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फेक न्यूज रोकने को वॉट्सऐप का नया फीचर, पता चलेगा कौन सा है फॉरवर्डेड मैसेज

मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने 'फॉरवर्ड मैसेज इंडीकेटर' फीचर की शुरुआत कर दी है. इस फीचर से अब किसी भी यूजर को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उसे मिला हुआ मैसेज भेजने वाले ने जनरेट किया है या किसी और के मैसेज को ही फॉरवर्ड किया गया है.

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aajtak.in
भारत सिंह नई दिल्ली, 11 July 2018
फेक न्यूज रोकने को वॉट्सऐप का नया फीचर, पता चलेगा कौन सा है फॉरवर्डेड मैसेज वॉट्सऐप लाया नया फीचर (फोटो- रॉयटर्स)

मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने 'फॉरवर्ड मैसेज इंडीकेटर' फीचर की शुरुआत कर दी है. इस फीचर से अब किसी भी यूजर को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उसे मिला हुआ मैसेज भेजने वाले ने जेनरेट किया है या किसी और के मैसेज को ही फॉरवर्ड किया गया है.

हाल के दिनों में सोशल मीडिया के जरिए देश में फेक न्यूज और अफवाहें फैलाने के कई मामले देखे गए. वॉट्सऐप भड़काऊ मैसेज और अफवाहें फैलाने को लेकर विवादों में घिरा हुआ है. इसके बाद वॉट्सऐप की ओर से मंगलवार को देशभर के प्रमुख अखबारों में पूरे पेज के विज्ञापन भी दिए गए थे.

कंपनी ने अपने नए फीचर को लेकर दुनिया भर में प्रेस रिलीज जारी की है. इसमें कहा गया है कि वॉट्सऐप यूजर को यह पता चल जाएगा कि कौन-कौन से मैसेज उसे फॉरवर्ड किए गए हैं. इससे यूजर को एक-दूसरे के साथ और वॉट्सऐप ग्रुप में बातचीत करने में आसानी होगी. हालांकि, अब भी यह सवाल बना हुआ है कि वॉट्सऐप के इस कदम से फेक न्यूज पर किस हद तक लगाम लगेगी.

हालांकि, इस नई सुविधा से यूजर को यह भी पता चलेगा कि उसके दोस्त या रिश्तेदार द्वारा भेजा गया मैसेज उन्होंने लिखकर भेजा है या कहीं और से आया है. इस फीचर के लिए यूजर को अपने स्मार्टफोन में वॉट्सऐप का अपडेटेड वर्जन रखना होगा.

(ऐसे दिखेगा फॉरवर्डेड मैसेज. फोटो- वॉट्सऐप ब्लॉग)

कंपनी ने कहा, 'वॉट्सऐप आपकी सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है. हम आपको फॉरवर्ड किए गए मैसेज को शेयर करने से पहले एक बार सोचने की सलाह देते हैं. इसे फॉरवर्ड करने से बचने के लिए आप एक टच से स्पैम (गलत संदेश) की रिपोर्ट कर सकते हैं या मैसेज भेजने वाले शख्स को ब्लॉक कर सकते हैं.'

हाल ही में देश के कई इलाकों में वॉट्सऐप पर प्रसारित 'बच्चा चोरी' की झूठी खबरों, अफवाहों की वजह से भीड़ के पीट-पीट कर लोगों को जान से मार देने की कई घटनाएं हुई हैं. गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाएं देखने को मिली थीं.

इस बारे में पिछले हफ्ते सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने वॉट्सऐप से ज्यादा जिम्मेदारी सुनिश्चित करने को कहा था. साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर वॉट्सऐप की मदद से फेक न्यूज को फैलाया जाता है तो सरकार इसे सहन नहीं करेगी.

फेसबुक के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप ने मंगलवार को अपने विज्ञापन में लोगों को झूठी खबरों से बचने की सलाह दी थी. इस विज्ञापन में वॉट्सऐप ने कहा है, 'हम सब मिलकर फेक न्यूज की समस्या को दूर कर सकते हैं. इसके लिए प्रौद्योगिकी कंपनियों, सरकार और सामुदायिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा. अगर आपको कुछ ऐसा दिखाई देता है जो आपको लगता है कि सच नहीं है तो कृपया उसकी रिपोर्ट करें.'

इस विज्ञापन में वॉट्सऐप ने यूजर्स से अनुरोध किया है कि वे फॉरवर्ड किए गए मैसेज से सावधान रहें, परेशान करने वाली जानकारी पर खुद से सवाल उठाएं, जिस जानकारी पर यकीन करना मुश्किल हो उसकी जांच करें, मैसेज में मौजूद फोटो या वीडियो को ध्यान से देखें, लिंक की जांच करें और मैसेज को सोच समझकर ही शेयर करें.

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