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आवरण कथा-बत्तीसी का खास ख्याल

दांतों और मुंह के विभिन्न रोगों से पीड़ित 1500-1700 मरीज यहां हर दिन आते हैं. इससे यहां के अध्यापकों और छात्रों को विविध प्रकार के दंतरोगों का बहुत ज्यादा क्लीनिकल अनुभव मिल जाता है.

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असित जॉलीनई दिल्ली, 24 May 2019
आवरण कथा-बत्तीसी का  खास ख्याल जरा मुस्कराइए मेड्स के डाइरेक्टर-प्रिंसिपल प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा छात्रों के साथ

उच्च कोटि की दंत-चिकित्सा शिक्षा और मुख स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में लगातार शीर्षस्थ मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (मेड्स), दिल्ली के डायरेक्टर—प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) महेश वर्मा बताते हैं कि यह देश का ऐसा पहला और इकलौता दंत चिकित्सालय है जिसे अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त है.

दांतों और मुंह के विभिन्न रोगों से पीड़ित 1500-1700 मरीज यहां हर दिन आते हैं. इससे यहां के अध्यापकों और छात्रों को विविध प्रकार के दंतरोगों का बहुत ज्यादा क्लीनिकल अनुभव मिल जाता है. देश-विदेश के इन मरीजों का इलाज करते हुए वे तरह-तरह के रोगों का इलाज करते हैं और अनुभव के धनी हो जाते हैं.

प्रो. वर्मा कहते हैं, ''हर दिन बड़ी संख्या में मरीजों के होने से विशेषज्ञता वाले विभागों में चिकित्सकों और सहयोगियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. इसीलिए मैं अपने संस्थान में चिकित्सक-मरीज अनुपात को सुधारना चाहता हूं.''

अमेरिका के क्लिंटन फाउंडेशन के सहयोग से मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज देश के उन पहले चिकित्सालयों में शामिल है जहां के दंतरोग क्लीनिकों, खास तौर पर कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री विभाग, से निकलने वाले कचरे में से पारा अलग करने के लिए अमलगम सेपरेटर लगाए गए हैं. प्रो. वर्मा ने बताया कि यह प्रयास क्लिंटन वैश्विक पहल का हिस्सा है.

इन सेपरेटरों (पृथक्करण यंत्रों) की मदद से दंत चिकित्सा क्लीनिकों से निकलने वाले गंदे पानी में मिले हुए अमलगम (पारे का सम्मिश्रण) को अलग कर लिया जाता है. यह सुविधा न होने की स्थिति में पारे का यह मिश्रण सार्वजनिक सीवर प्रणाली से होता हुए खुले वातावरण में पहुंच कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाता है.

नया भविष्य

प्रोफेसर वर्मा ने बताया कि संस्थान में एक नया 12-मंजिला प्रखंड जल्दी ही चालू किया जाएगा जहां निदान, मरीजों को भर्ती करने के लिए नए वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, आइसीयू, दिव्यांगों के लिए दंत चिकित्सा सुविधाएं, ट्रॉमा सेंटर, शोध के लिए प्रयोगशालाएं, सीडीई प्रयोगशालाएं और व्यापक दंतचिकित्सा क्लीनिकों का प्रबंध होगा.

यह नया प्रखंड भूकंपरोधी 'हरित भवन' है और इसमें एकीकृत ऊर्जादक्ष प्रणालियों का उपयोग करते हुए सौर पैनल लगाए गए हैं और वर्षा-जल संचयन की व्यवस्था की गई है. इस भवन का क्षेत्रफल लगभग 1,59,500 वर्गमीटर है.

आगे की राह

शोध गतिविधियों का स्तर ऊंचा उठाने के लिए संस्थान मौजूदा प्रयोगशालाओं तथा नैदानिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही नए कौशलों को बेहतर बनाने के लिए उन्नत सुविधाओं की स्थापना कर रहा है. इसके अलावा, न्यू मिलेनियम इंडियन टेक्नोलॉजी लीडरशिप इनीशिएटिव के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के साथ ली गई डेंटल इंप्लांट परियोजना के क्रम में अत्यंत उन्नत इमेजिंग तकनीक कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीबीसीटी) संयंत्र लगाया गया है.

संस्थान एक टिशू बैंक भी स्थापित कर रहा है जो दिल्ली में अपनी तरह का अकेला बैंक होगा. अभी हाल में ही यहां पॉलीमेरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) प्रयोगशाला की स्थापना की गई है.

फोरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी (दंत-संरचना विधि विज्ञान) के विकास के साथ फोरेंसिक डेंटल आइडेंटिफिकेशन से जुड़ी डेटा संग्रहण विधियों तथा सहयोगी तकनीकों का संस्थान में उपयोग हो रहा है.

प्रोफेसर वर्मा कहते हैं, ''कई बड़े मामलों और क्षमता विकास कार्यक्रमों में संस्थान की सेवाएं ली जा रही हैं. संस्थान ने फोरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी के क्षेत्र में भारतीय फोरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी बोर्ड (आइबीएफओ) के साथ मिलकर एक फेलोशिप पाठ्यक्रम भी शुरू किया है. इसके अलावा यह संस्थान ब्रिज टु पीस के तहत एलायंस फॉर ओरल हेल्थ एक्रॉस बॉर्डर के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भी शामिल है.''

इस कार्यक्रम के तहत संस्थान ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया और इसके कार्यदल ने मुख स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों और विशिष्ट बच्चों के लिए न्यूनतम आक्रामक दंत स्वास्थ्य रक्षा के संबंध में औपचारिक निर्देशिका का विकास किया. संस्थान इस दिशा में अभी भी कार्यरत है.

मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता प्राप्त है और इसके दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा तैयार की गई प्रशिक्षण संस्थानों की क्षेत्रीय निर्देशिका में शामिल है.

शैक्षिक भागीदारियां

इस डेंटल कॉलेज की कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से भागीदारी है. इसमें अमेरिका की रटगर्स यूनिवर्सिटी, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी का स्कूल ऑफ डेंटल मेडिसिन और बफैलो यूनिवर्सिटी, इज्राएल की हिब्रू यूनिवर्सिटी, कनाडा की ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी, रॉयल कॉलेज ऑफ फिजीशियन्स ऐंड सर्जन्स और ग्लासगो एमएफडीएश एक्जामिनेशन सेंटर शामिल हैं.

गुरुवाणी

प्रो.(डॉ.) महेश वर्मा,

निदेशक-प्रिंसिपल, मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज

जो बात औरों से अलग करती है

मेड्स देश का ऐसा पहला और एकमात्र दंत चिकित्सालय है जो अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त है

बड़ी संख्या में मरीजों के आने और क्लीनिकल सामग्रियों की प्रचुर उपलब्धता के कारण यहां शिक्षकों और छात्रों को भारी अनुभव प्राप्त होता है

मेड्स, लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल और संबद्ध अस्पतालों जैसे चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय, सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर, गुरु नानक आई सेंटर और विश्वविद्यालय परिसर स्थित अहिल्या बाई नर्सिंग कॉलेज की मौजूदगी से छात्रों को अंतरविषयक क्लीनिकल ज्ञान मिलने के साथ-साथ समन्वय कौशल भी हासिल होता है

   

पिछले तीन साल में उठाए गए नए कदम क्या-क्या हैं?

संस्थान का दूसरा 12-मंजिला प्रखंड लगभग तैयार है और जल्दी ही चालू हो जाएगा. इसके चालू होने पर हम कई नई सुविधाएं जैसे निदान केंद्र, मरीजों को भर्ती करने के वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, गहन चिकित्सा इकाई (आइसीयू), दिव्यांगों के लिए दंत चिकित्सा सेवाएं, ट्रॉमा सेंटर, शोध और सीडीई प्रयोगशालाएं और व्यापक दंत चिकित्सा क्लीनिक सेवाएं शुरू कर सकेंगे

क्लिंटन फाउंडेशन (अमेरिका) के सहयोग से मेड्स उन पहले दंत चिकित्सा संस्थानों में शामिल है जहां अलमगम सेपरेटर्स लगाए गए हैं ताकि डेंटल क्लीनिकों, खास तौर पर पारंपरिक डेंटिस्ट्री विभाग, के कचरे में से पारा हटाया जा सके. अमलगम सेपरेटर न होने की स्थिति में यहां से निकले गंदे पानी के साथ पारा सार्वजनिक सीवर प्रणाली में जाकर पर्यावरण को नुक्सान पहुंचाता है

संस्थान अपनी तरह का अलग टिशू बैंक स्थापित कर रहा है

हाल में ही पॉलीमेरेज चेन रिएक्शन प्रयोगशाला (पीसीआर) की स्थापना की गई है

भारतीय फोरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी बोर्ड के साथ मिलकर संस्थान ने तेजी से विकसित हो रहे फोरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी ज्ञान-क्षेत्र में फेलोशिप कार्यक्रम की शुरुआत की है

हंसी संरक्षक

किंग जॉर्ज मेडिकल

यूनिवर्सिटी, लखनऊ

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