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रोंजन सिंह सोढी: ओलंपिक खेलों में बहुत दबाव होता है

''ओलंपिक खेलों में दबाव बहुत ज्‍यादा होता है, इसलिए स्कोर अपेक्षाकृत कम होता है. मैं विश्व रिकॉर्ड बनाने के बारे में नहीं सोच रहा, लेकिन मेरे मन में स्कोर को लेकर जो बात बैठी है, अगर मैंने वह हासिल कर ली तो भारत मेडल जरूर जीतेगा.''
रोंजन सिंह सोढी: ओलंपिक खेलों में बहुत दबाव होता है रोंजन सिंह सोढी
आजतक वेब टीमनई दिल्‍ली, 03 August 2012

रोंजन सिंह सोढी, 33 वर्ष
डबल ट्रैप शूटिंग
फिरोजपुर, पंजाब
खेल की शैली भारत-पाकिस्तान की सीमा पर बंदूक की गोली हमेशा विवाद को जन्म दे, ऐसा जरूरी नहीं. रोंजन सोढी की निजी शूटिंग रेंज पंजाब के सीमावर्ती गांव सोढी नगर में स्थित है. रोंजन ने 2008 में बेलग्रेड में आयोजित इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आइएसएसएफ) वर्ल्ड कप में इटली के  डी.आइ. स्पाइनो के 194/200 के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की थी.

खास है 2008 में बीजिंग में आइएसएसएफ वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीतकर लंदन ओलंपिक में प्रवेश हासिल किया. सोढी लंबे समय तक अभ्यास करते हैं. उन्होंने पिछले तीन साल से अपना खेल लगातार मजबूत बनाए रखा है. यही वजह है कि इस साल आइएसएसएफ के सुपर 25 की सूची में उन्हें दूसरा स्थान मिला है. 

चुनौतियां डबल ट्रैप शूटिंग एक आउटडोर प्रतिस्पर्धा है, लिहाजा मुकाबले के दौरान सोढी को हवा की गति और उसकी दिशा के साथ तालमेल बिठाना होगा.

मिशन ओलंपिक सोढी ने 19 बार आइएसएसएफ वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है और तीन गोल्ड मेडल, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए हैं. वे पिछले तीन साल से इटली के बोलोना में कोच मार्सेलो द्राडी से प्रशिक्षण ले रहे हैं.

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