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पहले से बेहतर है महिलाओं की स्थितिः विद्या बालन

यह सुलोचना है जो कि एक गृहिणी है और लेट नाइट एक रेडियो जॉकी का जॉब करती है. उसका मंत्र है—वह कोई भी काम कर सकती है. वह मेरी तरह हमेशा खुश रहती है. तुम्हारी सुलू, रेडियो जॉकी, सुपरवुमेन, महिला शोषण पर, विद्या बालन

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aajtak.in
मंजीत ठाकुर 31 October 2017
पहले से बेहतर है महिलाओं की स्थितिः  विद्या बालन विद्या बालन

तुम्हारी सुलू में सुलू कौन है?

यह सुलोचना है जो कि एक गृहिणी है और लेट नाइट एक रेडियो जॉकी का जॉब करती है. उसका मंत्र है—वह कोई भी काम कर सकती है. वह मेरी तरह हमेशा खुश रहती है.

लगे रहो मुन्ना भाई के बाद दूसरी बार रेडियो जॉकी की भूमिका में?

पहले गुड मॉर्निंग कहकर जगाती थी, अब हेलो कहकर रिझाती हूं. साड़ी वाली इस रेडियो जॉकी का आइडिया पसंद आया.

सुलू क्या सुपरवुमन है?

हर गृहिणी सुपरवुमन है. बेहतर टर्म हाउसमेकर है. जेनरेशन बदल रहा है तभी तो तुम्हारी सुलू जैसी कहानी लिखी जा रही है. महिलाओं को भी अपनी वैल्यू का एहसास होने लगा है.

आपने परदे पर दमदार महिला किरदारों को निभाया है. देश की महिलाओं की स्थिति को किस तरह से देखती हैं?

देश की महिलाओं की स्थिति पहले से बेहतर है. पहले महिलाएं बाहर नहीं आती थीं. बातें भी बाहर आने लगी हैं.

महिला शोषण रोकने के लिए कैसे कदम उठाने चाहिए?

वक्त लगेगा. रातोरात बदलने वाला नहीं है. पुरुष और महिला दोनों बराबर हैं, यह बचपन से बच्चों को सिखाया जाए. शारीरिक फर्क है दोनों में. यह फर्क होना जरूरी है दुनिया को आगे बढाने के लिए.

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