी पार्टियों के प्रतिद्वंद्वियों से संघर्ष नहीं कर रहे होते तो पार्टी के भीतर अपने विरोधियों पर कीचड़ उछाल रहे होते हैं.
शिवपाल यादव बनाम अखिलेश यादव

सपा में चचा-भतीजा अमर सिंह के खिलाफ एकजुट हो गए थे लेकिन अखिलेश के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद से ही दोनों के रिश्तों में खटास आ गई, क्योंकि उस पद पर शिवपाल की नजर थी. वे डी.पी. यादव को पार्टी में शामिल करने के अखिलेश के इनकार करने से भी खुश नहीं हैं.

दिग्विजय सिंह बनाम जनार्दन द्विवेदी

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय पार्टी के उत्तर प्रदेश चुनाव प्रभारी हैं, वहीं द्विवेदी राजधानी में वार रूम के प्रमुख हैं. दोनों राहुल गांधी की राजनीति में अभिभावक की भूमिका निभाते हैं. गौरतलब है कि द्विवेदी और दिग्विजय राहुल की किसी भी रैली में साथ-साथ नजर नहीं आते हैं.

कलराज मिश्र बनाम उमा भारती

इस बार मिश्र को लगा कि आखिर उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल जाएगा. तभी भाजपा ने ऐलान कर दिया कि उमा चुनाव लड़ेंगी. मिश्र ने उन्हें ‘बाहरी’ करार दे दिया. बाद में उन्होंने पलटी खाई और वही कहा जो सारे नेता कहते हैं: ‘मेरे बयान को पलट दिया गया.’

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay