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''दिल में उतर गया ये ब्लैकमेलर''

इरफान के साथ दो फिल्में करने और उन्हें गुरु मानने वाले अरुणोदय कहते हैं गलत फिल्मों में काम करके कोई फायदा नहीं. बदनाम होने से अच्छा है कम काम.

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aajtak.in
मंजीत ठाकुर/ संध्या द्विवेदी मुबंई,दिल्ली, 17 April 2018
''दिल में उतर गया ये ब्लैकमेलर'' अरुणोदय सिंह ने इरफान खान के साथ ब्लैकमेल में अदाकारी के जलवे दिखाए हैं

छह फुट तीन इंच का रंजीत अरोड़ा "ब्लैकमेल '' में ऐसा शख्स है जो अपनी बीवी से खौफ खाता है. वजहः क्योंकि उसे अपनी बीवी से प्रेम नहीं है, बल्कि उसके पैसे से प्यार है. रंजीत का किरदार फिल्म के आगे बढ़ने के साथ ही जेहन में उतरता जाता है, और उसका शातिर किरदार दिलोदिमाग पर छा जाता है.

रंजीत के चेहरे पर हमेशा शरारत भरी मुस्कान तैरती रहती है और यह उनके किरदार को और दमदार बनाती है. हम बात कर रहे हैं अरुणोदय सिंह की, जिन्होंने रंजीत की दमदार भूमिका निभाई है. अरुणोदय मध्य प्रदेश के रसूखदार राजनैतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं, पर उनकी दिलचस्पी ऐक्टिंग में थी सो उन्होंने अपनी अलग राह चुनी.

अरुणोदय कहते हैं, "मेरे पिताजी कमाल के आदमी हैं, और उन्होंने हमें अपनी मर्जी का करने की आजादी दी है.'' तभी तो अरुणोदय को ऐक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का शौक पैदा हुआ. अरुणोदय खुद ही बताते हैं कि उन्होंने जब हॉलीवुड ऐक्टर मर्लिन ब्रांडो की फिल्म " ऑन द वॉटरफ्रंट'' देखी तो वे इसके कायल हो गए और उन्होंने ठान लिया कि अब उन्हें ऐक्टर बनना है.

अरुणोदय सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अर्जुन सिंह के पोते हैं. मध्य प्रदेश के चुरहट में जन्मे अरुणोदय की स्कूली शिक्षा कोडईकैनाल के बोर्डिंग स्कूल में हुई और वे स्कूल के समय से ही परफॉर्मिंग आर्ट्स में दिलचस्पी लेने लगे थे.

उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी से कोर्स किया और उसके बाद न्यूयॉर्क ऐक्टिंग स्टुडियो के साथ जुड़ गए. वे रंगमंच करते रहे और ऐक्टिंग में अपने हाथ मांजते रहे.

उसके बाद वे मुंबई में फिल्मों में हाथ आजमाने आ गए और बॉलीवुड में 2009 में सिकंदर उनकी पहली फिल्म थी. अरुणोदय बताते हैं, "मैं सुधीर मिश्र के पास किसी काम से गया था और उन्होंने मुझे सिकंदर के बारे में बताया जिसे वे प्रोड्यूस कर रहे थे.

रोल अच्छा था और स्क्रिप्ट भी. इस तरह मैंने वह फिल्म कर ली.'' फिल्म कश्मीर को लेकर थी. उसके बाद अरुणोदय सोनम कपूर के साथ आयशा (2010) फिल्म में नजर आए. आयशा में उनका छोटा लेकिन मजेदार रोल था और उसे काफी पसंद भी किया गया था.

उनके करियर में ये साली जिंदगी (2011) ने अहम भूमिका निभाई और उसमें वे इरफान खान के साथ थे. इरफान के साथ वे दो फिल्में कर चुके हैं. ब्लैकमेल में भी इरफान खान हैं. कहते हैं, "इरफान खान को मैं गुरु मानता हूं. उनको देखकर काफी कुछ सीखा है. जब वे सेट पर होते हैं तो बहुत ही सहज होते हैं और मन करता है उनको सुनते ही रहो.''

अरुणोदय मोएंजोदरो, जिस्म 2 और मैं तेरा हीरो जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं लेकिन वे चुनिंदा काम करने में ही यकीन करते हैं. वे कहते हैं, "अगर गलत फिल्मों में काम करते हैं तो कोई फायदा नहीं है.

बदनाम होने से तो कम काम करना अच्छा है.'' तभी तो ब्लैकमेल के लिए उन्होंने दो बार ऑडिशन दिया. वे बताते हैं, "मुझे दिव्या दत्ता से पैसे मांगने वाले सीन को ऑडिशन में करना था. मैंने पहली बार किया और जब दूसरी बार किया तो उसमें पूरी तरह उतर चुका था.''

अरुणोदय का कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं रहा है और किसी बाहरी के लिए बॉलीवुड में पैर जमाना कितना मुश्किल होता है, इस पर वे कहते हैं, "थोड़ी जानकारी जुटानी पड़ती है, नंबर ढूंढने पड़ते हैं. लेकिन आखिर में टैलेंट के बल पर ही आप टिके रह सकते हैं क्योंकि परिवार का नाम शुरू में मदद कर सकता है. आखिर में टैलेंट ही मायने रखता है.''

वे कम फिल्में करते हैं और उन्हें फिल्में करने की कोई जल्दबाजी नहीं है. वे कहते हैं, "मैं डायरेक्टर्स ऐक्टर हूं. इसलिए मैं तलाश कर रहा हूं अच्छे डायरेक्टर्स की, और जब भी कुछ जमेगा तो जरूर करूंगा.'' उनका कहना एकदम सही है, बदनाम होने से अच्छा तो कम काम है. फिलहाल तो ब्लैकमेलर दिलों में उतर रहा है.

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