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नवाजुद्दीन सिद्दीकीः ख्याति और कुख्याति

बिक्री के लिए नहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एनएसडी से लेकर हिंदी फिल्मी दुनिया तक अपने सफर की कहानी (बाजार से हटा ली गई) को बयान किया है.

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जैसन ओवरढॉर्फ और सुकांत दीपकGhaziabad, 07 November 2017
नवाजुद्दीन सिद्दीकीः ख्याति और कुख्याति नवाजुद्दीन सिद्दीकी

प्रतिक्रिया शुरू होने से पहले ही ऐसा लगता है कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपने संस्मरण, जिसे अब वापस ले लिया गया है, के कुछ खुलासों पर पश्चाताप करने लगे थे. शायद उन्हें किसी ने बता दिया था कि उनकी दो पूर्व गर्लफ्रेंड इस बात से खफा हैं कि उन्हें इस किताब में किस तरह से दर्शाया गया है. या शायद खुद ही उनकी राय इस पर बदल गई हो कि उन्हें कितना खुलासा करना चाहिए था. निजता और रिश्ते के लिए यह मुश्किल दौर है.

नवाजुद्दीन इंडिया टुडे से कहा, ''यह तथ्य कि शायद मैं अपने करीबी लोगों पर वार करने जा रहा हूं—परिवार से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक—मेरे दिमाग में तब से था, जबसे इस पर काम शुरू किया." किताब आने के कुछ समय बाद ही सुनीता राजवार, जिन्हें सिद्दीकी अपना पहला प्यार बताते हैं, फेसबुक के जरिए उन पर टूट पड़ीं.

मिस लवली की उनकी कोस्टार निहारिका सिंह ने आरोप लगाया कि साल 2009 के उनके संक्षिप्त रिश्ते में मिर्च-मसाला लगाया गया है ताकि एक सुस्त-सी कहानी में तड़का लग सके. इसकी वजह से नवाज को आखिरकार झुकना पड़ा और माफी मांगते हुए उन्होंने किताब दुकानों से वापस ले ली.

नवाज कहते हैं कि उनका इरादा किताब में सब कुछ बताने या सफलता की कहानी बताने का नहीं था. वे बस यह कहानी बताना चाहते थे कि उत्तर प्रदेश के छोटे से कस्बे से निकलकर वे किस तरह संघर्ष कर आगे बढ़े. दर्द, कुंठा और हताशा इतनी आसानी से उनके रास्ते से दूर नहीं हुई थी. उन्होंने कई ऐसी अनुभवों को साझा किया है, जिन्हें वे अपनी स्मृतियों के ब्लैक बॉक्स में ही रखना चाहते थे.

''भावनाओं को चोट पहुंचाने" के लिए माफी मांगने के उनके ट्वीट से यह अंदाजा भी लगता है कि वे असहज सांप्रदायिक टिप्पणियों का भी शिकार हुए हैं. लेकिन राजवार और निहारिका ने जिन आपत्तियों को सार्वजनिक किया है, उससे ऐसा लगता है कि उन्होंने व्यक्तिगत चोट ज्यादा पहुंचाई है.

ऐसे ही एक गुस्से भरे पोस्ट में ''मर्यादा की रेखा लांघने" का आरोप लगाते हुए राजवार ने नवाज के इस दावे पर आपत्ति की है कि उन्होंने उनसे इसलिए किनारा कर लिया, क्योंकि उनका करियर परवान नहीं चढ़ पा रहा था. राजवार ने लिखा है, ''मैंने आपसे रिश्ता इसलिए तोड़ा था, क्योंकि आप रिश्ते का मजाक बना रहे थे, आप हमारी व्यक्तिगत जानकारियां हमारे साझा दोस्तों तक पहुंचा रहे थे."

निहारिका ने एक सार्वजनिक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने और गहरी चोट की है. उन्होंने कहा कि नवाज ने बेडरूम में उनके व्यवहार के बारे में झूठ बोला है या गलत तरीके से पेश किया है. उन्होंने कहा, ''उन्होंने जब मुझे एक ऐसी औरत के रूप में दर्शाया है जो अपने बेडरूम में कैंडल्स के साथ लुभाती है या बेसब्री से उन्हें पुकारती है या उनकी तरफ से दूसरी औरतों को मेल करती है, तो इस पर मैं सिर्फ हंस सकती थी. साफ तौर से उनका उद्देश्य अपनी किताब बेचना था और ऐसा लगता है कि सिर्फ इसके लिए वे औरतों का शोषण या उनका असम्मान करने के लिए भी तैयार हैं."

विवाद जितनी तेजी से फैला उसी तेजी से नवाज पीछे भी हट गए. यहां किए गए दावे उनकी तुलना में तो कुछ भी नहीं है जिन्होंने जॉर्ज डब्ल्यू बुश से लेकर केविन स्पेसी  जैसे ताकतवर लोगों को नुक्सान पहुंचाया  था या हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वेइन्स्टीन पर यौन उत्पीडऩ और यौन हमले के आरोप लगाए. लेकिन यहां भी निजता, औरत की यौनिकता और जनता की अदालत जैसे मामले गुंथे हुए हैं.

सच यह है कि संस्मरण लिखना कभी भी एक अच्छा विचार नहीं रहा. निश्चित रूप से बॉलीवुड तो गॉसिप के भरोसे ही चलता है, लेकिन यह आम समझ है कि गॉसिप कभी भी इसमें शामिल पक्षों के बयान के साथ पुष्ट नहीं किए जाते. (कंगना रनोट का ही मामला देख लें).

बवाल से पहले नवाज ने कहा था कि सह-लेखक रितुपर्णा चटर्जी के इस बारे में संपर्क करने से पहले उन्होंने कभी भी किताब लिखने के बारे में नहीं सोचा था. उन्होंने इसे एक ''रोचक और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट के रूप में लिया."

एक अलग तरह के इंटरव्यू में 43 साल के इस ऐक्टर ने इस बारे में बात की थी कि कैसे संघर्ष के दिनों में उनके पास मकान का किराया देने के पैसे नहीं थे, सालों तक कोई काम नहीं था और पहली बार उन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्म ब्लैक फ्राइडे में मिली एक छोटी-सी भूमिका से अपनी छाप छोड़ी थी. बिना तैयारी के हुई इस खुली बातचीत में उनमें कहीं भी अहंकार नहीं दिखा. साथ ही, संभवतः ''स्टार कल्चर" के प्रति उनके मन में एक चिढ़ भी रही है.

उन्होंने कहा था, ''मैं वैकल्पिक सिनेमा ऐक्टर नहीं कहलाना चाहता. मैं ऐसे किसी भेदभाव को नहीं मानता." उन्हें इस बात की भी चिंता थी कि दुश्मन बनाने के साथ ही, किसी संस्मरण को प्रकाशित करना अपनी विजय की समय से पूर्व घोषणा जैसा है. उन्होंने कहा, ''मुझे कोई भ्रम नहीं है. मुझे वास्तव में यह नहीं लगता कि अभी तक मैंने कुछ महत्वपूर्ण हासिल कर लिया है."

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