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स्मार्ट मनीः आपके स्वास्थ्य बीमा को क्यों चाहिए प्लान बी

एक से ज्यादा हेल्थ प्लान लेना ही अस्पताल के भारी-भरकम बिलों से आपकी हिफाजत कर सकता है.

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aajtak.in
मंजीत ठाकुर नई दिल्ली, 31 October 2017
स्मार्ट मनीः आपके स्वास्थ्य बीमा को क्यों चाहिए प्लान बी स्वास्थ्य बीमा

एक साथ बहुत-सी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां लेने का चलन बढ़ता जा रहा है. वहीं, रकम का दावा करते वक्त कई सवाल और शक-शुबहे भी खड़े किए जा रहे हैं. नीचे लिखे दिशा-निर्देशों का पालन करें और आपके साथ कोई गड़बड़ी नहीं होगी.

बहुत-सी पॉलिसियां क्यों

हिंदुस्तान में इलाज करवाने का खर्च लगातार बढ़ता ही जा रहा है और एक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दिया गया कवरेज पूरे खर्चों के लिए काफी नहीं भी हो सकता है. सलाहकारों का कहना है कि किसी बड़ी चिकित्सा आपातस्थिति में अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा योजना अच्छा सहारा बन सकती है.

ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर एक बीमाकर्ता दावे को खारिज कर देता है, तो हो सकता है कि दूसरा बीमाकर्ता उसी दावे को स्वीकार कर ले. लिहाजा एक से ज्यादा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां खरीदना दावों के खारिज होने के की स्थिति में सुरक्षा का काम करता है.

बहुत-सी पॉलिसियों से  दावा कैसे करें

अगर आपके पास एक से ज्यादा पॉलिसियां हैं (मान लें कि उनमें से सभी क्षतिपूर्ति-आधारित बीमा पॉलिसियां हैं) और दावा की गई रकम तमाम पॉलिसियों के तहत बीमित रकम से कम है, तो आप अपना दावा पेश करने के लिए किसी भी बीमाकर्ता कंपनी को चुन सकते हैं.

अगर दावे की रकम कटौतियों और/या को-पे यानी सह-भुगतान धारा पर विचार करने के बाद एक पॉलिसी के तहत बीमित रकम से ज्यादा है, तब भी आप यह चुनाव कर सकते हैं कि पहले किस बीमाकर्ता को दावा भेजा जाए. हालांकि बीमाकर्ता दावे का निपटारा अंशदान की धारा को लागू करने के बाद करेगा—दावे का निपटारा बीमित रकम के अनुपात में किया जाएगा. मिसाल के लिए, हो सकता है किसी ने बीमाकर्ता ए से 2 लाख रुपए की पॉलिसी और बीमाकर्ता बी से एक और 1 लाख रु. की पॉलिसी खरीदी है, तो बीमाकर्ता ए और बी इसका निपटारा क्रमशः दो-तिहाई और एक-तिहाई के अनुपात में करेंगे.

ऐसी किसी भी रकम का दावा, जिसका भुगतान एक बीमाकर्ता पॉलिसी की पाबंदियों की वजह से नहीं करता है, दूसरी पॉलिसियों के तहत किया जा सकता है. लेकिन पॉलिसीधारक इलाज पर खर्च की गई रकम से ज्यादा किसी भी हाल में प्राप्त नहीं कर सकता. दूसरे बीमाकर्ता से दावा करते वक्त पॉलिसीधारक को पहले बीमाकर्ता के मूल निपटारा पत्र (सेटलमेंट लैटर)के साथ दस्तावेजों की मूल प्रतियां पेश करनी होती हैं.

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते वक्त उन तमाम स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का खुलासा करना जरूरी है जो आपने खरीद रखी हैं. यह तब भी जरूरी है जब आप दावे करते हैं. इन ब्योरों को छिपाना स्वास्थ्य बीमा योजना के नियमों और शर्तों के उल्लंघन के बराबर हो सकता है और जांच-पड़ताल होने पर इसे गलतबयानी करार दिया जा सकता है.

बारीक बातों को जानें

अगर आपने एक से ज्यादा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीद रखी हैं, तो हरेक पॉलिसी के नियमों और शर्तों को अच्छी तरह पढ़ और जान लें. पता कर लें कि कवरेज की सीमा क्या है और दावे के निबटारे के लिए हरेक पॉलिसी के लिए क्या करना और क्या नहीं करना है. दावा करने के लिए आप पहले कौन-सी पॉलिसी चुनते हैं, यह बीमा खरीदने के बाद इंतजार की मियाद, पहले से मौजूद बीमारियों के कवरेज, अधिकतम मौजूद कवरेज, नो-क्लेम बोनस और छूट, यदि कोई हों, सरीखी बातों पर आधारित होना चाहिए.

—प्रियदर्शिनी माजी

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