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100 दिन मोदी-तरल संपत्ति

सभी घरों तक पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाने की दिशा में सतत प्रयत्न हो रहे हैं, पर इसके लिए जरूरी धन और काम की विशालता बड़ी चुनौती

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aajtak.in
अनिलेश एस. महाजन नई दिल्ली, 17 September 2019
100 दिन मोदी-तरल संपत्ति जैशन जी.

अब तक क्या किया गया

संसाधनों के एकीकरण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के मकसद से सरकार ने जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय का विलय करके जल शक्ति मंत्रालय बनाया

देश भर में उपलब्ध भूजल स्तर के आकलन तथा जलधात्री चट्टानी परतों के संरचनात्मक अध्ययन के लिए राष्ट्रव्यापी थ्री-डी जलीय मैपिंग परियोजना चल रही है

देश की 31 नदियों को जोडऩे की प्रस्तावित योजना की संभावना का अध्ययन शुरू किया गया है

क्या यह पर्याप्त है?

सभी घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना जटिल मुद्दा है क्योंकि पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति की सुविधा देश भर में सिर्फ 18 फीसद घरों तक है. सिक्किम, गोवा, गुजरात, पुद्दुचेरी और पंजाब ही ऐसे राज्य हैं जहां 50 फीसद घरों को यह सुविधा हासिल है

और क्या करने की जरूरत है

हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए सरकारी खजाने पर 7.9 लाख करोड़ रु. के भारी बोझ को देखते हुए पीपीपी मॉडलों के जरिए निजी पूंजी को आकृष्ट करना एक रास्ता हो सकता है. इस परियोजना में देश की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय विविधता का ध्यान भी रखना होगा

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