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वाराणसी: मोदी की रैली पर बवाल, BJP ने की चुनाव अधिकारी को हटाने की मांग

नरेंद्र मोदी की गुरुवार को वाराणसी में निर्धारित रैली को मंजूरी देने में कथित देरी पर विवाद उत्पन्न हो गया है और बीजेपी ने इसमें गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग से चुनाव अधिकारी को हटाने की मांग की है.

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aajtak.in
भाषा [Edited By: अभि‍जीत]वाराणसी, 07 May 2014
वाराणसी: मोदी की रैली पर बवाल, BJP ने की चुनाव अधिकारी को हटाने की मांग नरेन्द्र मोदी

नरेंद्र मोदी की गुरुवार को वाराणसी में निर्धारित रैली को मंजूरी देने में कथित देरी पर विवाद उत्पन्न हो गया है और बीजेपी ने इसमें गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग से चुनाव अधिकारी को हटाने की मांग की है.

वाराणसी में 12 मई को मतदान से जुड़ी सरगर्मी तेज होने के बीच बीजेपी नेता अरुण जेटली ने आरोप लगाया कि वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव अधिकारी के रूप में काम करने वाले जिला मजिस्ट्रेट रैली के लिए सुरक्षा मंजूरी देने के संदर्भ में ‘भरोसा न किये जा सकने वाला बहाना’ बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि रैली किसी भी उम्मीदवार का अधिकार है.

बीजेपी ने कहा कि उसने मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत को स्थानीय चुनाव अधिकारी के खिलाफ लिखा है और उन्हें हटाने की मांग की है.

गौरतलब है कि मोदी का गुरुवार शाम बेनियाबाग में चुनावी रैली का कार्यक्रम है. वह वाराणसी के ग्रामीण इलाके रोहानिया में भी एक रैली को संबोधित करेंगे.

अधिकारियों ने कहा कि बेनिया बाग में रैली को इस आधार पर रोका गया कि यह भीड़भाड़ वाला है और रैलियां निकालने के लिए उपयुक्त नहीं है.

उन्होंने कहा कि प्रशासन को आम लोगों से ऐसा आग्रह मिला था कि सुरक्षा खतरों के मद्देनजर ऐसे क्षेत्रों में रैली की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

शीर्ष अधिकारियों ने मंजूरी में देरी के लिए सुरक्षा एजेंसियों से रिपोर्ट न मिलने को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस बारे में अंतिम निर्णय शाम तक लिया जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि बेनिया बाग क्षेत्र में रैली के लिए कल ही आग्रह प्राप्त हुआ था.

अधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन पुलिस और स्थानीय खुफिया एजेंसियों से जमीनी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और शाम तक रैली की मंजूरी के बारे में अंतिम निर्णय ले लिया जायेगा.

इस स्थिति को ‘अभूतपूर्व’ करार देते हुए जेटली ने कहा, ‘अपने क्षेत्र में रैली आयोजित करना प्रत्येक उम्मीदवार का अधिकार है और नरेंद्र मोदी को इससे वंचित नहीं किया जा सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर मंजूरी से इंकार केवल पिछली तिथि के पत्र और तथाकथित खुफिया अलर्ट के आधार पर किया जा रहा है तो यह केवल बहाना है. हमने सीईसी को लिखा है और उम्मीद करते हैं कि स्थिति जल्द ही स्पष्ट हो जायेगी.’

यह पूछे जाने पर कि बीजेपी को यह संदेह है कि ‘इंकार’ के पीछे राज्य सरकार का हाथ है, जेटली ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि कौन हस्तक्षेप कर रहा है, लेकिन चुनाव अधिकारी के रूप में डीएम ऐसे निर्णय करने के लिए स्वतंत्र है और ऐसा माना जाता है कि उन्हें किसी दबाव में नहीं आना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘हमने सीईसी से उन्हें हटाने के लिए लिखा है.’

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