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गुडग़ांव: उभरा देश का चेहरा

आइटी-बिजनेस-इंडस्ट्री का हब रहा यह शहर अब हेल्थ हब बन रहा, जहां की हाइ लिविंग ने गगनचुंबी इमारतों के लिए लोगों का बढ़ाया क्रेज.

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aajtak.in
संतोष कुमारनई दिल्‍ली, 12 March 2013
गुडग़ांव: उभरा देश का चेहरा बिजनेस-इंडस्ट्री का हब

बात महज दो-तीन दशक पुरानी है, जब हरियाणा की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुका गुडग़ांव उजाड़-वीराना था, लेकिन आज यह सुनियोजित शहर है. बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भरमार की वजह से यह शहर दुनिया के कई विकसित देशों से सीधे जुड़ा है, तो आधुनिक जीवन शैली और विश्वस्तरीय उपभोक्ता बाजारों के प्रमुख के रूप में उभरा गुडग़ांव अपनी अलग पहचान के साथ एनसीआर की हाइटेक सिटी कहलाने लगा है. इस साइबर नगरी में 630 गगनचुंबी इमारतें हैं, जिनमें मौजूदा सबसे ऊंची इमारत डीएलएफ का हैमिल्टन कोर्ट है. इस 25 मंजिला इमारत की ऊंचाई 103 मीटर है. डीएलएफ के मुताबिक, गोल्फ कोर्स पर 104 मीटर ऊंचाई वाला 30 मंजिला पार्क प्लेस अपार्टमेंट तैयार होने के करीब है. जबकि जल्द ही आइरियो डेवलपर्स की 51 मंजिला और रहेजा की 55 मंजिला रेवांता सेक्टर 76 में आ रही हैं.

रहेजा डेवलपर्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हरेंद्र ढिल्लन बताते हैं, ''रेवांता टावर की ऊंचाई 195 मीटर होगी और यह अगले तीन साल में तैयार हो जाएगा.” वे गुडग़ांव में आसमान छूती इमारतों के ट्रेंड को भविष्य के लिए बेहतर मानते हैं. आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र और इंडस्ट्री तथा आइटी हब बन चुका गुडग़ांव अब मेडिकल हब के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है. जहां देश के तमाम प्रतिष्ठित हॉस्पिटल आ रहे हैं. हाल ही में मेदांता मेडिसिटी ने इंटेस्टाइन ट्रांसप्लांट के मामले में कामयाबी हासिल कर गुडग़ांव की पहचान में एक नया आयाम जोड़ दिया है.

यहां सिर्फ रिहाइश ही नहीं, कॉमर्शियल बिल्डिंगों में भी हाइराइज का दौर चल रहा है. एनएच-8 से सटे डीएलएफ साइबर सिटी स्थित डीएलएफ स्क्वायर की ऊंचाई 90 मीटर है. गुडग़ांव के हुडा एडमिनिस्ट्रेटर डा. प्रवीण कुमार कहते हैं, ''यह भारत के बेस्ट हब में से एक है.” यहां गगनचुंबी इमारतों का कोई एक केंद्र नहीं है, इस बारे में कुमार बताते हैं, ''हाइराइज का एरिया डिस्ट्रिब्यूटेड है.” डीएलएफ के विभिन्न फेज वाले क्षेत्र विकास के अपने चरम पर हैं और जहां उसके प्रोजेक्ट चल रहे हैं, वे साधारण मध्यम वर्ग की पहुंच से दूर हैं.

हाइराइज में घर खरीदने वालों में अपर मिडल क्लास के ही लोग हैं जबकि कुमार चाहते हैं कि हाइराइज में गरीबों को भी जगह दी जानी चाहिए और उनसे 40 साल तक किराए की तरह पैसे लेने चाहिए. शहर के गोल्फ कोर्स का इलाका, सदर्न पेरीफेरल रोड, सोहना रोड पर गगनचुंबी इमारतों की शृंखला तैयार हो रही है. शहर का सदर्न पेरीफेरल रोड आकर्षण के मुख्य केंद्र जो गोल्फ कोर्स रोड एक्सटेंशन और एनएच 8 को आपस में जोड़ेगा.

हरियाणा विकास प्राधिकरण (हुडा) के एडमिनिस्ट्रेटर हाइराइज को आज की जरूरत बताते हुए कहते हैं, ''मनुष्य समूह में रहना ज्यादा पसंद करता है और जब मांग बढ़ती है तो हाइराइज ही विकल्प बचता है.” जबकि गुडग़ांव नगर निगम के डिप्टी मेयर परमिंदर कटारिया कहते हैं, ''हाइराइज का क्रेज बढ़ा है और अब ऐसी ही इमारतों का भविष्य है. निगम भी अपनी परियोजनाओं के जरिए शहर की ट्रैफिक समस्या को दूर करने, प्रदूषण मुक्त बनाने का काम कर रहा है.”

निश्चित तौर पर ट्रैफिक इस खूबसूरत शहर की रफ्तार को थामता है. प्रवीण कुमार कहते हैं, ''हमारी सड़कें विदेशों की तरह 150 मीटर, 84 मीटर चौड़ी हैं. लेकिन वाहनों की तेजी से बढ़ती संख्या ने समस्या बढ़ाई है. सिंगापुर जैसे देश में वाहनों की संख्या तय है और वहां नीलामी के जरिए नई गाड़ी सड़कों पर उतरती है. भारत में भी कुछ ऐसी ही नीति अपनानी होगी, वरना ट्रैफिक के झगड़े आने वाले समय में बढ़ेंगे.” हालांकि वे सार्वजनिक परिवहन को दुरुस्त करने को प्राथमिकता देते हैं. वे कहते हैं, ''हमने पिछले साल 100 नई लो-फ्लोर बसें उतारी हैं. रैपिड मेट्रो का 6 किमी का कॉरिडोर अगले दो महीने में शुरू होगा. दिल्ली की एयरपोर्ट मेट्रो की तर्ज पर इफको चौक से इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अलग लाइन की औपचारिकताएं पूरी होने को हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.”

पिछले एक साल में हुडा ने नया गुडग़ांव के 119 सेक्टर तक की रिहाइश और इन्फ्रास्ट्रक्चर की योजना का काम शुरू कर दिया है. गुडग़ांव में करीब 500 डेवलपर्स हैं, जिनमें 70 से 80 नामचीन डेवलपर्स शामिल हैं. हालांकि गुडग़ांव भूकंप के खतरे वाले सिसमिक जोन-4 में आता है, जबकि जोन-5 सबसे खतरनाक माना जाता है. इसलिए हुडा एडमिनिस्ट्रेटर कुमार बताते हैं, ''इस खतरे को देखते हुए जब तक डेवलपर्स सभी मापदंड पूरे नहीं करते, नक्शा पास नहीं होता.” लेकिन प्रतिष्ठित डेवलपर्स सुरक्षा के मापदंडों पर खास फोकस कर रहे हैं. डीएलएफ के नए प्रोजेक्ट सिटी स्काइकोर्ट को सिसमिक जोन-5 के खतरे को झेलने के अनुकूल बनाया जा रहा है.

गुडग़ांव का विकास उफान पर है, जहां हुडा प्रशासक अब भी सुधार की व्यापक संभावनाएं देख रहे हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सलाहकार शिव भाटिया गुडग़ांव की तस्वीर की बानगी को इस तरह समेटते हैं, ''गुडग़ांव सिर्फ हरियाणा ही नहीं देश का चेहरा है. सभी मल्टीनेशनल कंपनियां यहां से अपना काम कर रही हैं.”

गुडग़ांव की बदलती तस्वीर का असर इसकी कीमतों पर पडऩा लाजिमी है. पिछले तीन साल में यहां फ्लैट की कीमतों में ढाई गुना तो जमीन की कीमतों में तीन गुनी बढ़ोतरी हुई है. फ्लैट की कीमत 3,000 रु. से बढ़कर 7, 000 रु. प्रति वर्ग फुट हो गई है जबकि जमीन की औसत कीमत 2 करोड़ रु. से बढ़कर 6 करोड़ रु. प्रति एकड़ तक पहुंच गई है. हालांकि शहर में पानी और बिजली की समस्या है. लेकिन गगनचुंबी इमारतों में 24 घंटे पावर बैकअप ने खरीदारों के रुझन को कम नहीं किया है. गुडग़ांव के नए मास्टर प्लान में नया गुडग़ांव पर खास फोकस है, साथ ही ट्रैफिक की समस्या से निपटने की पहल हो रही है, जो शहर के आकर्षण को कम नहीं होने देगा.

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