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हिट या फिस्स?

2018 में शानदार उपलब्धि के बाद क्या विकी कौशल उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक से एक और हिट दे सकेंगे?

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सुहानी सिंहमुबंई, 07 January 2019
हिट या फिस्स? विकी कौशल

विकी कौशल ने 2018 में कई फिल्मों में शानदार काम किया. उन्होंने नेटक्रिलक्स की पहली हिंदुस्तानी रोमांटिक-कॉमेडी लव पर स्क्वायर फुट में और फिर शॉर्ट फिल्मों की एंथोलॉजी लस्ट स्टोरीज से दर्शकों के दिल जीत लिए. राजी में उन्होंने शांत और दमदार अदाकारी की और संजू में रणबीर कपूर का बराबरी से मुकाबला किया. दोनों फिल्में हिट रहीं. और साल के अंत में उन्होंने मनमर्जियां में बदतर बॉयफ्रेंड का जबरदस्त किरदार कर वाहवाही लूटी.

पर सपनों सरीखा यह साल अब भी कौशल के सर नहीं चढ़ा है. वे कहते हैं, ‘‘मैं जिन निर्देशकों के साथ काम करने के सपने देखा करता था, उनका भरोसा हासिल करके खुश हूं. लोगों का दिल बहलाने वाला होने के नाते आप हमेशा ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचना चाहते हैं. खुशकिस्मत था कि इस साल ऐसी फिल्मों का हिस्सा बन सका. यह मुझे अपनी हदों से भी आगे जाने के लिए प्रेरित करता है.’’ हाल ही में ऐलान हुआ है कि वे तख्त में कुख्यात मुगल बादशाह औरंगजेब का किरदार करेंगे. डायरेक्ट करण जौहर की यह ड्रामा फिल्म 2020 में रिलीज होगी.

पर 11 जनवरी को रिलीज हो रही, 2019 की उनकी पहली फिल्म ऐक्शन थ्रिलर उरी: द सर्िी कल स्ट्राइक क्या उनका गलत कदम साबित होगी? ट्रेलर में पाकिस्तान विरोधी जबरदस्त जुमलेबाजी के चलते सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना हो रही है. कौशल आलोचना का स्वागत करते हुए कहते हैं, ‘‘फिल्म का काम ही चर्चा छेडऩा है,’’ हालांकि वे चाहते हैं कि लोग आखिरी राय बनाने से पहले पूरी फिल्म जरूर देख लें. कौशल ने मेजर विहान शेरगिल का किरदार निभाया है.

यह फिल्म 29 सितंबर, 2016 की सरहद पार उस सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित है, जो 19 जवानों की जान लेने वाले उरी के आतंकी हमले के जवाब में की गई थी. कौशल कहते हैं कि चूंकि सेना की कार्रवाई सबके दिमाग में ताजा है, इसलिए कोई ज्यादा छूट नहीं ले सकता था. फिल्मकार आदित्य धर रक्षा प्रोटोकॉल के हिसाब से चले हैं और उन्होंने इसमें शामिल सैनिकों के नाम और पृष्टभूमि को काल्पनिक बना दिया है, मगर ऑपरेशन के मामले में हकीकत बयान की है.

उड़ी की पटकथा मिलने पर उन्हें खुद को यकीन दिलाने में जद्दोजहद करनी पड़ी कि वे सेना के अफसर का आभामंडल व शख्सियत परदे पर उतार सकते हैं. उन्होंने बूट-कैंप ट्रेनिंग और ध्यान विधियां अपनाईं. कास्टिंग डायरेक्टर अतुल मोंगिया ने बताया कि उनका सांस लेने का तरीका फौजी से अलग है. यहां उनकी कसरत काम आई. जल्द ही वे किरदार से जुड़ाव महसूस करने लगे.

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