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आवरण कथा-तकनीक के महारथी

संस्थान ने बीसीए के आने वाले बैच के लिए पाठ्यक्रम में स्पेशलाइजेशन के तौर पर डेटा साइंस, नेटवर्किंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्ज को जोड़ा है. गुणे कहते हैं, ''इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से लगातार बदलते और ढालने रहना बेहद जरूरी है.''

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अदिति पाईनई दिल्ली, 24 May 2019
आवरण कथा-तकनीक के महारथी सर्वश्रेष्ठ संग शिक्षा एसआइसीएसआर परिसर, पुणे में स्टुडेंट

कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अगुआ संस्थानों में से एक सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर स्टडीज ऐंड रिसर्च (एसआइसीएसआर) अब अपने 34वें साल में है और इसके नवाचार से ओतप्रोत प्रोग्राम, संकाय, प्लेसमेंट और उद्योग केंद्रित प्रशिक्षण के चलते छात्र अब भी सबसे पहले इसे ही चुनते हैं. संस्थान, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में अंडरग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट प्रोग्राम की पेशकश करता है जिसमें आइटी के साथ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन भी शामिल है.

इसके कार्यवाहक डायरेक्टर प्रो. हर्षद गुणे कहते हैं कि जो नियोक्ता ''नए-नए विचारों वाले नौजवान दिमागों की तलाश्य्य में हैं, उनके बीच बैचलर छात्रों की अच्छी मांग है. वे संस्थान के शीर्ष पायदान का श्रेय उद्योग के बदलावों के साथ बदलने वाले पाठ्यक्रमों को देते हैं. संस्थान ने बीसीए के आने वाले बैच के लिए पाठ्यक्रम में स्पेशलाइजेशन के तौर पर डेटा साइंस, नेटवर्किंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्ज को जोड़ा है.

गुणे कहते हैं, ''इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से लगातार बदलते और ढालने रहना बेहद जरूरी है.'' इसी का नतीजा है कि उन्होंने बीसीए प्रोग्राम के पिछले सेमेस्टर से छह महीनों की इंडस्ट्री इंटर्नशिप की शुरुआत की है.

एसआइसीएसआर ने पोस्ट-ग्रेजुएशन स्तर पर सिस्टम सिक्योरिटी के एक प्रोग्राम की भी शुरुआत की है जो साइबर सुरक्षा में छात्रों को विशेषज्ञ बना देगा. पूरे पाठ्यक्रम के दौरान व्यावहारिक सीख और प्रशिक्षण पर जोर दिया जाता है.

एसआइसीएसआर ने एसोसिएशन फॉर कंप्यूटिंग मशीनरी (एसीएम), इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (आइईईई), इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स ऑडिट ऐंड कंट्रोल एसोसिएशन (आइएसएसीए) और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एनालिसिस (आइआइबीए) सरीखे अंतरराष्ट्रीय पेशेवर निकायों के साथ रिश्ता जोड़ा है ताकि छात्र पाठ्यक्रम से जुड़ी दूसरी गतिविधियों के जरिए आइटी इंडस्ट्री के साथ कदम से कदम मिला सकें.

इस प्रोग्राम के साथ और ज्यादा लड़कियों के जुडऩे के साथ ही एसआइसीएसआर ने दो महिला चैप्टर एसीएम और आइईईई विमेन इन इंजीनियरिंग शुरू किए हैं. एसआइसीएसआर ने जापान की रित्सुमेइकन यूनिवर्सिटी में शोध छात्रवृत्ति कार्यक्रम में भी और लड़कियों को भेजा है.

गुणे कहते हैं, ''हम छात्राओं से गुजारिश करते हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं और छात्रवृत्तियों में हिस्सा लें.'' बीते तीन सालों में सात लड़कियों नेग्रैस हॉपर कॉन्फ्रेंस (विमेन इन कंप्यूटिंग) में हिस्सा लेने के लिए अवॉर्ड हासिल किए हैं.

एसीएम, आइईईई और आइएएसीए सरीखे कई पेशेवर निकायों के साथ भागीदारी के अलावा कॉलेज पुणे के कई तकनीकी समुदायों मसलन कॉफी क्लब, जावा क्लब, पायथन क्लब, डेटा साइंस क्लब के साथ जुड़ा है, ताकि उद्योग से जुड़ा तजुर्बा हासिल करने में छात्रों की मदद कर सके. पिछले साल संस्थान ने तीन हैकेथॉन का आयोजन किया था.

उद्योग और संस्थान के बीच मजबूत रिश्ता बनाने की खातिर एसआइसीएसआर ने 10एक्सओफाइ कंपनी के साथ मिलकर एक अभिनव प्रयोग किया. यह कंपनी डिजाइनिंग प्रोग्राम बनाने के काम छात्रों को आउटसोर्स करती है. इसके 50 से भी ज्यादा छात्र सफलता के साथ डिजाइनिंग के ऐसे प्रोजेक्ट पूरे कर चुके हैं. गुणे कहते हैं, ''यह दोनों के लिए मुफीद है. हमारे छात्रों को इंस्टीट्यूट में पढ़ाई करते हुए अमेरिकी कंपनी के साथ काम का तजुर्बा हासिल हो जाता है.'' एसआइसीएसआर को छात्रों के प्रति और ज्यादा उन्मुख तथा दोस्ताना बनाने के मकसद से नई पहलें शुरू की गई हैं. गुणे यह भी कहते हैं, ''हमारे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेल में छात्रसंस्थान के लिए तमाम सॉफ्टवेयर डेवलप करते हैं.''

बीते कुछ सालों में एसआइसीएसआर ने 100 फीसदी प्लेसमेंट हासिल किए हैं.ठ्ठ

गुरुवाणी

प्रोफेसर हर्षद गुणे

कार्यवाहक डायरेक्टर

एसआइसीएसआर सबसे अलग क्यों है?

उद्योग के रुझानों के साथ कदमताल करने के लिए हमने नेटवर्किंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्ज में स्पेशलाइजेशन जोड़ा है और डेटा साइंस तथा आइओटी सरीखे क्षेत्रों की आइटी कंपनियों में जल्दी दाखिल होने की तैयारी कर रहे हैं. हम अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ भी लगातार जुड़ रहे हैं ताकि सीधा ज्ञान और तजुर्बा हासिल कर सकें.

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