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असहिष्णुता: आहत होने को तत्पर नाजुक संवेदनाएं

आशीष नंदी, कमल हासन, शाहरुख खान और सलमान रुश्दी अपने खयालों की आजादी पर अड़े लेकिन भारत में उनके खयालों की ताकत से कई लोग आहत हैं.

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राहुल जयरामनई दिल्‍ली, 12 February 2013
असहिष्णुता: आहत होने को तत्पर नाजुक संवेदनाएं कमल हासन

आशीष नंदी
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में 26 जनवरी को

उनका बयान: ''मैं चाहता हूं कि भ्रष्टाचार कुछ हद तक बना रहे. इससे समाज में मानवीयता बनी रहती है. मैं अगर रिचर्ड सोराबजी का कोई काम करवा दूं तो बदले में वे भी मेरे भतीजे का ऑक्सफोर्ड में दाखिला दिला सकते हैं. मायावती के पास यह विशेषाधिकार नहीं है. ''
अर्थ निकाला गया: एससी,एसटी और ओबीसी भ्रष्टाचारी हैं. नंदी का कहने का मतलब था कि भ्रष्टाचार ऐसे समाज में उन्हें बराबरी का हक दिला रहा है जहां उनके लिए विकल्प बहुत कम हैं.
प्रतिक्रिया: 26 जनवरी को मायावती और रामविलास पासवान ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की. इसी दिन एफआइआर भी दर्ज हुई.
हमला उन लोगों ने बोला जिनका नंदी बचाव कर रहे थे

शाहरूख खान
26 जनवरी को आई एक पत्रिका के लेख में

इस तरह निकली चिनगारी: ''कई नेता जो मुसलमानों को देशभक्त नहीं मानते, उन्हें गलत समझते हैं, वे मुझे उनके प्रतीक की तरह पेश करते हैं. ''
और भड़की आग: 27 जनवरी को लश्कर-ए-तोइबा के हाफिज सईद ने शाहरुख खान को बसने के लिए पाकिस्तान बुलाया. 29 जनवरी को पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने भारत से कहा कि वह शाहरूख को और सुरक्षा मुहैया करे.
नतीजा निकला: शाहरुख ने कहा कि वे भारत में पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारत के गृह सचिव आर.के. सिंह ने भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है.
जिंदगी के बारे में बात कर शाहरुख मुश्किल में फंसे

सलमान रुश्दी
कोलकाता में, 30 जनवरी

यहां आना मना है: 30 जनवरी को रुश्दी फिल्म मिडनाइट्स चिल्ड्रन के प्रचार के लिए कोलकाता पहुंचने वाले थे पर सुरक्षा कारणों से यात्रा रद्द करनी पड़ी. करीब 100 मुस्लिम प्रदर्शनकारी हवाई अड्डे पर डटे थे, ताकि वे शहर में घुसने न पाएं.
रूश्‍दी ने जाना, भारत के कुछ हिस्‍से उनकी पहुंच से परे

कमल हासन
चेन्नै में, 29 जनवरी

फिल्म पर बवाल: 29 जनवरी को तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ मुस्लिम समूहों ने आरोप लगाया कि हासन की फिल्म विश्वरूपम में उनके समुदाय की खराब छवि दिखाई गई है. हैदराबाद के सफाबैत-उल-माल ने इसे ''इस्लाम पर सांस्कृतिक हमला'' बताया. मद्रास हाइकोर्ट ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई.
उठ गया विश्वास: 30 जनवरी को हासन ने कहा कि राज्य सरकार पर से उनका विश्वास उठ गया है. देश छोड़ किसी भी ''धर्म-निरपेक्ष'' देश/राज्य में जाने की उनकी बात ने ''सांस्कृतिक आतंकवाद'' के विवाद को और बढ़ा दिया.
अभिव्यक्ति की आजादी  में तमिलनाडु नाकाम

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