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फुरसरत-रन मशीन

एक समय था, जब महिला क्रिकेट को लोग जाने, इस पर जोर था. अब इसकी भी अपनी फॉलोइंग हैं और लोग खिलाडिय़ों को जानते हैं. इससे देश की स्टार क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों के साथ खेलने और सीखने का मौका मिलेगा.

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सुहानी सिंह/ संध्या द्विवेदी/ मंजीत ठाकुर नई दिल्ली, 04 April 2019
फुरसरत-रन मशीन बंदीप सिंह

क्रिकेटर मिताली राज से सुहानी सिंह ने की बातचीत, पेश हैं अंश-

टी20 विश्वकप 2018 के सेमी फाइनल में टीम से बाहर किए जाने के बाद फिर से ड्रेसिंग रूम में वापसी करना कितना कठिन था?

मैंने 16 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू किया था. टीम मेरे दूसरे घर जैसी है और मुझे वापसी से कोई नहीं रोक सकता. अपने पूरे खेल के दौरान मैंने ईमानदारी बरती है. साथी क्रिकेटर मुझे अच्छी तरह से जानती हैं.

2017 के महिला विश्वकप की एक चर्चित तस्वीर है, जिसमें आप एक मैच के दौरान कुछ पढ़ रही हैं. आपकी पसंदीदा किताब कौन-सी है और अभी क्या पढ़ रही हैं?

जेफरी आर्चर की पाथ ऑफ ग्लोरी मेरी पसंदीदा किताब है. अभी मैं एलिफ शफक की द फोर्टी रूल्स ऑफ लवः अ नॉवेल ऑन रूमी पढ़ रही हूं.

महिला क्रिकेट में भी क्या आइपीएल होना चाहिए?

जी, और यह इसका सही मौका है. एक समय था, जब महिला क्रिकेट को लोग जाने, इस पर जोर था. अब इसकी भी अपनी फॉलोइंग हैं और लोग खिलाडिय़ों को जानते हैं. इससे देश की स्टार क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों के साथ खेलने और सीखने का मौका मिलेगा.

द्य कौन-सा ऐब है, जिसमें आपको मजा आता है?

सोने में. मुझे सुबह देर तक सोना पसंद है. इसी वजह से पापा ने मेरा दाखिला क्रिकेट में करवा दिया जिससे कि जल्दी उठूं और प्रैक्टिस के लिए जाऊं. और अब तो अगर मैं न भी चाहूं तो मेरे शरीर को जल्दी उठने की आदत पड़ गई है.

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