एडवांस्ड सर्च

चीन में तिब्बती डिजाइनर

32 वर्षीया अज नमो कहती हैं कि ''मैंने उसे गाने के लिए कहा था, क्योंकि तिब्बती संस्कृति में लोगों को शांति और आनंद का अनुभव कराने की क्षमता है. प्रार्थना सुनाने से मदद मिली, क्योंकि इसने दर्शकों को आकर्षित किया.

Advertisement
अनंत कृष्णननई दिल्ली, 07 November 2017
चीन में तिब्बती डिजाइनर अज नमो

इस वर्ष की शुरुआत में अज नमो पहली तिब्बती फैशन डिजाइनर के रूप में चीनी फैशन वीक के लिए चुनी गईं, जो देश का सबसे बड़ा फैशन शो है. लेकिन जब आयोजकों ने उनके लिए मॉडलों की पेशकश की, जिनमें कुछ चीन की नामचीन भी थीं, तो उन्होंने मना कर दिया.

उन्होंने तिब्बत के निकट पश्चिमी सिचुआन में स्थित एक छोटे-से मैदानी कस्बे और अपने गृहनगर कांग्बा से कुछ युवा तिब्बतियों का चयन किया. यही नहीं, उन्होंने चमकीली रोशनी और तेज संगीत के साथ पारंपरिक भव्य फैशन शो के उद्घाटन से भी मना कर दिया, जिसे चीन के लोग पसंद करते हैं. इसकी बजाए उनकी बड़ी बहन केल्संग ने एक बौद्ध प्रार्थना गाई.

32 वर्षीया अज नमो कहती हैं कि ''मैंने उसे गाने के लिए कहा था, क्योंकि तिब्बती संस्कृति में लोगों को शांति और आनंद का अनुभव कराने की क्षमता है. प्रार्थना सुनाने से मदद मिली, क्योंकि इसने दर्शकों को आकर्षित किया." जब 13 वर्ष पहले अज नमो बीजिंग गई थीं, तो वहां केवल सरकारी छात्रवृत्ति पाने वाले तिब्बती छात्र या विस्थापित चरवाहे ही थे, जो शहर की सड़कों पर हस्तशिल्प बेचकर गुजारा करते थे. चीन में करीब 60 लाख तिब्बती हैं, जो वहां की 1.4 अरब आबादी (जिनमें 90 फीसदी से ज्यादा हान चीनी हैं) का मात्र आधा फीसदी है.

अज नमो ने तेजी से गायिका के रूप में शोहरत हासिल की और ऐसे वक्त में टेलीविजन पर आईं, जब चीनी दर्शकों ने जातीय अल्पसंख्यक समूहों की कला और संस्कृति पर ध्यान देना शुरू किया. अब जबकि चीन के कई तिब्बतियों में अपनी संस्कृति और पहचान की भावना के कमजोर पडऩे की चिंता है, वे भी युवा तिब्बतियों में अपनी जड़ों को फिर से तलाशने की व्यापक तड़प देखती हैं.

वे बताती हैं, युवा तिब्बतियों को यह एहसास हुआ है कि उनकी संस्कृति के कई हिस्से गायब हैं और वे उन्हें फिर से तलाशने की कोशिश कर रहे हैं. स्थापित गायिका और उभरती फैशन डिजाइनर के रूप में अज नमो खुद को बीजिंग में तिब्बती संस्कृति के दूत के रूप में देखती हैं. वे तिब्बतियों और उनकी संस्कृति के प्रति चीनियों की धारणाओं को बदलना चाहती हैं, जो उन्हें पिछड़ा मानते हैं. इसके लिए यह सही समय भी है, क्योंकि बड़ी संक्चया में युवा हान चीनी ''खुद की तलाश" के लिए तिब्बत की यात्रा कर रहे हैं और फैशन वीक के लिए उनका चयन हुआ है.

—अनंत कृष्णन

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay