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Opinion: शुक्र है, संशय के बादल छंट गए हैं

न्यूज चैनलों के पोस्ट पोल सर्वे से एक बात तो साफ हो गई कि देश में एनडीए की ही सरकार बनेगी और बीजेपी को समर्थन के लिए अन्य छोटे दलों के सामने हाथ नहीं फैलाना होगा. यह राहत की बात है और इसलिए कि विभिन्न क्षेत्रीय दलों का समर्थन लेकर बनी यूपीए सरकार की क्या हालत हुई, यह सभी को पता है.

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aajtak.in
मधुरेन्द्र सिन्हानई दिल्‍ली, 13 May 2014
Opinion: शुक्र है, संशय के बादल छंट गए हैं आज तक का पोस्ट पोल सर्वे

न्यूज चैनलों के पोस्ट पोल सर्वे से एक बात तो साफ हो गई कि देश में एनडीए की ही सरकार बनेगी और बीजेपी को समर्थन के लिए अन्य छोटे दलों के सामने हाथ नहीं फैलाना होगा. यह राहत की बात है और इसलिए कि विभिन्न क्षेत्रीय दलों का समर्थन लेकर बनी यूपीए सरकार की क्या हालत हुई, यह सभी को पता है.

समर्थन देने वाले क्षेत्रीय दलों ने उसकी क्या कीमत वसूली यह भी किसी से छुपा नहीं है. उनके लिए दिल्ली की सरकार मानो उनकी कर्जदार थी जिससे वह कुछ भी वसूल सकते थे. क्षेत्रीय दलों की मानसिकता और वरीयताएं अलग-अलग होती हैं. वे संघीय ढांचे का हिस्सा तो होते हैं लेकिन उनकी सोच कहीं अलग होती है. ऐसा नहीं है कि एनडीए में क्षेत्रीय दल नहीं हैं लेकिन उनकी ताकत बीजेपी के मजबूत होने के कारण कहीं कम है. जब प्रमुख दल बड़ा और विशाल होता है तो फिर क्षेत्रीय दल दब जाते हैं, सरकार में बने रहना उनकी विवशता होती है और वे अपनी शर्तों पर अड़े नहीं रह सकते. ऐसे में सरकार चलाना अपेक्षाकृत आसान होता है. पोस्ट पोल सर्वे से उम्मीद जगती है कि इस बार ऐसे ही परिणाम आएंगे. ऐसे में एनडीए सरकार सुचारू रूप से चल सकती है.

नरेंद्र मोदी के काम करने की शैली ऐसी है कि वह ज्यादा हस्तक्षेप पसंद नहीं करते और उनके बारे में यह कहा भी जाता है कि उनके लिए राष्ट्रहित सबसे बढ़कर है और इसके लिए वे झुकने को तैयार नहीं होते. ऐसे में जाहिर है कि टकराव के हालात पैदा हो सकते थे. अब उन्हें काम करने के लिए बढ़िया मौका मिला है. ऐसा लगता है कि जनता उन्हें बड़ा मैंडेट देने जा रही है और यह उनके लिए वरदान जैसा होगा.

यह देश के लिए भी अच्छा होगा कि किसी भी प्रधान मंत्री को काम करने की आजादी हो, उसके हाथ बंधे न हों जैसा मनमोहन सिंह के मामले में हमने देखा. एक ईमानदार प्रधान मंत्री के दामन पर छींटे इसलिए भी पड़े कि उन्हें क्षेत्रीय दलों की मांगों के आगे झुकना ही पड़ा. उस कारण से ही बड़े-बड़े घोटाले हुए.

बहरहाल बीजेपी को जनता से एक बड़ा उपहार मिलने जा रहा है. इससे न केवल उसे फैसले लेने में आसानी होगी और देश का शासन बिना किसी दबाव के चलेगा.

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