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सिनेमा-बॉलीवुड के बाजार का एंडगेम!

एवेंजर्स एंडगेम की रिकॉर्ड तोड़ कमाई और हॉलीवुड की फिल्मों के लगातार बढ़ते बाजार से बॉलीवुड के कारोबार को खतरा, पर हिंदी फिल्में अमूमन अब भी पुराने ढर्रे की शिकार

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नवीन कुमारमुंबई, 26 June 2019
सिनेमा-बॉलीवुड के बाजार का एंडगेम! हॉलीवुड फिल्म एवेंजर्स एंडगेम का दृश्य

हॉलीवुड की फिल्म एवेंजर्स एंडगेम ने भारत के सिनेमा बाजार में धुआंधार कमाई तो की ही, बॉलीवुड के कारोबार पर थॉर का हथौड़ा भी चला दिया. यह पहली हॉलीवुड फिल्म नहीं है जो भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपना चमत्कार दिखा रही है बल्कि बीते पांच साल से हॉलीवुड की फिल्मों ने कमाई की जो रफ्तार पकड़ी है, उससे यह चिंता जाहिर की जा रही है कि हॉलीवुड अब बॉलीवुड के लिए खतरा बन चुका है.

यह चिंता की बात इसलिए भी हो गई है क्योंकि इस साल बॉलीवुड की मल्टीस्टारर फिल्म कलंक वरुण धवन, आलिया भट्ट, संजय दत्त, माधुरी दीक्षित और सोनाक्षी सिन्हा जैसी स्टारकास्ट के बावजूद तीसरे हफ्ते में 79 करोड़ रुपए की ही कमाई कर पाई जबकि इसका बजट 150 करोड़ रुपए था. इसके बाद रिलीज हुई एवेंजर्स एंडगेम ने पहले ही दिन से दनादन दौलत बटोरी और हफ्ते भर में ही 260.40 करोड़ रु. की कमाई कर ली. यह देश में किसी भी हिंदी फिल्म की सात दिन में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई का नया रिकॉर्ड है. पहले यह रिकॉर्ड बाहुबली-2 के नाम दर्ज था, जिसने 247 करोड़ रु. की कमाई की थी.

एवेंजर्स एंडगेम अंग्रेजी के अलावा हिंदी, तमिल और तेलुगु में 2,8 45 स्क्रीन पर रिलीज की गई थी. सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स में ज्यादा स्क्रीन मिलने से भी इस फिल्म को कमाई करने में आसानी हुई. हॉलीवुड की फिल्मों को पहले इतने स्क्रीन नहीं मिलते थे. भारत में हर साल हॉलीवुड की 50-60 डब की हुई और हिंदी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं में लगभग एक हजार भारतीय फिल्में रिलीज होती हैं. इन्हें देखने वाले लगभग चार करोड़ दर्शक हैं.

हॉलीवुड के खतरे को टालने के लिए बॉलीवुड फिल्म मेकिंग के तौर-तरीके बदलने पर गौर कर रहा है. फिल्म व्यवसाय के विश्लेषक तरण आदर्श पूरे विश्वास के साथ कहते हैं, ''हॉलीवुड ने बॉलीवुड में पैर जमा लिया है. यह चिंता की बात है और अब बॉलीवुड के फिल्मकारों को नींद से जागना चाहिए.''

लेकिन फिल्म ट्रेड पंडित अतुल मोहन का विश्लेषण तरण से थोड़ा अलग है. वे मानते हैं कि ''बॉलीवुड अभी खतरे में नहीं है क्योंकि उरी, गली बॉय और बदला जैसी कम बजट और अच्छे कंटेंट वाली फिल्में बेहतर कमाई कर रही हैं.'' एक अन्य फिल्म ट्रेड विश्लेषक नरेंद्र गुप्ता भी तरण के विचारों के काफी करीब हैं और वे भी चिंता जताते हुए कहते हैं, ''हॉलीवुड की फिल्मों के इस तरह से बिजनेस करने से बॉलीवुड के लिए खतरा है.

इतना ही नहीं, यह भी संभावना दिख रही है कि अगर दो-तीन साल बाद फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया की फिल्में भी डब करके भारत में रिलीज होने लगें तो बॉलीवुड का बैंड बज जाएगा. इसलिए बॉलीवुड के फिल्ममेकर सावधान हो जाएं और दर्शकों को हॉलीवुड के मुकाबले की मनोरंजक फिल्में परोसने का काम करें.''

अक्सर यह कहा जाता है कि बॉलीवुड की फिल्मों के दर्शकों के पास पैसे नहीं होते और वे सस्ती फिल्में देखना पसंद करते हैं. लेकिन एवेंजर्स एंडगेम ने इस धारणा को बदल दिया है. तरण कहते हैं, ''भारतीय दर्शक भी पैसे देने को तैयार हैं और महंगे टिकट खरीदकर लोग एवेंजर्स एंडगेम देख रहे हैं. अगर आप दर्शकों को अच्छे कंटेंट और भरपूर मनोरंजन करने वाली फिल्म नहीं देंगे तो वे आपको पैसे क्यों देंगे? लोगों ने अगर बाहुबली देखी है तो एवेंजर्स एंडगेम भी देख रहे हैं.'' तरण के साथ अतुल और नरेंद्र भी मानते हैं कि अब फिल्में अच्छे कंटेंट से ही चलती हैं, महज स्टारों की बदौलत नहीं.

हॉलीवुड की फिल्मों ने बीते पांच साल में अपनी कमाई में पांच गुना बढ़ोतरी कर ली है. कमाई के मामले में बॉलीवुड ने भी 25 फीसद से ज्यादा का इजाफा किया है. लेकिन हॉलीवुड जिस तरह से बॉलीवुड के बाजार में अपने पैर पसार रहा है, उससे संभावना जताई जा रही है कि इस साल हॉलीवुड भारत में एक हजार करोड़ रु. से ज्यादा का कारोबार कर लेगा. बॉलीवुड के फिल्मकारों को हॉलीवुड फिल्मों के शौकीनों का स्वाद बदलने का काम करना पड़ेगा. इन दर्शकों के पॉकेट हल्के नहीं हैं. ऐसे दर्शकों में ज्यादातर युवा हैं जो छोटे और बड़े परदे में अंतर नहीं रखते. ये नेटफ्लिक्स और अमेजन के साथ सिंगल थिएटर और मल्टीप्लेक्स में भी फिल्में देखते हैं.

तरण का आकलन है कि एवेंजर्स एंडगेम को ए, बी, सी सेंटर में दर्शकों का प्यार मिल रहा है. अतुल भी कहते हैं कि छोटे बच्चों से लेकर 40 साल की उम्र तक के दर्शक हॉलीवुड की फिल्मों का बाजार बढ़ा रहे हैं. और नरेंद्र की राय में, युवा आज नया सिनेमा देखने के लिए बेचैन हैं और एवेंजर्स एंडगेम जैसी कई हॉलीवुड फिल्में उनकी यह भूख मिटाने में कामयाब हो रही हैं.

एवेंजर्स एंडगेम भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म है. मार्वेल स्टुडियो की इस फिल्म ने ओपनिंग के साथ बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए. पहले दिन ही इसकी कमाई 53.60 करोड़ रुपए की थी. इसके बाद दूसरे दिन 52.20 करोड़, तीसरे दिन 52.85 करोड़, चौथे दिन 31.05 करोड़, पांचवें दिन 26.10 करोड़, छठे दिन 28.50 करोड़ और सातवें दिन 16.10 करोड़ रु. रही.

यह हॉलीवुड की अब तक की दूसरी सबसे महंगी फिल्म है जो 2,500 करोड़ रुपए की लागत से बनी है जबकि इससे भी महंगी फिल्म पायरेट्स ऑफ द कैरिबियन: ऑन स्ट्रैंजर टाइड्स थी जिसका बजट 3,000 करोड़ रु. था. 22 सुपरहीरो वाली एवेंजर्स इन्फिनिटी वार ने भी पिछले साल 200 करोड़ रु. की कमाई करके रिकॉर्ड कायम किया था. हॉलीवुड की और भी फिल्में हैं जिन्होंने रिकॉर्ड बनाए हैं. ऐसी फिल्मों में ब्लैक पैंथर, जुरासिक वल्र्ड, मिशन इंपॉसिबल फॉल आउट, द जंगल बुक और द नन ने भी भारतीय दर्शकों के दिलों पर राज किया है. नरेंद्र कहते हैं कि भारत में हॉलीवुड की डब फिल्में भी 50 करोड़ रु. का बिजनेस करती हैं.

अमिताभ बच्चन और आमिर खान जैसे बड़े स्टार वाली फिल्म ठग्स आफ हिंदोस्तान ने पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड तो बना लिया था लेकिन दूसरे दिन औंधे मुंह गिर गई. बकौल तरण, ''अब आप दर्शकों को ठग नहीं सकते. हिंदुस्तान के दर्शक समझदार हैं और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें सब पता रहता है. अब हर हाल में अच्छे कंटेंट के साथ मनोरंजन वाली फिल्में देनी पड़ेंगी.'' अतुल भी मानते हैं कि हिंदुस्तानी दर्शक अपने सुपरहीरो को देखना चाहते हैं क्योंकि वे स्पाइडरमैन, बैट्समैन, सुपरहीरो जैसे कुछ कैरेक्टर्स को बचपन से कार्टून या कहानियों से जानते हैं और अब उन्हें बड़े परदे पर देखना अच्छा लगता है.

यह जगजाहिर है कि बॉलीवुड की फिल्में भारी कमाई करती हैं तो उससे फिल्म की कला और शिल्प के कई पहलुओं से जुड़े लोगों को भी आर्थिक फायदा होता है. लेकिन भारत में हॉलीवुड की फिल्में जब बॉक्स ऑफिस पर पैसे बटोरती हैं तो उससे बॉलीवुड के किसी क्राफ्ट को फायदा नहीं होता. इसकी कमाई से हॉलीवुड के स्टुडियो, उसके एजेंट और सिनेमाघर-मल्टीप्लेक्स के मालिकों को फायदा होता है.

हां, मनोरंजन कर के माध्यम में सरकार को आमदनी जरूर होती है. इसलिए हॉलीवुड के लंबे होते जा रहे पैर को बॉलीवुड के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा. बावजूद इसके बॉलीवुड के फिल्मकार जाग नहीं रहे. धर्मा प्रोडक्शंस, यशराज और टी सीरीज बड़े बजट की फिल्में बनाने में व्यस्त हैं. हॉलीवुड के कुछ स्टुडियो बतौर डिस्ट्रीब्यूटर बॉलीवुड की फिल्मों के हिस्सेदार बनकर भी कमाई कर रहे हैं. लेकिन कुछ समझदार और संवेदनशील फिल्मकार अच्छे कंटेंट के साथ कम बजट में फिल्में बना ले रहे हैं जो 100-200 करोड़ रु. की कमाई कर रही है.

ऐसी फिल्मों में उरी, राजी, बधाई हो, अंधाधुन, न्यूटन, बरेली की बर्फी, बदला शामिल हैं. नरेंद्र का मानना है कि भारत और चीन की संस्कृति में काफी समानता होने से वहां दंगल, सीक्रेट सुपरस्टार, अंधाधुन ने कमाई के रिकॉर्ड तोड़े हैं. रूस में फिर से हिंदी फिल्मों का बाजार खुला है. 2.55 करोड़ रु. की लागत से बनी फिल्म द ताशकंद फाइल्स (चार हक्रते में 11.85 करोड़ रु.) अच्छी कमाई कर रही है. सलमान खान की फिल्म भारत को रूस में डब करके रिलीज किया जा रहा है. लेकिन दूसरी तरफ एवेंजर्स एंडगेम की कमाई से घबराकर 150 करोड़ रु. की बजट वाली फिल्म ब्रह्मास्त्र (रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, अमिताभ बच्चन) की रिलीज की तारीख अभी ही बदल दी गई, जबकि इसे क्रिसमस पर रिलीज किया जाना था. अब यह अगले साल रिलीज होगी.

मुगल काल की पृष्ठभूमि वाली फिल्म तख्त (रणवीर सिंह, करीना कपूर, आलिया भट्ट, विकी कौशल) को लेकर भी उसके निर्माता परेशान हैं. बड़े बजट की इन फिल्मों के निर्माताओं की बेचैनी से लगता है कि उनकी फिल्मों में कमजोरियां हैं जो हॉलीवुड की फिल्मों से टक्कर नहीं ले सकतीं. एवेंजर्स एंडगेम के बाद जून में एक्स-मेन डार्क फीनिक्स और जुलाई में स्पाइडरमैन-फार फ्रॉम होम, अगस्त में द न्यू मुल्तान के अलावा टॉय स्टोरी-4, गॉडजिला-2: किंग ऑफ द मोंस्टर्स, एबोमिनेबल और फ्रोजेन-2 फिल्में भारतीय दर्शकों को भी अपने जादू से आकर्षित करने को तैयार हैं.

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