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गंगा किनारे सियासत गर्म

इधर केंद्र से आर्थिक सहायता मिलने में देरी हो रही है, वहीं अर्धकुंभ का वक्त पास आता जा रहा है, ऐसे में यह आयोजन उत्तराखंड सरकार के लिए स्वाभिमान का सवाल बन गया है.

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aajtak.in
अखिलेश पांडे 12 May 2015
गंगा किनारे सियासत गर्म

उत्तराखंड में पवित्र गंगातीर्थ में होने वाले अर्धकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं. साथ ही राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी के बीच सियासत तेज हो गई है. 2 मई को कांग्रेस सरकार ने बाकायदा हरिद्वार की हर की पैड़ी में कैबिनेट की बैठक कर अर्धकुंभ से जुड़ी योजनाओं पर स्वीकृति की मुहर लगाई. मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार के सभी साधु-संतों और अखाड़ों को इस आयोजन में शामिल किया. बैठक से पूर्व उन्होंने साधु-संतों और अखाड़ों के भी सुझाव आमंत्रित किए.

राज्य सरकार अभी तक केंद्र से अर्धकुंभ के लिए एक हजार करोड़ रु. देने की मांग कर रही थी. इस बाबत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से लेकर वित्त मंत्री और जलसंसाधन और गंगापुनरुद्धार मंत्री तक से गुहार लगाई. केंद्र के गठित नए नीति आयोग से भी अर्धकुंभ के लिए सहायता देने को कहा गया. लेकिन मुख्यमंत्री के मुताबिक, अभी तक केंद्र ने कोई पैसा मंजूर नहीं किया है जबकि विपक्ष कह रहा है कि नीति आयोग ने 166 करोड़ रु. स्वीकृत कर दिए हैं. इसके जवाब में मुख्यमंत्री रावत कहते हैं, ''यह सिर्फ सैद्धांतिक स्वीकृति है. कई बार कहने पर नीति आयोग ने पैसे देने की मंजूरी जरूर दी है, लेकिन वह कब तक आएगा, यह पता नहीं है. ''

अर्धकुंभ को लेकर अब सरकार ने अपने ही संसाधनों से इसे एक यादगार आयोजन बनाने के लिए कमर कस ली है. हरिद्वार में कैबिनेट बैठक में न केवल 98 करोड़ रु. के कामों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी, बल्कि 150 करोड़ रु. के अन्य कामों की सूची मई के अंत तक पूरी किए जाने की संभावना है. मुख्यमंत्री का दावा है कि 15 जनवरी तक अर्धकुंभ से संबंधित सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे, ''यह अर्धकुंभ आयोजन प्रदेश के स्वाभिमान से जुड़ा है. इसे हर हाल में संपन्न कराया जाएगा. ''
विपक्ष ने हरिद्वार में आयोजित कैबिनेट बैठक को फिजूलखर्जी और नौटंकी करार दिया है. 2 मई को कैबिनेट स्थल पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काला फीता बांधकर प्रदर्शन भी किया. चंडीघाट पुल पर बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस सरकार की इस कैबिनेट बैठक को ड्रामा कहकर प्रदर्शन करते रहे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय कहते हैं, ''नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री की तरह नहीं बल्कि बीजेपी कार्यकर्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं. '' उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के साथ केंद्र कदम-कदम पर नाइंसाफी कर रहा है. हरिद्वार के साधु-संतों और अखाड़ों ने भी मुख्यमंत्री की पहल का स्वागत किया है. अखाड़ों और साधु-संतों से मुख्यमंत्री ने धर्मसत्ता का आशीर्वाद मांगकर उन्हें आश्वस्त किया है कि हरिद्वार के इस अर्धकुंभ के आयोजन में सरकार कोई कमी नहीं रखेगी.

कांग्रेस सरकार की मंत्रिमंडलीय बैठक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के देहरादून आगमन की पूर्व संध्या पर आयोजित की गई थी. इस बात को लेकर भी विपक्ष में नाराजगी थी. विपक्ष के बैठक पर नौटंकी और फिजूलखर्ची का आरोप लगाए जाने के जवाब में हरीश रावत कहते हैं, ''विपक्ष इस मसले पर राजनीति करने की बजाए अमित शाह से अर्धकुंभ और चारधाम यात्रा के लिए राज्य को कुछ सहायता दिलवा सकता तो बेहतर होता. ''

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