एडवांस्ड सर्च

केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए गूगल ने दी FB से चार गुना ज्यादा रकम

केरल में 29 मई से शुरू हुई मॉनसूनी बारिश के बाद से 417 लोगों ने जान गंवाई है, जबकि 8.69 लाख विस्थापित लोगों ने 2,787 राहत शिविरों में शरण ले रखी है.

Advertisement
Sahitya Aajtak 2018
aajtak.in [Edited by: साकेत सिंह बघेल]नई दिल्ली, 28 August 2018
केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए गूगल ने दी FB से चार गुना ज्यादा रकम प्रतीकात्मक फोटो

गूगल केरल में राहत कार्यों के लिए 10 लाख डॉलर (करीब सात करोड़ रुपये) का योगदान देगा. केरल भयानक बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है. गूगल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये जानकारी दी.

गूगल फॉर इंडिया कार्यक्रम में दक्षिणपूर्व एशिया और भारत के उपाध्यक्ष राजन आनंदन ने कहा, 'गूगल डॉट ओआरजी और गूगल के कर्मचारी केरल में राहत कार्य के लिए 10 लाख डॉलर का योगदान देंगे.' गूगल क्राइसिस रिस्पांस टीम ने केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कई उपाय शुरू किए हैं. आनंदन ने कहा कि अन्य उपायों में इसने पर्सन फाइंडर टूल को एक्टिव किया है, जिसने रिकॉर्ड 22,000 लोगों को खोजा है.

बता दें कि कुछ दिन पहले फेसबुक ने भी एक एनजीओ के माध्यम से केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद देने की घोषणा की थी. फेसबुक ने 1.75 करोड़ रुपए बाढ़ पीड़ितों के लिए दिए थे. गूगल ने इससे चार गुना ज्यादा रकम बाढ़ पीड़ितों के लिए दी है.

कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने भारत के लिए कुछ खास फीचर्स पेश किए हैं. गूगल ने काफी पहले ही भारत के लिए एक पेमेंट ऐप तेज लॉन्च किया था. अब गूगल ने ऐलान किया है इसका नाम बदल कर Google Pay कर दिया गया है. आपको बता दें कि गूगल पे अमेरिका और दूसरे देशों में पहले से ही है.

इस इवेंट के दौरान गूगल ने कहा कि गूगल असिस्टेंट को अब हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में शुरू किया जा रहा है. इसके साथ ही हाईलाईट्स की बात करें तो कंपनी ने कहा है कि कंपनी कई प्रोजेक्ट ला रही है जिससे पब्लिशर्स को आसानी होगी.

गूगल इंडिया और साउथ एशिया के वाइस प्रेसिडेंट राजन आनंदन ने इस इवेंट के कीनोट सेशन में कहा है, ‘वॉयस, वीडियो और मातृभाषा इंटरनेट यूजर्स का भविष्य है. सर्च करने के लिए लोग अब वॉयस को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. हम भारत में वॉयस सर्च में बड़ी बढ़ोतरी देख रहे हैं. 75 फीसदी है मोबाइल ट्रैफिक सिर्फ ऑनलाइन वीडियोज से आते हैं. ज्यादातर भारतीय यूजर्स अब भारतीय भाषाओं को ऑनलाइन यूज कर रहे हैं और उम्मीद है अगले दो साल तक इनकी संख्या 500 मिलियन तक हो जाएगी. 95 फीसदी वीडियो की खपत मातृभाषा में होती है.’

(इनपुट-आईएएनएस)

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay