एडवांस्ड सर्च

बारिश के मौसम में सेहत न फिसले

बरसात गर्मी से निजात दिलाती है पर यह अपने साथ कई बीमारियां भी लाती है. इनसे बचने के कुछ उपाय

Advertisement
डॉ. पी.एन. सिंह 23 August 2017
बारिश के मौसम में सेहत न फिसले रमेश शर्मा

बरसात का मौसम जहां आनंद और उल्लास लाता है, वहीं यह कई तरह की बीमारियां भी लाता है. मॉनसून के दौरान कई तरह की बीमारियों के संक्रमण का अंदेशा रहता है. इनमें से कई बीमारियों के बारे में तब तक पता नहीं चलता जब तक परेशानी बहुत न बढ़ जाए. इसी वजह से बरसात के मौसम में शुरू में ही बीमारी का पता लगाकर उसका इलाज कर देना महत्वपूर्ण हो जाता है. कुछ एहतियात बरतकर बरसात में होने वाली बीमारियों और उनसे होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है. कुछ सामान्य बीमारियां और उनसे बचने के उपायः

इनफ्लुएंजा (सर्दी-जुकाम): मॉनसून में होने वाली सबसे सामान्य बीमारी. कुछ बेहद संक्रामक वायरस श्वास नली के ऊपरी हिस्से को संक्रमित करते हैं और इस तरह नाक और गले को प्रभावित करते हैं. लक्षणः भरी हुई नाक, बदन दर्द, गले में खिसखिसाहट, खांसी और बुखार. इलाजः डॉक्टर से पूछकर ही कोई दवा लें. बचावः अगर जुकाम हो तो सबसे बढिय़ा यह है कि पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ, पोषक और संतुलित आहार लें. इससे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और रोग से बचने में मदद मिलती है. इसके लिए विटामिन सी से भरपूर फल और हरी सब्जियों का इस्तेमाल करें. साथ ही संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें.

डेंगूः यह वायरस टाइगर मॉस्किटो (एडीज इजिप्टी) की वजह से फैलता है, जो बरसात में पैदा होते हैं. डेंगु को ''हड्डी तोड़ बुखार" भी कहा जाता है. लक्षणः जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द, थकान और शरीर पर लाल निशान शामिल हैं. गंभीर स्थिति में पेट में दर्द, शरीर के किसी भी हिस्से से रक्तस्राव और ''शॉक'" शामिल हैं. इलाजः इसके लिए कोई विशेष ऐंटीबायोटिक या ऐंटीवायरल दवा नहीं है. इसके लक्षणों का ही इलाज होता है. आराम करना और तरल पदार्थ लेना बेहतर रहता है. दर्द और सूजन के लिए किसी भी तरह की दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें क्योंकि इनसे रक्तस्राव का अंदेशा रहता है. कभी-कभी अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जा सकती है. बचावरू मच्छरों को अपने इर्दगिर्द न पनपने दें. अपने घर में और आसपास कहीं पानी न इकट्ठा होने दें.

मलेरियाः यह बीमारी गंदे पानी में पैदा होने वाले कुछ विशेष प्रकार के मच्छरों के काटने से होती है. बारिश के मौसम में पानी जमा होना चूंकि एक आम बात है इसलिए मच्छरों को पैदा होने के लिए अनुकूल स्थितियां मिल जाती हैं. लक्षणः इस बीमारी में बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना, और पसीना होने की शिकायत होती है. अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो कई तरह की दूसरी परेशानियां हो सकती हैं  जैसे पीलिया, रक्त की गंभीर कमी या लीवर और गुर्दा भी खराब हो सकता है. इलाजः मलेरिया का इलाज मलेरिया-रोधक दवाइयों से सफलतापूर्वक हो जाता है. बचावः मलेरिया से प्रभावित इलाके में सावधानी के तौर पर पहले से ही मलेरिया-रोधक दवा लें. मच्छरों को दूर रखने वाली क्रीम लगाएं.

आंत्र शोथ (गैस्ट्रोएंट्राइटिस): मॉनसून के मौसम में आंत्र शोथ और फूड पॉइजनिंग आम बीमारी है. लक्षणः आंत्र शोथ में आम तौर पर पेट में ऐंठन, मिचली, उल्टी और दस्त की शिकायत होती है. इसमें बुखार भी हो सकता है और रोगी को उलझन तथा कमजोरी का भी अनुभव हो सकता है. इलाजः इस बीमारी में शरीर को पानी की कमी से बचाना और बुखार को नियंत्रित करना ही मुख्य इलाज होता है. बचावः कच्चा आहार जैसे सलाद वगैरह न खाएं क्योंकि कई बार वे ठीक से साफ नहीं किए गए होते हैं और सही तापमान पर नहीं रखे होते हैं. सड़क के किनारे के खान-पान से बचें. वे दूषित पानी से बने हो सकते हैं.

वायरल हेपेटाइटिसः लीवर की यह बीमारी दूषित आहार और पानी के कारण फैलती है. लक्षणः बुखार, शरीर में दर्द, भूख न लगना, मिचली और उल्टी शामिल हैं. पीलिया में आंखों, त्वचा और मूत्र में पीलापन आ जाता है. बचावः हेपेटाइटिस ए से बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि घर में बने भोजन और पीने के लिए साफ पानी का सेवन किया जाए.

टाइफायडः टाइफायड पानी में पनपने वाले बैक्टीरिया के संक्रमण से होने वाली एक अन्य बीमारी है जो सैलमोनेला नामक बैक्टीरिया के कारण होती है. यह बीमारी किसी संक्रमित व्यक्ति के मल के कारण दूषित भोजन या दूषित पानी के सेवन से होती है. लक्षणः इस बीमारी में लंबे समय तक तेज बुखार, पेट में दर्द, सिर दर्द और उल्टी की आम शिकायत होती है. 

बचावः पीने के लिए साफ पानी, स्वच्छता और हाथों को अच्छी तरह साफ करना शामिल है.

(लेखक होली फैमिली हॉस्पिटल, नई दिल्ली में सीनियर कंसल्टेंट मेडिसिन और क्रिटिकल केयर के प्रमुख हैं)

 

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay