एडवांस्ड सर्च

प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उम्मीदवारी हिंदुओं का अपमान...

किरण डी. तारे के साथ इंटरव्यू में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने माना कि खेती का संकट और नौकरियों की कमी इस चुनाव में प्रमुख मुद्दे हैं. हालांकि उन्हें उम्मीद है कि 'खामोश' मोदी लहर लोकसभा का यह चुनाव जीतने में भाजपा की मदद करेगी. प्रमुख अंशः

Advertisement
aajtak.in
किरण डी. तारे/ संध्या द्विवेदी/ मंजीत ठाकुर नई दिल्ली, 30 April 2019
प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उम्मीदवारी हिंदुओं का अपमान... देवेंद्र फडऩवीस

 क्या मोदी लहर फीकी पड़ रही है?

2014 में मोदी लहर मुख्य तौर पर मध्य वर्ग के बीच थी. इस बार समाज के निचले तबकों में मोदी लहर है. यह वर्ग अपनी खुशी और उत्साह दिखाता नहीं है; यह मोदी लहर खामोश है.

तो फिर भाजपा ने मालेगांव बम धमाके की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को क्यों खड़ा किया?

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में कहा है कि उसके पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है. 2007-08 में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियां अपने चरण पर थीं और तब कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था. उस वक्त मुसलमानों को लगता था कि कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार उनके खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है. हिंदू आंतक का अफसाना आम लोगों में कांग्रेस विरोधी भावनाओं को खत्म करने के लिए शुरू किया गया था. प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उम्मीदवारी उन लोगों को जवाब है जिन्होंने हिंदुओं को अपमानित किया था.

हेमंत करकरे के बारे में उनकी टिप्पणी पर आपका क्या रुख है?

उन्हें वह बयान नहीं देना चाहिए था. वे बेशक बेहतरीन पुलिस अफसरों में से एक थे; उन्होंने देश के लिए जान कुर्बान कर दी.

क्या आप पुलिस अफसरों के खिलाफ उनके आरोपों की जांच करने जा रहे हैं?

हम टेलीविजन कैमरों के सामने दिए गए बयानों के आधार पर कोई भी जांच शुरू नहीं करेंगे. अगर वे (प्रज्ञा सिंह) शिकायत दर्ज करवाती हैं, तो हम जांच करेंगे.

वरिष्ठ अभियोजक रोहिणी सालियान ने आरोप लगाया है कि उनके ऊपर इस मामले में धीमे चलने के लिए दबाव डाला गया.

मैं उनके बयान पर टिप्पणी नहीं करूंगा. कुछ अभियोजकों ने हिंदू आंतक का वजूद साबित करने की कोशिश की; भविष्य में वे बेनकाब हो जाएंगे.

कृषि संकट से किसान परेशानी में हैं. नौकरियां भी बहुत कम हैं.

कृषि संकट इस चुनाव में बड़ी भूमिका अदा करेगा. पर लोग पिछली सरकार के के मुकाबले हमारा कामकाज भी देखेंगे. वे मोदी जी के लिए वोट देंगे. ईपीएफओ के एक सर्वे ने कहा है कि बीते छह महीनों में देश में 89 लाख नौकरियां पैदा हुईं और उसका 26 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र में था. सीआइआइ और फिक्की के सर्वे कहते हैं कि राज्य में 24 फीसदी नौकरियां पैदा हुईं.

क्या भाजपा-शिवसेना गठबंधन में सब ठीक-ठाक चल रहा है?

पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद थे, पर वोटर गठबंधन चाहते थे. अब वे मिलकर काम कर रहे हैं. इसके अलावा मेरे उद्धव जी के साथ अच्छे रिश्ते हैं.

क्या भाजपा के अन्य राज्यों में जीतने की संभावनाएं हैं?

हम हारने नहीं जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल में अगर हम 20 सीटें जीत लें तो हैरान मत होइएगा. महाराष्ट्र में हम 42 से ज्यादा सीटें जीत सकते हैं. अगर हम ऐसा नहीं कर पाते हैं तो यह हालात को सियासी तौर पर संभालने की हमारी नाकाबिलियत की वजह से होगा.

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay