एडवांस्ड सर्च

झारखंड मुनाफाखोरों की चारागाह नहीं बनेगा: मुंडा

कैग के अनुमानित 1.86 लाख करोड़ रु. के घोटाले की जांच सीबीआइ कर रही है. उसने केंद्र का चेहरे को बेनकाब कर दिया है. केंद्र को पारदर्शिता के साथ कोयला ब्लॉक आवंटन करना चाहिए.

Advertisement
aajtak.in
अमिताभ श्रीवास्‍तवरांची, 06 October 2012
झारखंड मुनाफाखोरों की चारागाह नहीं बनेगा: मुंडा

झारखंड 15 नवंबर, 2000 को बिहार से अलग हुआ था, लेकिन यह अपनी राजनैतिक अस्थिरता के लिए कुख्यात रहा है. यहां 12 साल में आठ मुख्यमंत्री बदले. बीते 11 सितंबर को बतौर मुख्यमंत्री दो साल पूरे करने वाले अर्जुन मुंडा ने राजनैतिक स्थिरता का आभास दिया है. जब इंडिया टुडे के असिस्टेंट एडिटर अमिताभ श्रीवास्तव उनसे मिलने के लिए रांची स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंचे तो वे चौन से टहल रहे थे. पेश है उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश: 

अपने दो साल के कार्यकाल का आकलन कैसे करेंगे?
जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी तो हमारा पहला काम बदतर हालात में बदलाव लाना और भरोसा कायम करना था. हमारा फोकस समावेशी विकास, सोशल सेक्टर में विकास की बयार बहाना, युवाओं को अवसर प्रदान करना और संस्थागत विकास पर रहा है. झारखंड पहला राज्य है जिसने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जन सेवाएं देने का काम किया है. हमने सेवा का अधिकार कानून भी लागू किया है. पहला पंचायत चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न करवाया और 34वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया. कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं. आपकासीएम डॉट कॉम शिकायत निबटारा प्रणाली है जहां जनता टोल फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकती है. सफलता की कई कहानियां हैं.

और आपकी विफलताएं?
मैं समझता हूं कि विकास की गति को और तेज करने की जरूरत है. हमने पिछली नाकामियों को पीछे छोड़ दिया है और नतीजे देने शुरू कर दिए हैं. हमारा लक्ष्य विकास और सुधार दोनों है. अपनी कल्याणकारी योजनाओं के अलावा हमने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी हमला बोला है. सौ से ज्यादा अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की गई है. कई अहम मामले सीबीआइ को सौंपे गए हैं ताकि किसी का दखल न हो सके. हम यहां से और बेहतर ही करेंगे.

गठबंधन सरकार की बाध्यताओं पर आपका क्या कहना है?
बाध्यता जैसी कोई चीज नहीं है. जैसे आप अपने परिवार में किसी की इच्छा और सरोकारों की अनदेखी नहीं करते, उसी तरह हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं. हमारी गठबंधन सरकार भी एक परिवार जैसी है. हम अलग-अलग राजनैतिक पार्टियों के लोग हैं लेकिन सुशासन और समावेशी विकास हमारा समान लक्ष्य है. 

झारखंड में औद्योगिक राज्यों का अगुआ बनने की क्षमता है, लेकिन यहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया एक समस्या है?
यह आकलन बहुत सतही है. हमें झारखंड में भूमि अधिग्रहण के प्रभाव को समग्रता में देखने की जरूरत है. 80 फीसदी से ज्यादा विस्थापन की वजह केंद्र सरकार के उपक्रम हैं. ये उपक्रम भूमि अधिग्रहण की वजह और लाभार्थी रहे हैं जबकि झारखंड के लोगों ने इसकी भारी कीमत चुकाई है. नौ राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों पर लागू होने वाली पांचवीं अनुसूची आदिवासियों को जमीन पर उनका अधिकार देती है, जिसमें झारखंड भी शामिल है. हम आंख बंद करके उन्हें रास्ता नहीं दे सकते जिन्हें सिर्फ खनिजों से मतलब है ताकि वे विकास के नाम पर कुछ भी करें और हमें विस्थापन के बोझ तले छोड़ दें.

आपको नहीं लगता कि भूमि अधिग्रहण को लेकर इस तरह की हठधर्मिता उद्योगीकरण की प्रक्रिया में बाधा बनेगी?
मेरी कोई हठधर्मी सोच नहीं है. वास्तव में, जमीन मालिकों को शेयरधारक बनाने की शर्त से राज्य में अच्छी नीयत वाले निवेशकों को आने में मदद ही मिलेगी. हमने पहले ही ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है, जिन्होंने राज्य सरकर के साथ समझौते किए, मुनाफे के लिए आवंटित संसाधनों का इस्तेमाल किया और अपनी परियोजनाएं नहीं लगाईं. हमारी सरकार दिखावटी विकास के नाम पर खनिजों के अंधाधुंध खनन को मंजूरी नहीं दे सकती. केंद्र की सारी दिलचस्पी खनिज निकालने में है. हमें जो रॉयल्टी मिलती है वह बेहद कम है. विकास की हमारी नीति के केंद्र में राज्य की जनता है. यहां के लोगों को शामिल और उनका उत्थान किए बगैर कोई भी विकास बेमानी होगा. झरखंड मुनाफाखोरों की चारागाह नहीं बन सकता.

एफडीआइ पर आपकी राय?
हम एफडीआइ के विरोध में हैं और  हमारे सहयोगी भी यही राय रखते हैं.

कोयला घोटाले पर कुछ कहेंगे?
कैग के अनुमानित 1.86 लाख करोड़ रु. के घोटाले की जांच सीबीआइ कर रही है. इसने केंद्र के चेहरे को बेनकाब कर दिया है. केंद्र को पारदर्शिता से कोयला ब्लॉक का आवंटन सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए. 

राज्य में 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. आपकी क्या तैयारी है?
जब पुल आएगा तो हम उसे पार कर लेंगे. अभी काफी समय बाकी है, तब की तब देखेंगे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay