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'क्या खुद को भगवान बनाना चाहते हैं मोदी?'

लोकसभा चुनाव में अब आखिरी दौर की वोटिंग बची है. इस दौर में वाराणसी में भी मतदान होना है. चुनावी गहमा-गहमी के बीच शुक्रवार को वाराणसी में पंचायत आजतक का आयोजन किया गया है.
'क्या खुद को भगवान बनाना चाहते हैं मोदी?' पंचायत आजतक का सेशन क्या काशी पीएम बनाएगा?
आज तक ब्यूरो [Edited By: नमिता शुक्ला]वाराणसी, 09 May 2014

लोकसभा चुनाव में अब आखिरी दौर की वोटिंग बाकी है. इस दौर में वाराणसी में भी मतदान होना है. चुनावी गहमा-गहमी के बीच शुक्रवार को बनारस में 'पंचायत आजतक' का आयोजन किया गया है. 'क्या काशी पीएम बनाएगा?' सेशन में कांग्रेस नेता राशित अल्वी, बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद और आम आदमी पार्टी के आशुतोष ने हिस्सा लिया.

सेशन की शुरुआत रविशंकर प्रसाद के साथ...
रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'काशी एक ऐसी नगरी है जो कि ऐसे एमपी को चुनने जा रही है जो भावी पीएम है. काशी संस्कृति, संस्कार की नगरी है. काशी को कोई जीत नहीं सकता, काशी का अपना मिजाज है. पूरे देश में नरेंद्र मोदी के नाम की लहर है. मोदी जिस दिन नामांकन भरने पहुंचे लोग सड़क पर उतर आए उनकी एक झलक के लिए. मैंने ऐसा नजारा इससे पहले कभी नहीं देखा. देश की राजनीति कभी भी नफरत की राजनीति नहीं रही है लेकिन अब ऐसा नहीं है. नफरत की राजनीति से मुझे पीड़ा है और काशी का भी यही मिजाज है कि यहां नफरत की राजनीति नहीं है.' इस दौरान रविशंकर प्रसाद ने राशिद अल्वी को अपना अच्छा दोस्त भी बताया. लेकिन रविशंकर प्रसाद के इन दावों का जवाब राशिद अल्वी ने बखूबी दिया.

उन्होंने कहा, 'मैं रविशंकर प्रसाद जी की बातों से सहमत हूं कि देश में नफरत की राजनीति नहीं होनी चाहिए. इस बात से भी सहमत हूं कि काशी को कोई जीत नहीं सकता. गालिब ने कहा है कि काशी में रहने वाला हर आदमी राम है या लक्ष्मण. तो नफरत करने वाला यहां से कैसे जीत सकता है? मोदी की रैली का नाम है भारत विजय रैली. मुझे इस नाम से डर लगता है. ऐसा तो दुश्मन करते हैं कि देश पर फतह हासिल करने निकलें. भारत को कोई नहीं जीत सकता है. कोई नहीं बोलता है बीजेपी सरकार सब बोलते हैं मोदी की सरकार. काशी के अंदर आकर कहते हैं हर हर मोदी घर घर मोदी. क्या साबित करना चाहते हैं मोदी? खुद भगवान बनना चाहते हैं मोदी?'

वोट की ताकत को समझता है देश...
इस पर रविशंकर प्रसाद ने एक बार फिर माइक संभालते हुए कहा, 'कांग्रेस पार्टी का उस पार क्या होगा ये तो समय बताएगा. मोदी ने पूरे देश को साथ लेकर चलने की बात कही है. एक चाय बनाने वाला साधारण व्यक्ति अपने 14 साल के मुख्यमंत्री के रिकॉर्ड के चलते इस मुकाम पर पहुंचा है. यहां एक ही खानदान से नेता नहीं आते. मतभेद अब मनभेद बन चुका है. नफरत की दीवार को गिराने की जरूरत है. देश का आम नागरिक वोट की ताकत को समझता है. वोट की ताकत से जनता किसी भी नेता किसी भी पार्टी को हरा सकती है.'

मोदी की मां को लेकर अल्वी ने साधा निशाना...
अल्वी ने कहा, 'हमें आशंका नजर आती है. और इसलिए क्योंकि मोदी छोटे परिवार से उठकर आए. हम नहीं जानते उनकी बिरादरी कौन सी है? वो भी उन्होंने बताया. वो चाय बेचते थे और उनकी मां घरों में जाकर काम करती थी ये भी उन्होंने ही बताया. लेकिन आज भी उनकी मां 8 बाई 8 के कमरे में रहती हैं. उनकी मां ऑटो से वोट डालने गईं, जो बेटा अपनी मां का खयाल नहीं रख सकता वो भारत माता का क्या ध्यान रखेगा? मुझे गंगा ने बुलाया बोलकर मोदी काशी आए और यहां मिलने तक नहीं गए. इबादत करने पर कोई रोक नहीं है.'

रविशंकर प्रसाद ने दिया करारा जवाब...
उन्होंने कहा, 'मोदी अभी भी जीतते हैं तो अपनी मां का आशीर्वाद लेने जाते हैं. उनकी मां उन्हें आशीर्वाद देती हैं. वो अपने क्लर्क बेटे के साथ रहती हैं, इसमें क्या बुराई है. वो ऑटो से वोट डालने जाती हैं अगर इसमें उन्हें कोई दिक्कत नहीं तो आपको क्या दिक्कत है? पीएम बनकर मोदी गंगा घाट पर जाएंगे. इबादत दो तरह से होती है एक दिखावा और दूसरा दिल से. काशी के स्नेह को लेकर यहां आए हैं नरेंद्र मोदी.'

आशुतोष हुए निराश
आम आदमी पार्टी के आशुतोष इस मंच पर थोड़ी देर से पहुंचे. उन्होंने आते ही कहा, 'मुझे दोनों नेताओं की बातें सुनकर निराशा हुई है. ये मंच गंभीर बहस के लिए है. मोदी और उनकी मां का रिश्ता निजी मामला है. लेकिन किसी ने भी यहां की समस्याओं पर बात नहीं की. पिछले 24 सालों से यहां बीजेपी की सांसद जीत रहे हैं. लेकिन सड़कों की हालत अभी तक खराब है. गंगा मैली क्यों है? बिजली की दिक्कत क्यों है? ट्रैफिक की हालत इतनी खराब क्यों है? पब्लिक ट्रांसपोर्ट क्यों नहीं है? क्या देश में फासीवाद आ रहा है. लोगों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं. यहां हिंसा की राजनीति नहीं होती थी. सोमनाथ भारती पर चाकुओं से हमला हुआ.'

मोदी के पास है काशी के विकास की योजना...
रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'नरेंद्र मोदी के पास काशी के विकास की योजना है. हिंसा की राजनीति गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए. लेकिन कोई ये जवाब दे कि आखिरी इसी बार क्यों हिंसा हो रही है? फासीवाद से मतलब क्या है?'

घोटालों पर कौन देगा जवाबः आशुतोष
आशुतोष ने फिर बीजेपी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, 'देश में हो रहे घोटालों पर कौन जवाब देगा? कांग्रेस और बीजेपी दोनों के कार्यकाल में घोटाले हुए हैं. बीजेपी की कैसी विचारधारा है जो जिन्ना की तारीफ करने पर आडवाणी को अध्यक्ष पद से हटा दिया जाता है. देश के अंदर फासीवाद की आहट आ रही है. आज जिस दबाव में मीडिया काम कर रहा है वो दुखद है. लोकतांत्रिक परंपरा बनाए रखनी होगी. जनता को ये फैसला लेना होगा कि देश का लोकतंत्र जिंदा रहे या एक व्यक्ति के ही इर्द गिर्द घूमे.'

इसके जवाब में रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'मीडियावालों को जेल में भेजने की बात करने वाले हमें फासीवादी कह रहे हैं. मीडिया को धमकी दे रहे हैं कि वो दबाव में काम कर रही है. मुद्दा महंगाई, भ्रष्टाचार, रोजगार है. ये लोकसभा चुनाव है और देश की जनता समझती है कि किसे वोट देना है.'

इस पूरी बहस में कूदते हुए अल्वी ने कहा, 'मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मोदी जी तो आठवाणी जी के आंसू नजर नहीं आए, जसवंत सिंह के आंसू भी नहीं दिखे. मोदी जी को सुषमा स्वराज के दिल की आवाज भी नहीं सुनाई दी.'

इस पर करारा जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'बीजेपी की इतनी चिंता क्यों हो रही है? राहुल की चिंता कीजिए जिनका इस बार अमेठी से जीतना मुश्किल नजर आ रहा है. मनमोहन सिंह की चिंता कीजिए जिन्होंने कहा था 100 दिन में महंगाई कम होगी. आज तक नहीं हुई. भारत असहाय और असुरक्षित हो चुका है. मोदी की अगुवाई में देश अच्छा चलेगा. लेकिन हां आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका रुख कड़ा होगा और होना भी चाहिए.'

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