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व्‍यापक अर्थव्‍यवस्‍था: भरोसे की एक लंबी छलांग

पिछले पांच सालों में राज्य में 3 लाख करोड़ रु. मूल्य के प्रोजेक्ट या तो लागू किए जा चुके हैं या फिर लागू होने के विभिन्न चरण में हैं. 2010 में गोवा ने नए उद्योगों को पांच साल तक इनकम टैक्स से मुक्त कर दिया. इससे राज्य में 980 करोड़ रु. के निवेश प्रस्ताव आए हैं जिनसे 4,867 लोगों को नौकरी मिलेगी.

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aajtak.in
किरण तारे/भावना विज अरोड़ाभोपाल/पणजी, 06 November 2012
व्‍यापक अर्थव्‍यवस्‍था: भरोसे की एक लंबी छलांग शिवराज सिंह चौहान

एक अल्प विकसित जनजातीय राज्य से मजबूत अर्थव्यवस्था वाला एक अगुआ राज्य बनने तक की मध्य प्रदेश की तरक्की जैसी गाथा पहले शायद ही सुनी गई हो. राज्य ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान जबर्दस्त 10 फीसदी की वृद्धि हासिल की है. जाहिर है, यह 7.9 फीसदी के लक्ष्य से बहुत ज्यादा है. अब यह 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 12 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित करने को तैयार दिखता है.

वर्ष 2011-12 के दौरान राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 12 फीसदी रहा है. इससे पिछले साल के मुकाबले यह उछाल 4 फीसदी ज्यादा है. मुख्य रूप से कृषि की वजह से राज्य की अर्थव्यवस्था ऐसे समय में आगे बढ़ी है, जब देश की बढ़त दर ढलान की ओर है. राज्य में कृषि में असाधारण रूप से 18 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है. पिछले साल राज्य में सिंचित क्षेत्र 7 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 22 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा दिया गया.

वर्ष 2011-12 के दौरान मध्य प्रदेश में उद्योगों को भी जबर्दस्त प्रोत्साहन और बढ़त मिली है. इस दौरान राज्य में मैन्युफैक्चरिंग में 17 फीसदी के करीब और कुल औद्योगिक वृद्धि 8 फीसदी दर्ज की गई है, जिससे नौकरियों के अवसर बढ़े हैं. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब 12 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है और राज्य की वृद्धि में 48 फीसदी की भागीदारी करने वाले सर्विस सेक्टर में पूरे 9.4 फीसदी की बढ़त हुई है.

राज्य ने औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2010 के तहत कारोबारियों को व्यापक तरह के वित्तीय नीति प्रोत्साहन दिए हैं, जिसकी वजह से राज्य में औद्योगिक निवेश आकर्षित होने लगा है. पिछले पांच वर्षों में 3 लाख करोड़ रु. के प्रोजेक्ट या तो लागू किए जा चुके हैं या लागू होने के विभिन्न चरणों में हैं.SOS economy

इंदौर में 28 से 30 अक्तूबर तक आयोजित तीसरे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 93,398 करोड़ रु. मूल्य के 269 सहमति पत्रों पर दस्तखत किए गए हैं. अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने घोषणा की है कि उनका समूह मध्य प्रदेश में बिजली और सीमेंट के क्षेत्र में पहले प्रस्तावित 30,000 करोड़ रु. के अलावा 20,000 करोड़ रु. का और निवेश करेगा.

प्रॉक्टर ऐंड गैंबल के सीईए शांतनु खोसला ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी मध्य प्रदेश में हेल्थकेयर के क्षेत्र में 1,000 करोड़ रु. का निवेश करेगी. एस्सार ग्रुप के चेयरमैन शशि रूइया बताते हैं कि उनकी कंपनी राज्य में बिजली क्षेत्र में 6,000 करोड़ रु. का निवेश कर चुकी है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने घोषणा की है कि वह 550 करोड़ रु. के शुरुआती निवेश से इंदौर में आइटी और बीपीओ के लिए इंटीग्रेटेड कैंपस बनाएगी. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं, ‘‘दुनिया भर में छाई आर्थिक मंदी के बावजूद निवेशक मध्य प्रदेश में निवेश के लिए कतार लगाए हुए हैं. राज्य में निवेश करने को लेकर घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निवेशक जिस तरह से पूछताछ कर रहे हैं, उसे देखकर मैं अभिभूत हैं.’’

गोवा
सबसे ज्यादा सुधार वाला छोटा राज्य
नौकरियों की बरसात
दो साल पहले 25 वर्षीय रहमान शेख कर्नाटक के अपने होम टाउन बेलगांव से नौकरी की तलाश में पणजी आए. अब वे यहां के होटल नियो मैजेस्टिक में ड्राइवर हैं, महीने में 6,000 रु. से ज्यादा कमा लेते हैं, जो बेलगांव में होने वाली उनकी कमाई से करीब 4,000 रु. ज्यादा है. शेख नौकरी चाहने वाली उस युवा पीढ़ी का हिस्सा हैं जो गोवा को अपना ठिकाना बना रहा है.

गोवा सरकार की 2010 की नीति में नए उद्योगों को पांच साल तक इनकम टैक्स न देने की छूट दी गई है और यह काफी कारगर साबित हुआ है. नवंबर,  2011 तक यहां 409 उद्यमियों ने करीब 980 करोड़ रु. मूल्य के निवेश प्रस्ताव जमा किए हैं जिनसे यही कोई 4,867 नौकरियों का सृजन हो सकता है. निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने वाली उच्च स्तरीय समन्वय समिति ने नवंबर, 2011 तक 21 इकाइयों को हरी झंडी दिखाई है जिनसे 2,054 लोगों को नौकरी मिलेगी.

राज्य ने वर्ष 2011 में सर्विस सेक्टर में 20 फीसदी की बढ़त हासिल की है जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है. राज्य सरकार ने रूस और ब्रिटेन में पर्यटन मेलों का आयोजन किया है. पर्यटन पर जोर देने और कसीनो को बढ़ावा देने से राज्य को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 10 फीसदी की बढ़त करने में मदद मिली है.

राज्य की जीडीपी 2011 के 20,922 करोड़ रु. की तुलना में वर्ष 2012 में 25,000 करोड़ रु. तक पहुंच गई. राज्य में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से बुनियादी ढांचे में भी सुधार की प्रेरणा मिली है. होटलों की क्षमता में वर्ष 2010 से 2011 के बीच 3,000 बेड की बढ़त हुई है. वर्ष 2011-12 में गोवा को पर्यटन से 600 करोड़ रु. की कमाई और राज्य में स्थित 21 कसीनो से 300 करोड़ रु. की कमाई हुई है. इन कसीनो के साथ मुफ्त में ट्रांसपोर्ट और ठहरने के आकर्षण की वजह से बहुत से पर्यटक इनमें आते हैं.SOS Economy

कुछ कसीनो ने तो बच्चों के लिए भी प्ले सेंटर खोल दिए हैं. गोवा के सबसे बड़े तटीय कसीनो प्राइड के इंचार्ज श्रीनिवास नायक कहते हैं, ‘‘हम इस बात का पुख्ता इंतजाम करते हैं कि हमारे ग्राहकों के बच्चे सुरक्षित रहें ताकि वे गैंबलिंग में ज्यादा समय लगा सकें.’’

वर्ष 2011 में 2,00,000 अनिवासी भारतीयों ने अपने घर 1,000 करोड़ रु. भेजे जिससे यहां की बैंकिंग और बचत व्यवस्था मजबूत हुई. वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक गोवा में 568 चालू बैंक कार्यालय थे और यहां की घरेलू बचत में 17 फीसदी की बढ़त हुई. गोवा की प्रति व्यक्ति आय 2004 से ही लगातार पूरे देश में शीर्ष पर बनी हुई है. वर्ष 2011 में पूरे भारत की प्रति व्यक्ति आय 53,331 रु. थी, जबकि गोवा की प्रति व्यक्ति आय 1,68,572 रु. थी. इससे पता चलता है कि सिर्फ बालू और समुद्री लहरें ही यहां के आकर्षण नहीं हैं.

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