एडवांस्ड सर्च

थिएटरः खामोशी सीली-सीली

घाटी में कश्मीरी पंडितों के रीति-रिवाज और वहां से उनके विस्थापन की त्रासदी को रेखांकित करता एक नाटक

Advertisement
aajtak.in
शिवकेश मिश्र / संध्या द्विवेदी/ मंजीत ठाकुर नई दिल्ली, 22 January 2018
थिएटरः खामोशी सीली-सीली थोड़ा ऊपरः निर्देशक सुरेश शर्मा रिहर्सल के दौरान

यह संयोग ही था. गए सोमवार को इस्राएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू जब दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर गलबहियां कर रहे थे, उसी दौरान मंडी हाउस पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल के निदेशक सुरेश शर्मा एक यहूदी परिवार के संघर्ष पर खड़े अपने नए नाटक खामोशी सीली सीली की रिहर्सल कर रहे थे. बीसवीं सदी के शुरू में रूस के एक नगर में पांच बेटियों वाले, दूध बेचकर गुजर करते एक गरीब यहूदी दंपती के जीवन की दुश्वारियां कम नहीं. इसके बावजूद उसकी सबसे बड़ी फिक्र अपनी परंपराएं और रीतिरिवाज बचाए रखने की है. लेकिन दूसरे समाज/तबके के प्रेमियों से ब्याह की जिद पर उतरी बेटियां उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं.

अमेरिकी नाटककार जोसेफ स्टेन के 1964 में लिखे इस म्युजिकल नाटक फिडलर ऑन द रूफ पर ब्रॉडवे में कामयाब नाटक और हॉलीवुड में फिल्म भी बन चुकी है. शर्मा ने इसे रूस और यहूदी परिवेश से बाहर निकालकर नब्बे की खलबली वाली कश्मीर की वादी और कश्मीर पंडितों पर उतारा है. थोड़ा ऊंचे गले वाली पत्नी और अपने सपनों में जीती बेटियों के साथ रहते सरल स्वभाव के नानबाई पृथ्वीनाथ परंपराओं और अंतरात्मा के द्वंद्व में फंसे हैं. पहले तयशुदा रिवाजों की दुहाई और दूसरे ही पल मोनोलॉग में दिल का कहा कबूलते हुए बेटियों को मन का करने की इजाजत. धीरे-धीरे हालात बिगड़ते हैं और पृथ्वीनाथ के पूरे समाज को वादी छोडऩे का फरमान आ जाता है. दो घंटे के नाटक का अंत भारी माहौल और भर्राए गले से गाए जाते गाने के साथ होता है जाएगा क्या...साथ हमारे...

अभिनेता-निर्देशक और इससे पहले रंगमंडल के साथ ही दो नाटक कर चुके शर्मा 3-4 साल से इसे करना चाहते थेः ''कश्मीरी पंडितों का पिछला यानी सातवां विस्थापन ज्यादा दुखद था क्योंकि यह देश में लोकतांत्रिक शासन में हो रहा था." इसका रूपांतरण आसिफ अली ने किया है. यह 22, 23 और 25 जनवरी की शाम मंडीहाउस पर एलटीजी सभागार  में होगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay