एडवांस्ड सर्च

केदारनाथ: विकास कार्य पर सियासत

केदारनाथ में दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन आपसी खींचतान का दौर भी जारी. दूर पहाड़ों पर मजदूर रास्ते बना रहे हैं लेकिन देहरादून में नेता सियासत में व्यस्त

Advertisement
aajtak.in
अखिलेश पांडे 22 September 2015
केदारनाथ: विकास कार्य पर सियासत केदारपुरी में बड़े पैमाने पर चल रहा है निर्माण कार्य

उत्तराखंड के केदारनाथ में 2013 में आई प्राकृतिक आपदा ने जन-जीवन की दिशा ही बदल दी थी. इतनी भयावह आपदा के बाद लोग यह उम्मीद ही खो बैठे थे कि अब केदारपुरी पहले की तरह कभी गुलजार हो पाएगी. लेकिन फिर से निर्माण का काम शुरू हुआ और अब नई केदारपुरी आकार ले रही है. केदारनाथ में दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. आपदा से पूर्व केदारनाथ मंदिर के मार्ग के दोनों ओर दुकानें, मकान और होटल थे. अब इन्हें हटाने का काम चल रहा है. मई तक नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (निम) ने दो दर्जन घर, दुकान और होटल तोड़ डाले थे. आपदा में केदारनाथ से सटे 120 भवन क्षतिग्रस्त हुए थे. उनमें से 70 परिवारों को प्रदेश सरकार ने अन्यत्र बसाने के लिए राजी कर लिया है.

 निर्माण के काम में लगी एजेंसियों का दावा है कि अक्तूबर तक दूसरे चरण का काम पूरा हो जाएगा. राज्य सरकार ने इस अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में निर्माण की जिम्मेदारी उत्तरकाशी स्थित निम को सौंपी है. यह वही संस्थान है, जिसने पिछले साल शून्य से भी कम तापमान में भी यात्रा शुरू होने से पहले बहुत कम समय में जरूरी सुविधाएं खड़ी कर दिखाई थीं. इन दिनों तकरीबन 2,000 मजदूर दिन-रात काम में जुटे हुए हैं. निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे निम के प्रमुख कर्नल अजय कोठियाल कहते हैं, ''पहाड़ी रास्ते, दूरियां और खराब मौसम की वजह से यह काम आसान नहीं है. लेकिन फिर भी हमारी कोशिश है कि समय सीमा के भीतर सारे काम खत्म हो जाएं. ''

भूमि अधिग्रहण का काम पूरा

दूसरे चरण में केदारनाथ में मंदाकिनी और सरस्वती नदियों के संगम पर घाट निर्माण का काम जोरों पर है. मंदिर पथ निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी पूरा हो गया है. मंदिर के दोनों ओर दूर-दूर तक फैले हुए आपदा के मलबे की सफाई का काम अब अपने अंतिम चरण में है. सरकार ने अब मंदिर के दोनों तरफ  30 फुट तक कोई निर्माण नहीं करने का फैसला लिया है. मंदिर के लिए एलीवेटेड मार्ग का निर्माण भी अक्तूबर तक पूरा होने की संभावना है. प्रशासन ने केदारपुरी के लगभग 327 परिवारों के साथ अनुबंध कर मंदिर के चारों तरफ की भूमि का अधिग्रहण कर लिया है.

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण के लिए 17.50 करोड़ रु. स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 9.65 करोड़ रु. जमीन मालिकों को वितरित किए जा चुके हैं. राज्य के मुख्य सचिव राकेश शर्मा कहते हैं, ''पुनर्निर्माण में तेजी लाने के लिए अब निम के साथ-साथ स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स की भी मदद ली जा रही है. '' केदारनाथ अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में दो नदियों के संगम पर पहली बार घाट का भी निर्माण किया जा रहा है. यह इतनी ऊंचाई पर बना पहला घाट होगा. कुछ तीर्थपुरोहित घाट के वास्तुशास्त्र से सहमत नहीं थे. उनका तर्क था कि दक्षिण-पश्चिम दिशा में हो रहा निर्माण वास्तुशास्त्र के अनुसार अशुभ है. लेकिन निम ने वास्तुशास्त्र के मुताबिक डिजाइन में फेरबदल कर दिया.

केदार पर गर्म राजनीति

काम तो अपनी गति से चल ही रहे हैं, लेकिन उसे लेकर राजनीति भी कम नहीं हो रही. आर्थिक संकट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत कहते हैं, ''पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य के लिए केंद्र सरकार ने तीन साल का पैकेज स्वीकृत किया था. पैकेज की बची हुई 1,200 करोड़ रु. की राशि अभी प्राप्त होनी है. '' पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऋषिकेश यात्रा के दौरान हरीश रावत ने उन्हें केदारनाथ आने का निमंत्रण दिया था. अब वे राज्य के बीजेपी सांसदों की इस बात के लिए आलोचना कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री के आने पर वे मौन क्यों रहे. रावत कहते हैं, ''पांचों सांसद प्रधानमंत्री से कोई घोषणा करवाकर उनके राज्य के पहले दौरे का लाभ ले सकते थे, लेकिन राज्यहित के सवाल पर इन्होंने चुप्पी साधे रखी. '' हरीश रावत ने कुछ व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, ''इटली से आकर एक बुजुर्ग व्यक्ति केदारनिर्माण में अपना सहयोग देने के लिए केदारनाथ में जम सकता है, लेकिन यहां के लोगों के चुने गए प्रतिनिधि इस क्षेत्र के हित को लेकर अपने ही प्रधानमंत्री से कुछ नहीं कह सकते. इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा. ''

नेता टिप्पणियों में व्यस्त हैं और लोग चाहते हैं कि उनकी आस्था और जिंदगी के आशियाने फिर से बस जाएं. उन्हें इस बात से मतलब नहीं कि नेताओं ने क्या बयान दिए. वे तो उनका काम देखेंगे और वह काम ही अगले चुनाव में उनकी सियासी तकदीर लिखेगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay