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वायरल से कम क्या!

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को इस समय अफवाहों के फैलाव से तगड़ा सामना करना पड़ रहा है

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aajtak.in
रोमिता दत्ताकोलकाता, 24 March 2020
वायरल से कम क्या! सावन दत्ता, 49 वर्ष सोशल मीडिया शख्सियत और संगीतकार

बंगाली आंटी के नाम से लोकप्रिय सावन दत्ता के एक प्रशंसक ने 2 मार्च को अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के हाथ धोने संबंधी दिशानिर्देशों पर एक म्युजिक वीडियो बनाने को कहा. 8 मार्च को अपलोड होने के बाद से कोरोनावायरस सेफ्टी सांग 15,000 व्यूज पा चुका है. दत्ता कहती हैं, ''गाने लिखने के ऐसे चुनिंदा मौके गंवा देना मुझे पसंद नहीं. अपलोड होने के बाद से ही लोग मुझे इसके बारे में लिख रहे हैं. यह उन लोगों के अपने अनुभव साझा करने का एक मंच बन गया है.''

सोशल मीडिया पिछले कुछ दिनों से किस्से-कथाओं से लेकर उम्मीद के संदेशों तक का मंच बन गया है. कोरोना वायरस हैशटैग, पोस्ट और मीम उस पर छाए हुए हैं. गुप्त प्रयोगशालाओं, चमत्कारी उपायों और सरकारी साजिशों समेत अफवाहें भी कम नहीं हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को कहना पड़ा कि उसे अफवाहों की महामारी से भी जूझना पड़ रहा है.

फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर और टिकटॉक सबने मिलकर अफवाहें रोकने की कोशिशें तेज कर दी हैं. फेसबुक ने कहा कि वह वायरस खासकर कोविड-19 के नकली इलाज से संबंधित भ्रांत सूचनाएं हटा रहा है; ट्विटर पर किसी के कोरोना वायरस सर्च करने पर सबसे पहले डब्ल्यूएचओ की एडवाइजरी का लिंक खुलता है; यूट्यूब ने अपने हर वीडियो पर डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों का लिंक डाल रखा है; टिकटॉक भी अफवाहें रोकने में इस संगठन के साथ मिलकर काम कर रहा है.

लेकिन दूसरी ओर लोग ऐसे जेल और हर्बल उत्पादों के बारे में भी सूचनाएं पोस्ट कर रहे हैं, जिससे आसपास की सतहों को वायरसमुक्त रखने में और फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिल रही है. यानी ये प्लेटफॉर्म उपयोगी भी साबित हो रहे हैं.

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