एडवांस्ड सर्च

Advertisement

75 साल में दूसरी बार नहीं दिया जाएगा साहित्य का नोबेल, ये है कारण

इस साल  साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा.
75 साल में दूसरी बार नहीं दिया जाएगा साहित्य का नोबेल, ये है कारण Nobel literature prize
aajtak.in [Edited by: प्रियंका शर्मा]नई दिल्ली, 21 May 2018

इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा. दरअसल, नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था सेक्स स्कैंडल में फंस गई है जिसके बाद 2018 में साहित्य का नोबेल देने का फैसला स्थगित कर दिया गयाा है.  अब पुरस्कार 2019 में दिया जाएगा. स्वीडिश एकेडमी ने इस बात की जानकारी आज स्‍टॉकहोम में एक साप्ताहिक बैठक में दी.

सेक्स स्कैंडल की खबरें आने के बाद पूरी एकेडमी शर्मसार हो गई है. दुनिया में सबसे ज्यादा सम्मान और आदर के साथ देखे जाने वाले इस एकेडमी को पहली बार इस प्रकार के गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है. जिसके बाद एकेडमी ने कहा कि ''यौन उत्पीड़न के आरोपों और फाइनेंशियल अपराधों के घोटालों के बाद अभी एकेडमी नोबेल पुरस्कार के लिए विजेता चुनने की स्थिति में नहीं है''.

HC का आदेश- सिख छात्र 'कड़ा' और 'कृपाण' पहनकर दे सकेंगे NEET की परीक्षा

आपको बता दें, इससे पहले साहित्य में नोबेल पुरस्कार साल 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध को लेकर स्थगित कर दिया गया था. वहीं एकेडमी के सेक्रेटरी एंडर्स ओल्सन ने कहा "हमें अगले पुरस्कार विजेता घोषित होने से पहले लोगों का भरोसा जीतना होगा और इसके लिए कुछ समय की जरूरत होगी".

जानें क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंच फोटोग्राफर जीन क्लाउड अरनॉल्ट के कथित सेक्सुअल एब्युज को लेकर स्वीडिश एकेडमी आलोचनाओं के घेरे में है. अरनॉल्ट की शादी एकेडमी के एक पूर्व सदस्य के साथ हुई है. उनका नाम कैटरीना फ्रॉस्टेंसन हैं और वह कवयित्री हैं. जीन क्लाउड अरनॉल्ट पर सेक्सुअल एब्युज आरोप लगने के बाद एकेडमी ने फैसला लिया कि  इस साल पुरस्कार नहीं दिया  जाएगा क्योंकि एकेडमी के कुछ सदस्य यह पुरस्कार को लेकर चिंतित हैं और वे इसके लिए स्थिति को सही नहीं बता रहे हैं.

#Me too कैंपेन के चलते सामने आया सेक्स स्कैंडल

पिछले साल नवंबर में  #मी टू' आंदोलन के दौरान ये पूरा मामला सामने आया. जब फ्रेंच फोटोग्राफर क्लाउड अरनॉल्ट के ऊपर करीब 18 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था. जहां से इस बात ने आग पकड़ी.

इसके साथ ही एकेडमी के ऊपर भी कई गंभीर आरोप लगाए थे. जिसके बाद अवॉर्ड प्रदान करने वाली 18 सदस्यों वाली संस्था ने अरनॉल्ट की पत्नी और संस्था की सदस्य कैटरीना फ्रॉस्टेंसन को कमेटी से निकालने के लिए वोट किया. वहीं एकेडमी ने किसी महिला को इस्तीफा देने के लिए मजबूर भी किया. जिसके बाद अरनॉल्ट और उनकी पत्नी से स्वीडिश एकेडमी ने किनारा कर लिया.

जब चीन के पास नहीं था कोई विमान, नेहरू ने भेजा तो दिल्ली आए थे PM

बता दें, एकेडमी की परमानेंट सेक्रेटरी सारा डेनियस ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी थी और बताया अरनॉल्ट और कैटरीना से एकेडमी ने सारे रिश्ते तोड़ लिए हैं. इसके बाद डेनियस समेत 6 सदस्य अब तक कमेटी से इस्तीफा दे चुके हैं. इसलिए ऐसी स्थिति में नोबल पुरस्कार का आयोजन हो पाना मुश्किल है.

75 साल में दूसरी बार नहीं दिया जाएगा पुरस्कार

अगर इस साल नोबेल पुरस्कार आयोजित नहीं होता है तो ये 75 साल में दूसरी बार होगा. क्योंकि इससे पहले नोबेल पुरस्कार साल 1943 में  द्वितीय विश्व युद्ध की वजह से स्थगित किया गया था.

इनकी याद में दिया जाता है नोबेल पुरस्कार

डायनामाइट का आविष्‍कार एल्फ्रेड नोबेल की याद में हर साल साहित्य नोबेल पुरस्कार अवॉर्ड दिया जाता है.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay