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भाजपा संगठन में फेरबदल जल्द

अन लॉकडाउन एक के बीच भाजपा में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. दो महासचिवों की छुट्टी तथा संसदीय बोर्ड में एक नया नाम जुड़ना तय माना जा रहा है.

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aajtak.in
सुजीत ठाकुरनई दिल्ली, 13 June 2020
भाजपा संगठन में फेरबदल जल्द फाइल फोटो

अन लॉकडाउन एक के बीच भाजपा में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. 15 जून के बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के नए टीम की घोषणा किसी भी दिन हो सकती है. दो महासचिवों की छुट्टी तथा संसदीय बोर्ड में एक नया नाम जुड़ना तय माना जा रहा है.

सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संसदीय बोर्ड में शामिल किया जा सकता है.

संसदीय बोर्ड भाजपा की सर्वोच्य नीति निर्धारक इकाई है. इसमें एक महिला का होना अनिवार्य है और सुषमा स्वराज की मृत्यु के बाद बोर्ड में महिला सदस्य का पद रिक्त है.

दो महासचिवों में से एक मुरलीधर राव या राम माधव को हटा कर पूर्व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को जगह दी जा सकती है. चूंकि अगले साल केरल, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी में विधानसभा के चुनाव होने हैं इसलिए दक्षिण भारत के लोगों को संगठन में महत्वपूर्ण स्थान देने का विचार पार्टी में बना है.

वैसे भी भाजपा दक्षिण भारत में कर्नाटक को छोड़ कर मजबूत स्थिति में नहीं है इसलिए दक्षिण के राज्यों में भाजपा अपने विस्तार को गति देने का फैसला पहले ही कर चुकी है.

इस समय संगठन में दक्षिण भारत से तीन महासचिव है. संगठन महामंत्री बीएल संतोष के अलावा मुरलीधर राव तथा राम माधव भी महासचिव हैं. अब चूंकि दक्षिण भारत से ही आने वाली निर्मला सीतारमण को संसदीय बोर्ड में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है इसलिए राम माधव या मुरलीधर राव को महासचिव की जगह अन्य जिम्मेदारी दी जा सकती है. मौजूदा महासचिवों में से अनिल जैन की जगह किसी अन्य को जगह मिल सकती है. जैन को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.

पार्टी की मीडिया सेल में भी फेरबदल तय माना जा रहा है. मीडिया विभाग का प्रमुख संजय मयूख को बनाया जा सकता है. वह वर्तमान समय में राष्ट्रीय मीडिया विभाग के उप-प्रमुख हैं.

बिहार से ही भाजपा के विधायक नितिन नवीन को भी राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है. बिहार में इसी साल चुनाव हैं और मयूख तथा नितिन नवीन राज्य में भाजपा के जाना-पहचाना चेहरा बन चुके हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा जाएगा.

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