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नए दौर का अपना गैजेट पहन कर चलो

हमारी आधुनिक दुनिया में टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है. रोज टेक्नोलॉजी एक नए रूप में सामने आती है. टेक्नोलॉजी बदलने के साथ ही हम तक पहुंचते हैं नए-नए गैजेट्स. आज घड़ी और चश्मे से लेकर ब्रा तक सभी स्मार्ट हो गए हैं. स्मार्ट भी ऐसे की घड़ी फोन का काम कर रही है, तो चश्मा सिनेमा के पर्दे और इंटरनेट कैफे का और ब्रा को दिल की निगरानी करने की जिम्मेदारी मिल गई है.

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aajtak.in
दिगपाल सिंहनई दिल्ली, 01 December 2014
नए दौर का अपना गैजेट पहन कर चलो

हमारी आधुनिक दुनिया में टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है. रोज टेक्नोलॉजी एक नए रूप में सामने आती है. टेक्नोलॉजी बदलने के साथ ही हम तक पहुंचते हैं नए-नए गैजेट्स. आज घड़ी और चश्मे से लेकर ब्रा तक सभी स्मार्ट हो गए हैं. स्मार्ट भी ऐसे की घड़ी फोन का काम कर रही है, तो चश्मा सिनेमा के पर्दे और इंटरनेट कैफे का और ब्रा को दिल की निगरानी करने की जिम्मेदारी मिल गई है.

वक्त तो बदलता रहा, लेकिन वक्त की इस रेस में घड़ी कहीं पीछे छूट गई. जब मोबाइल फोन भी सही समय बताता है तो ऐसे में घड़ी की अहमियत धीरे-धीरे कम होने लगी. हालांकि ब्रा के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ, लेकिन इसमें कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं हुए. लेकिन ब्रा ने भी अब डिजिटल रूप धारण कर लिया है. अब ब्रा सिर्फ महिलाओं की बॉडी को शेप ही नहीं देती बल्कि उनकी सेहत का भी ध्यान रखती है. गोगल्स भले ही लोग टशन के लिए पहनते हों, लेकिन नजर के चश्मे से निजात पाने के लिए ऑपरेशन तक से गुजर जाने वालों की कोई कमी नहीं है. आंखों के गैजेट के रूप में चश्मा आया तो हर कोई उसकी तरफ हसरत भरी निगाहों से देखने लगा है.

नए अवतार में घड़ी

आपने कहावत तो सुनी ही होगी कि वक्त बदलते देर नहीं लगती. घड़ी के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ. जिस मोबाइल फोन के कारण घड़ी वक्त की रेस में पीछे छूट गई थी, जिसे पूछने वाला कोई नहीं था, वही फैशन का नया गैजेट बनकर सामने आ गई. जिस मोबाइल ने घड़ी को रेस से बाहर फेंक दिया था, वही मोबाइल उसे अपना अहम सहयोगी बनाकर फिर से रेस में ले आया. घड़ी अब घड़ी न रहकर स्मार्टवॉच बन गई है, वेयरेबल गैजेट्स में घड़ी इस श्रेणी को लीड करती है. स्मार्टवॉच सिर्फ समय नहीं बताती बल्कि‍ यह फोन कॉल रिसीव करने, एसएमएस भेजने व पढ़ने, इंटरेनट सर्फ करने, फोटो खींचने के अलावा सेहत पर भी नजर रखती है.

बाजार में मौजूद स्मार्टवॉच पर एक नजर:
सैमसंग के गैलेक्सी गीयर, गीयर 2, गीयर 2 नैनो और गीयर फिट
सोनी की स्मार्टवॉच, स्मार्टवॉच 2 और स्मार्टवॉच 3 
एलजी की जी-वॉच
मोटोरोला की मोटो-360
एप्पल की एप्पल आईवॉच 2015 की शुरुआत में लॉन्च होगी
स्पाइस की स्मार्ट पल्स
आसुस की जेनवॉच 2015 की शुरुआत में भारत में लॉन्च होगी.

दिल की निगरानी करती हैं ये ब्रा
1. मशहूर लॉन्जरी ब्रांड विक्टोरियाज सीक्रेट ने दिल की निगरानी करने वाली ब्रा पेश की हैं. इस ब्रा के कपड़े में दिल की धड़कनें मापने के लिए सेंसर्स लगे हुए हैं. ‘इनक्रेडिबल बाई विक्टोरियाज सीक्रेट हार्ट-रेट मॉनीटर कॉम्पैटिबल स्पोर्ट्स ब्रा ’ नाम की इस ब्रा की कीमत 72.50 से 75.50 डॉलर यानी करीब 4400 से 4700 रुपये के बीच रखी गई है.

ब्रा के फैब्रिक में हार्ट रेट जांचने के लिए सेंसर्स लगे हुए हैं, लेकिन इसे खरीदने की इच्छुक महिलाओं को ब्रा में अपने दिल से जुड़े डाटा को देखने के लिए अलग से हार्ट रेट मॉनीटर डिवाइस खरीदने की जरूरत पड़ती है. बाजार में मौजूद ज्यादातर मॉनीटर्स के साथ यह कॉम्पैटिबल है.

2. स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी मुहैया कराने वाली कंपनी ‘क्लोथिंग प्लस’ की मदद से एडि‍डास और अंडर आर्मर ने भी ऐसे उत्पाद बाजार में उतारे हैं. 2013 कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस) में पहनने योग्य टेक्ननोलॉजी ने धूम मचा दी थी. इसमें सेंसोरिया फिटनेस ब्रा, टीशर्ट और सॉक्स दिखाए गए थे, जिन्हें किसी भी स्मार्टफोन से कनेक्ट किया जा सकता है. ये सभी उत्पाद दौड़ने और वॉक करने वाले लोगों के लिए बनाए गए थे जो अपनी सेहत और वर्कआउट पर नजर रखना चाहते हैं.

3. दुनिया में चोटी की सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट टेक्नोलॉजी की रेस में कहां पीछे रहने वाली है. पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट भी स्मार्ट ब्रा पेश कर चुकी है. इस ब्रा में अलग कर सकने लायक सेंसर्स लगे हैं, जो दिल और स्किन की हरकतों पर नजर रखती है. यही नहीं स्मार्ट ब्रा यह भी पता लगा सकती है कि इसे पहनने वाली महिला स्ट्रेस में तो नहीं है.

चश्मा भी हो गया स्मार्ट
चश्मा भी अब स्मार्ट हो गया है और इसकी शुरुआत इंटरनेट गुरु गूगल ने की है. गूगल के गूगल ग्लास के बाद दुनियाभर की तमाम कंपनियां इस प्रोजेक्ट में जुट गई हैं. देर-सबेर ऐसे चश्में बाजार में उपलब्ध हो जाएंगे. एप्शन ने भी स्मार्ट ग्लास बाजार में उतारे हैं. सैमसंग अपने गैलेक्सी ब्रांड के तहत गैलेक्सी ग्लास पेश करने की तैयारी कर चुका है. उधर एप्पल भी इसी तरह के प्रोजेक्ट में जुटा हुआ है. गूगल ग्लास मार्केट में आ चुका है और उसने कई कमाल भी कर दिखाए हैं.

गूगल ग्लास

गूगल ग्लास एक चमत्कारी चश्मा है. इससे ऑडियो-वीडियो चैट, ईमेल, मौसम की जानकारी, जीपीएस आदि की जानकारी सीधे चश्मे के शीशे पर पहुंच जाती है. देखने में भले ही गूगल ग्‍लास छोटा हो लेकिन इसमें जीपीएस, इंटरनेट सर्फिंग के शानदार फीचर्स हैं. तकनीक के साथ ही गूगल ग्‍लास में डिजाइन का भी खास ध्‍यान रखा गया है ताकि लोग इसे साधारण ग्‍लास की तरह पहन सकें.

गूगल ग्लास में स्पीच रिकग्निशन यानी वॉयस कमांड दी गई है, मतलब आप कुछ बोलकर भी गूगल ग्लास को निर्देश दे सकते हैं. अच्छी बात ये है कि इसमें दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. इस ग्लास के जरिए वीडियो रिकॉर्ड‍िंग के साथ ही फोटो भी खींच सकते हैं. ऑनलाइन सर्च इसमें बेहद आसान है और अगर आपके पास कोई जानकारी है तो आप उसे दूसरों के साथ शेयर भी कर सकते हैं.

मोटोरोला कीलिंक
हालांकि यह वेयरेबल गैजेट नहीं है, लेकिन एक ऐसी चीज है जो अक्‍सर हमारे हाथ में रहती है. मोबाइल कंपनी मोटोरोला ने एक ऐसी की-चेन पेश की है जो आपके खोए मोबाइल को तुरंत ढूंढ देगी. कंपनी ने इस डिवाइस का नाम कीलिंक रखा है और यह एक चाबी के छल्ले के रूप में आती है. मोटो कीलिंक जहां खोए मोबाइल को ढूंढने में आपकी मदद करेगा, वहीं अगर आपकी चाबी खो जाए, लेकिन मोबाइल पास में ही हो तो मोबाइल चाबी और इस छल्ले को ढूंढ लेगा. इस कीलिंक को आप अपने स्मार्टफोन के साथ पेयर कर सकते हैं.

कीलिंक की कीमत सिर्फ 24.99 डॉलर यानी करीब 1500 रुपये रखी गई है. इसे Motorola.com से खरीदा जा सकता है. कंपनी के अनुसार इस छल्ले की बैटरी एक साल तक चलती है और जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से साधारण कॉइन सेल बैटरी से बदला जा सकता है. इसे एंड्रॉयड 4.3 या उसके बाद के ऑपरेटिंग सिस्टम और आईओएस 7.1 या उससे आगे के वर्जन में इस्तेमाल किया जा सकता है.

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