एडवांस्ड सर्च

विदेश नीति: 'लुक ईस्ट' से 'एक्ट ईस्ट' की तरफ बढ़ाए भारत ने कदम

दस सदस्यीय आसियान के साथ संबंध मजबूत करने की भारत की ‘ऐक्ट ईस्ट’ नीति को वर्ष 2015 में गति मिली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल दो अहम क्षेत्रीय बैठकों में शिरकत की और मलेशिया और सिंगापुर की यात्रा कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया.

Advertisement
aajtak.in [Edited By: आदर्श शुक्ला]नई दिल्ली, 26 December 2015
विदेश नीति: 'लुक ईस्ट' से 'एक्ट ईस्ट' की तरफ बढ़ाए भारत ने कदम आसियान शिखर सम्मेलन में मोदी

दस सदस्यीय आसियान के साथ संबंध मजबूत करने की भारत की ‘ऐक्ट ईस्ट’ नीति को वर्ष 2015 में गति मिली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल दो अहम क्षेत्रीय बैठकों में शिरकत की और मलेशिया और सिंगापुर की यात्रा कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया.

प्रधानमंत्री की इन दोनों देशों की यात्रा के दौरान जिन प्रमुख क्षेत्रों को विशेष तौर पर बढ़ावा मिला है, उनमें नौवहन सुरक्षा, रक्षा, व्यापार, निवेश, विज्ञान और तकनीक शामिल हैं. मलेशिया और सिंगापुर में भारतीय मूल के लोगों और वहां नौकरी कर रहे भारतीयों की अच्छी खासी संख्या है. मोदी ने दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों के संघ यानी आसियान को एक आर्थिक केंद्र कहा और साथ ही इस ब्लॉक के विकास एवं स्थिरता की सराहना की. इस साल नवंबर में प्रधानमंत्री ने कुआलालंपुर में दो उच्च स्तरीय बैठकों में भी शिरकत की. इनमें से एक बैठक आसियान-भारत शिखर सम्मेलन था और दूसरा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन था.

आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में मोदी ने आतंकवाद के बड़े खतरे से निपटने के लिए ब्लॉक के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय एवं नौवहन विवादों को शांतिपूर्ण माध्यमों से निपटाने की जरूरत को भी रेखांकित किया. भारत ने यह घोषणा की कि वह जल्द ही सभी आसियान देशों के लिए इलेक्ट्रॉनिक-वीजा की सुविधा को विस्तार देगा. आसियान में शामिल देशों के नाम हैं- ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम.

मोदी की मौजूदगी में ऐतिहासिक आसियान आर्थिक समुदाय (एईसी) घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए. एईसी यूरोपीय संघ जैसा ही एक क्षेत्रीय आर्थिक ब्लॉक है, जिसका उद्देश्य दक्षिणपूर्वी एशिया की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं को समायोजित करना है. एईसी एक ऐसे एकल बाजार की धारणा रखता है, जिसके तहत इस बेहद प्रतिस्पर्धी आर्थिक क्षेत्र में सीमाओं के आरपार वस्तुओं, पूंजी और कुशल श्रम का मुक्त आवागमन हो. इस क्षेत्र का संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद 24 खरब डॉलर का है.

सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का केंद्र कहलाने वाले मलेशिया में प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष नजीब रज्जाक के साथ वार्ताएं कीं. दोनों नेताओं में सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी और उन्होंने आतंकवाद से निपटने का संकल्प लिया. दोनों देशों ने आतंकवाद की चुनौतियों और अन्य पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए सूचना और उत्कृष्ट परिपाटियों के आदान प्रदान को जारी रखने का भी फैसला किया.

-इनपुट भाषा

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay