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'सड़क, रेल ये सब क्या बिना रोजगार के ही बनाए जा रहे हैं?'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में जब वाराणसी में अपना नामांकन दाखिल करने गए तो आजतक और इंडिया टुडे टीवी के पत्रकारों—श्वेता सिंह, राहुल कंवल और अंजना ओम कश्यप से बातचीत में खुलकर बोले और हमारे फोटोग्राफरों बंदीप सिंह और पंकज नांगिया को भी अपनी मर्जी से उनके अक्स कैमरे में कैद करने का मौका दिया गया

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श्वेता सिंह, राहुल कंवल और अंजना ओम कश्यपउत्तर प्रदेश, 08 May 2019
'सड़क, रेल ये सब क्या बिना रोजगार के ही बनाए जा रहे हैं?' पंकज नांगिया

''मुद्दा 'चायवाला' या 'चौकीदार' नहीं है, यह कांग्रेस का दंभ है; वह 'चायवाले' और 'चौकीदार' के पेशे को मर्यादाहीन समझती है"

''मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा 2014 के मुकाबले ज्यादा सीटें जीतेगी. यहां तक कि एनडीए के हमारे सहयोगी भी 2014 से ज्यादा सीटें जीतेंगे. हम उन जगहों पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ाएंगे जहां हमारी मौजूदगी कम थी. 2014 में ऐतिहासिक जनादेश मिला था. 2019 का चुनाव सत्ता पक्ष के लिए होगा."

''प्रज्ञा के मामले में अदालत ने उन्हें छोड़ा है. वे उनकी (विपक्ष की) झूठ का प्रतीक हैं. हिंदू आतंकवाद के नाम पर उन्होंने बार-बार झूठ बोला है."

''इस बात का एहसास है कि काले धन के दिन खत्म हो गए, हमें ईमानदारी से कारोबार करना है. नोटबंदी ने काले धन का प्रवाह रोक दिया है और इसने लोगों की सोच को बदल दिया है."

''कोई गठबंधन सफल नहीं हुआ है. उनमें एक ही बात समान है, और वह है नरेंद्र मोदी की भत्र्सना. विपक्षी दल शब्दकोश देखकर गाली निकालते हैं और फिर उनमें सारे ही उसका इस्तेमाल करते हैं."

''धारा 370 और धारा 35ए ने कश्मीर को अधिकतम क्षति पहुंचाई है. जम्मू और कश्मीर में कोई निवेश नहीं है क्योंकि निवेशकों को लगता है कि वहां उन्हें जमीन नहीं मिलेगी. कश्मीर के युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है."

''काशी ज्ञान का भंडार है. मुझे इसकी संस्कृति और मान्यताओं पर गर्व है. जब मैं विदेश जाता हूं, मैं लोगों को गर्व के साथ 'गंगाजल' देता हूं. पहले काशी हवाई अड्डे का रास्ता बहुत खराब था, अब ऐसा लगता है कि हम राष्ट्रीय राजधानी में हैं."

''जो लोग अलगाव की बाद करते हैं उन्हें भारत के नागरिक बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्हें चुनाव लडऩे का कोई अधिकार नहीं है."

''हम इसे उत्सव के रूप में जितना ज्यादा मनाएंगे, लोकतंत्र के लिए उतना ही अच्छा है. दुर्भाग्य से चुनाव के नियम इतने सख्त हो गए हैं कि उत्सव वाला मजा ही खत्म हो गया."

''न्यायपालिका को स्वतंत्र होना चाहिए. गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मैं चुपके से एक पुलिस अधिकारी के दफ्तर पहुंच गया, जिसने मुझसे नौ घंटे तक पूछताछ की. वह इसलिए क्योंकि मैं संस्थाओं का सम्मान करता हूं."

''तीन तलाक हिंदू और मुसलमान का मामला नहीं है. यह मानवाधिकार का मामला है. दुनिया में कहीं भी तीन तलाक देने की इजाजत नहीं है. अगर हम बाल विवाह, सती, दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठाएं तो क्या इसका मतलब हम हिंदू विरोधी हैं?"

''राष्ट्रीय चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा से जुड़े पहलू और आतंकवाद वगैरह मुद्दा होंगे. यह मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूक बनाए."

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