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कोरोना संकटः वुहान के आंकड़ों पर हुए अध्ययन से दूर होंगी संक्रमण को लेकर फैली भ्रांतियां !

वुहान से मिले आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद सामने आए ऐसे निष्कर्ष जो कोरोना संक्रमण को लेकर लगातार फैलाई जा रही भ्रांतियों पर करेंगे वार !

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aajtak.in
संध्या द्विवेदी 25 March 2020
कोरोना संकटः वुहान के आंकड़ों पर हुए अध्ययन से दूर होंगी संक्रमण को लेकर फैली भ्रांतियां ! फोटो साभार-इंडिया टुडे

कोरोना वायरस (Covid-19)को लेकर दुनियाभर के शोधकर्ता शोध में लगे हैं. दुनिया के सभी ताकतवर मुल्क इसकी दवा तलाशने में जुटे हुए हैं. ऐसे में सुपरइम्यूनिटी ऑफ किड्स, द फोर पिलर ऑफ हीलिंग के लेखक और हफिंग्टनपोस्ट में लगातार कॉलम लिखने वाले डॉ. लियो गैलेंड ने कोरोना वायरस को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन से साझा की हैं. डब्ल्यूएचओ सूत्रों के मुताबिक इन जानकारियों का उपयोग कोरोना को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां दूर करने के लिए किया जा सकता है. यह जानकारी डॉ.गैलेंड ने अमेरिकी हेल्थ विभाग से भी अपनी जानकारियां साझा की हैं. ताकि इस महामारी से जुड़ी भ्रांतियों को फैलने से रोका जा सके.

वुहान से लिए आंकड़ों पर निकाले निष्कर्ष

डॉ. गैलेंड (Leo Galland M.D.)के अनुसार चीन के वुहान से मिले आंकड़ों के मुताबिक सभी संक्रमित लोगों में से 80 फीसद लोगों को मामूली संक्रमण हुआ था. इनमें संक्रमण के ज्यादा लक्षण नहीं पनप पाए थे. 15 प्रतिशत लोगों को थोड़ी-बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ा था जैसे खांसी, कफ, बुखार और सांस लेने में तकलीफ. सिर्फ 5 फीसद लोगों को हीगंभीर इलाज की जरूरत पड़ी.

अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ की स्टडी के मुताबिक हवा में ये वायरस 66 मिनट के भीतर अपनी आधी ताकत खो देता है. कोरोना के बारे में लगातार यह कहा जा रहा है कि यह ड्रापलेट यानी छींक या खांसी के जरिए इंसानों से इंसानों में फैलता है. ड्रॉपलेट का असर हवा में तीन -चार घंटे तक रहता है.

गैलेंड इस थ्योरी को कुछ और बढ़ाते हुए कहते हैं, कोरोना वायरस इंसान के मल में भी मौजूद होता है. इस वजह से खाने या पानी से भी इसका संक्रमण हो सकता है लेकिन अभी तक इसके मामले सामने नहीं आए हैं. कोरोना वायरस सतह पर भी कई दिनों तक बना रह सकता है लेकिन अभी तक सतह के जरिए इंफेक्शन फैलने के मामले भी सामने नहीं आए हैं.

गैलेंड कहते हैं, कोरोना वायरस के लक्षण दिखने में 2 से 14 दिनों का वक्त लगता है. औसतन ये लक्षण पांच दिन में दिखाई देते हैं. इसके बाद रिकवरी शुरू हो जाती है. लेकिन रिकवरी पहले स्वस्थ लोगों की ही शुरू होती है. जिन लोगों में पहले से कोई गंभीर बीमारी है या फिर वो उम्रदराज हैं तो फिर इसके लक्षण और गहराते जाते हैं.

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