एडवांस्ड सर्च

Advertisement

वेब ब्राउजर में पासवर्ड सेव करते हैं तो सावधान हो जाएं

गूगल क्रोम डेस्कटॉप पर यूज किया जाने वाला सबसे पॉपुलर वेब ब्राउजर है और इसमें से भी सेव्ड पासवर्ड्स चोरी किए जा सकते हैं. क्रोम के अलावा मोजिला फायरफॉक्स और ओपेरा ब्राउजर भी इस खामी की वजह से प्रभावित किए जा सकते हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि माइक्रोसॉफ्ट का ऐज ब्राउजर भी पासवर्ड मैनेजर में मिले इस बग से सुरक्षित नहीं है.

वेब ब्राउजर में पासवर्ड सेव करते हैं तो सावधान हो जाएं Representational Image
मुन्ज़िर अहमदनई दिल्ली, 03 January 2018

आमतौर पर इंटरनेट यूजर्स वेब ब्राउजर्स में पासवर्ड सेव करके रखते हैं ताकि लॉग इन करने में आसानी है. यूजरनेम, पासवर्ड, ऐड्रेस और दूसरी जानकारियां जिनकी जरूरत किसी वेबसाइट को लॉग इन करने में होता है इसे ब्राउजर में सेव कर देते हैं. लेकिन यह खतरनाक साबित हो सकता है. सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने ब्राउजर्स के इन बिल्ट पासवर्ड मैनेजर में एक बग यानी खामी ढूंढी है जो 11 साल पुरानी है. इसके जरिए ही कोई आपके ब्राउजर में से सेव किए गए पासवर्ड्स और दूसरी जानकारियां चुरा सकता है.

इस मामले की गंभीरता ये है कि हैकर्स किसी खतरनाक इरादे को अंजाम देने के लिए बिना आपके इंटरऐक्शन के पासवर्ड्स चुरा सकते हैं.

किस वेब ब्राउजर से चुराए जा सकते हैं पासवर्ड्स

गूगल क्रोम डेस्कटॉप पर यूज किया जाने वाला सबसे पॉपुलर वेब ब्राउजर है और इसमें से भी सेव्ड पासवर्ड्स चोरी किए जा सकते हैं. क्रोम के अलावा मोजिला फायरफॉक्स और ओपेरा ब्राउजर भी इस खामी की वजह से प्रभावित किए जा सकते हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि माइक्रोसॉफ्ट का ऐज ब्राउजर भी पासवर्ड मैनेजर में मिले इस बग से सुरक्षित नहीं है.

गौरतलब है कि इन सभी वेब ब्राउजर्स में एक इनबिल्ट पासवर्ड मैनेजर होता है जहां वेबसाइट का यूआरएल, यूजरनेम और पासवर्ड सेव होते हैं. हालांकि इसके लिए आपसे ब्राउजर परमिशन मांगता है. बाद में इसे ऐक्सेस करने के लिए आपको जीमेल का पासवर्ड या उस ब्राउजर में किए गए लॉग इन का पासवर्ड देना होता है.  

कौन चुरा रहा है ब्राउजर में सेव किए गए पासवर्ड्स?

प्रिंस्टन सेंटर फॉर इनफॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी पॉलिसी के कुछ रिसर्चर्स ने पाया है कि AdThink और OnAudiance नाम की दो मार्केटिंग कंपनियां ब्राउजर में दिए गए इनबिल्ट पासवर्ड में सेंध मारता है.

रिसर्चर्स ने यह पाया है कि थर्ड पार्टी ट्रैकिंग स्क्रिप्ट के जरिए ये वेबसाइट्स वेबपेज के बैकग्राउंड में न दिखने वाला लॉग इन फॉर्म इंजेक्ट करते हैं. इससे ब्राउजर आधारित इनबिल्ट पासवर्ड मैनेजर यूजर की सेव्ड जानकारियां जैसे यूजरनेम और पासवर्ड चुराते हैं.

कैसे करें बचाव ?

साधारण सी बात है, अगर आप किसी वेब ब्राउजर में पासवर्ड अपना यूजरनेम सेव ही नहीं करेंगे तो किसी भी विज्ञापन कंपनियों के लिए इसे चुराना मुश्किल होगा. इतना ही नहीं ब्राउजर में सेव किए गए पासवर्ड के और भी नुकसान है, अगर आपने कहीं ब्राउजर खुला छोड़ा है तो कोई इसका गलत फायदा उठा सकता है. इसलिए सतर्क रहें और जहां तक हो सके किसी भी वेब ब्राउजर में पासवर्ड सेव करने से बचें.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay