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किसको कितनी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 13-14 मई को घोषित लक्ष्य-केंद्रित राहत के उपाय.

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aajtak.in
एम.जी. अरुणनई दिल्ली, 20 May 2020
किसको कितनी राहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

छोटे व्यवसाय

उपाय: एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रु. के गिरवी-रहित ऋण, 100 फीसद क्रेडिट गारंटी

प्रभाव: भुगतान पर स्थगन तथा सरकारी ऋण गारंटी से लगभग 45 लाख इकाइयों को लाभ मिलेगा

उपाय: संकटग्रस्त एमएसएमई को 20,000 करोड़ रु. का द्वितीयक ऋण

प्रभाव: संकटग्रस्त या गैर-निष्पादक परिसंत्तियों (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत ऋणों वाली इकाइयों के साथ ही लगभग 2,00,000 एमएसएमई इकाइयां लाभान्वित होंगी

उपाय: निधियों की एक निधि के जरिए एमएसएमई में 50,000 करोड़ रु. इक्विटी

प्रभाव: इससे एमएसएमई को गंभीर पूंजी संकट से निकलने में मदद मिलेगी

उपाय: एमएसएमई का फिर से वर्गीकरण (सेवा और निर्माण)

सूक्ष्म: एक करोड़ रु. से कम निवेश, पांच करोड़ रु. से कम टर्नओवर लघु: 10 करोड़ रु. से कम निवेश, 50 करोड़ रु. से कम टर्नओवर मध्यम: 20 करोड़ रु. से कम निवेश, 100 करोड़ रु. से कम टर्नओवर

प्रभाव: विकास को गति; प्रोत्साहनों का पुराना ढांचा छोटी इकाइयों के पक्ष में था

उपाय: 200 करोड़ रु. से कम से सरकारी ठेकों में वैश्विक फर्में बोली नहीं लगा सकेंगी

प्रभाव: घरेलू को ज्यादा ठेके

उपाय: सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम सभी एमएसएमई के करीब पांच लाख करोड़ रु. के बकाया का भुगतान 45 दिनों में करेंगे

प्रभाव:एमएसएमई के नकदी प्रवाह और बैलेंसशीट में सुधार

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनएफसी)

उपाय: एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कपनियों और माइक्रो-फाइनेंस संस्थाओं के लिए 30,000 रु. करोड़ की विशेष तरलता योजना; इनके ऋण-पत्रों की खरीद के लिए प्राथमिक और द्वितीयक, दोनों बाजार में लेन-देन के जरिए निवेश. एनबीएफसी के लिए 45,000 करोड़ रु. की आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना भी शुरू

प्रभाव: ये संस्थान बाजार से ज्यादा ऋण लेने में सक्षम होंगे, तो सिर्फ गारंटी देने से सरकार के वित्तीय घाटे पर कोई प्रभाव नहीं

विद्युत वितरण कपनियां

उपाय: इनमें 90,000 करोड़ रु. का आपातकालीन तरलता प्रवाह

प्रभाव: ये कपनियां इन निधियों का उपयोग विद्युत उत्पादन और ट्रांसमिशन कंपनियों को भुगतान करने के लिए कर सकती हैं

रियल एस्टेट डेवलपर

उपाय: रियल एस्टेट नियामक अधिनियम के अंतर्गत कोविड-19 संकट को ‘फोर्स मैज्योर’ स्थिति के रूप में देखा जाएगा; वैधानिक अनुपालनों के लिए दिया गया समय बढ़ाया गया

प्रभाव: डेवलपरों को राहत

ईपीएफ के माध्यम से तरलता

उपाय: फर्मों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) अंशदानों में सहयोग अगस्त तक बढ़ाया गया. तीन माह के लिए ईपीएफ में अंशदान की दर 12 फीसद से घटा कर 10 फीसद की गई

प्रभाव: करीब 2,500 करोड़ रु. मुक्त होंगे और करीब 72 लाख कर्मचारियों को लाभ; नियोक्ताओं को तीन माह के लिए 6,750 रु. करोड़ की अतिरिक्त तरलता का लाभ मिलेगा.

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