एडवांस्ड सर्च

भिवाड़ी: मेट्रो शहरों की तर्ज पर

औद्योगिक शहर में जमीन की कीमत ज्यादा होने से बिल्डर हाइ-राइज की ओर बढ़े. लेकिन यहां दिल्ली-गुडग़ांव के इन्वेस्टर ज्यादा.

Advertisement
aajtak.in
संतोष कुमारनई दिल्‍ली, 12 March 2013
भिवाड़ी: मेट्रो शहरों की तर्ज पर भिवाड़ी

उद्योग नगरी के रूप में बसा राजस्थान का छोटा-सा इलाका भिवाड़ी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से रियल एस्टेट डेवलपर्स और निवेशकों की खास पसंद बन चुका है. जहां उद्योग ने जमीन की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया, तो डेवलपर्स ने भी रिहाइश के लिए गगनचुंबी इमारतों के निर्माण को ही अपना लिया.

हाइराइज का दौर इस इलाके में 10 साल पहले ही शुरू हुआ, लेकिन अब यह गुडग़ांव के बाद हॉट डेस्टिनेशन बन गया है. अर्बन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (यूआइटी) भिवाड़ी में तहसीलदार राजेश मेवाड़ा कहते हैं, ''योजनाबद्ध विकास के साथ यह इलाका गुडग़ांव का विकल्प बन चुका है.”

अलवर से 90 और गुडग़ांव से महज 40 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे-8 से सटा भिवाड़ी चारों ओर औद्योगिक केंद्रों से घिरा है, जिसमें खुशकेड़ा, टपूकड़ा और केहानी शामिल हैं. यह धारूहेड़ा, मानेसर और राजस्थान के इंडस्ट्रियल हब नीमराना से भी नजदीक है. खुद भिवाड़ी में सेंट-गोबेन, जगुआर, होंडा, हीरो, रेबैन जैसी नामचीन कंपनियां हैं. एवलोन होम्स की 14 मंजिला इमारत अब तक की सबसे ऊंची इमारत है, जिसके तीन टावर 12 मंजिला, तीन 14 मंजिला और एक टावर स्टुडियो अपार्टमेंट का है. सबसे ऊंची इमारत की लंबाई 44 मीटर है. तहसीलदार मेवाड़ा बताते हैं, ''अगर कोई मापदंड पूरा करता है तो हमारे यहां 120 मीटर तक बिल्डिंग बनाने की इजाजत है.”

लेकिन बुनियादी सुविधाओं मसलन, अच्छे स्कूल-कॉलेज, अस्पताल की कमी की वजह से यहां बिल्डर सिर्फ इंडस्ट्री में काम करने वालों के मकसद से ही हाइराइज बना रहे हैं. एवलोन होम्स के एस्टेट मैनेजर प्रमोद कुमार बताते हैं, ''यहां आसपास नौकरी करने वाले और दिल्ली के निवेशक हैं.”

भिवाड़ी की अंदरूनी सड़कों के बेहतर नहीं होने की वजह से डेवलपर्स के लिए अभी तक अलवर बाइपास ही हाइराइज का ठिकाना था, लेकिन यूआइटी की ओर से मास्टर प्लान 2031 में इसके लिए योजना बनाए जाने के बाद बीडीआइ डेवलपर्स ने अंदर की ओर रुख किया है. बीडीआइ के डायरेक्टर सुमित बेरी कहते हैं, ''न्यू यूआइटी सेक्टर-9 में नॉर्थ स्टार के नाम से 24 मंजिला इमारत बनने वाली हैं.”

भिवाड़ी में तीन दर्जन से ज्यादा डेवलपर्स हैं, जिनमें आशियाना, एवलोन, बीडीआइ, ओमैक्स, जेनसिस, टेरा, कृष आदि शामिल हैं. भिवाड़ी का विकास पूरी तरह से उद्योग आधारित है. लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी और पानी की निकासी की शाश्वत समस्या इसकी सबसे कमजोर कड़ी है. इसके बावजूद भिवाड़ी की कृषि और रिहाइशी जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. भिवाड़ी के सब-रजिस्ट्रार इंद्रजीत सिंह बताते हैं, ''रिहाइशी मकानों की कीमत में डेढ़ सौ गुना और कृषि जमीन में तीन सौ गुना इजाफा हुआ है.” यहां कृषि जमीन की कीमत 2.5 करोड़ रु. प्रति बीघा पहुंच चुकी है, तो फ्लैट की कीमत पिछले तीन साल में 1,650 रु. प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 2,850 रु. हो गई है. वे बताते हैं, ''अगले दो साल में भिवाड़ी राजस्थान का सबसे अच्छा शहर बनेगा. मुख्य सड़कों के बनते ही सोच से परे विकास होगा.”

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay