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संजीदा अदाकारा तब्बू

नौजवान डायरेक्टर बढिय़ा प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं, वे इंटेलिजेंट हैं कंटेंट अचानक फिर महत्वपूर्ण गया है

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aajtak.in
सरोज कुमार मुबंई, 26 October 2017
संजीदा अदाकारा तब्बू रोहित चावला

जब भी आप तब्बू से रू-ब-रू होंगे, वे आपको अपने वास्तविक किरदार यानी तब्बू के रूप में ही नजर आएंगी-बहुत ही सिंपल दिखती हैं, मीठा बोलती हैं और सामने वाले की कद्रदां बनी रहती हैं. जबकि रुपहले परदे पर वे तरह-तरह के किरदारों से अपने प्रशंसकों को खुश करती रहती हैं. वे कहती हैं, ''मैं फिल्म की शूटिंग के बाद सिनेमाई किरदार से बाहर आ जाती हूं." उनके बारे में कहा जाता है कि वे कुम्हार की मिट्टी की तरह हैं. इसलिए उनके निर्देशक अपनी फिल्म के किरदार में आसानी से उन्हें ढाल लेते हैं. तब्बू मुस्कुराते हुए कहती हैं, ''मेरे लिए तो फाइनल डायरेक्टर होता है. मैं डायरेक्टर के विजन के साथ ही जाने की कोशिश करती हूं. मैं कुछ भी सोच लूं, डायरेक्टर की सोच से परे नहीं जा सकती. जब मैं कैमरे के सामने हूं तो मैं तब्बू नहीं, उस फिल्म का किरदार हूं." डायरेक्टर की एक्ट्रेस तब्बू माचिस और चांदनी बार जैसी फिल्मों के लिए दो बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुकी हैं. इसके अलावा उनके खाते में छह फिल्म फेयर अवॉर्ड हैं जिनमें बेस्ट हीरोइन के लिए क्रिटिक्स अवॉर्ड भी शामिल है जो एक रिकॉर्ड है. भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से नवाजा है.

हैदराबाद की 45 वर्षीया तबस्सुम फातिमा हाशमी को फिल्मी दुनिया में तब्बू के नाम से शोहरत मिली. तब्बू सागर सरहदी की फिल्म बाजार से बाल कलाकार के रूप में परदे पर आईं, पर अजय देवगन के साथ विजयपथ से अपने फिल्मी करियर को आगे बढ़ाया. वे कहती हैं, ''अजय मेरे करियर में अहम हैं. उनके साथ एक और फिल्म कर रही हूं जिसमें लाइट रोमांटिक कहानी है." दृश्यम में भी दमदार भूमिका रही है. गोलमाल अगेन में भी वे अजय के साथ दिखी हैं. विरासत, हू तू तू, अस्तित्व, चीनी कम और हैदर में भी तब्बू में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है. अमिताभ बच्चन के साथ चीनी कम फिल्म से जुडऩे के बारे में तब्बू कहती हैं, ''यह मेरे करियर की बहुत ही महत्वपूर्ण फिल्म है. मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि इस फिल्म ने मुझे एक बेहतर कलाकार के रूप में स्थापित किया. इसकी कहानी अमितजी और मेरे लिए खास तौर से लिखी गई थी."

तब्बू ने भारतीय सिनेमा को बदलते हुए देखा है, लेकिन बदलाव की हवा में खुद को शामिल नहीं किया. वे कहती हैं, ''मैं सिनेमा को सब्जेक्ट की तरह देखती हूं. यह मेरे मूड पर निर्भर करता है कि मैं क्या करना चाहती हूं. मैं किसी फॉर्मूले पर काम नहीं करती. मैं जिस तरह की फिल्मों में काम कर चुकी हूं, अब सब उस तरह की फिल्में करने की कोशिश कर रहे हैं."

उनके करियर को संवारने में कई निर्देशकों का हाथ है, लेकिन गुलजार के साथ अपने अलग संबंधों का खुलासा करते हुए वे कहती हैं, ''गुलजार साहब अभी भी मुझे बेटी की तरह मानते हैं. हम उनकी सालगिरह पर जरूर मिलते हैं. मैं उनका काम देखती रहती हूं. वे मुझसे ज्यादा काम करते हैं." तब्बू अपने काम को एक दर्शक की तरह देखती हैं और उस पर चिंतन भी करती हैं. वे दूसरी हीरोइनों के अभिनय के बारे में राय नहीं देतीं. वे कहती हैं, ''मेरी ट्रेनिंग अलग है. मेरी ऐक्टिंग अच्छी होनी चाहिए, मेरा पूरा ध्यान इसी पर रहता है."

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