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Facebook को पता है आपने आखिरी बार कब बनाए संबंध, और भी बहुत कुछ...

एक रिपोर्ट से ये जानकारी मिली है कि दो पीरियड ट्रैकिंग ऐप्स ने लाखों महिलाओं की गोपनीय जानकारियां फेसबुक से शेयर की हैं.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 10 September 2019
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लाखों महिलाओं के निजी डेटा फेसबुक के साथ साझा किए गए हैं. ये डेटा पीरियड ट्रैकिंग ऐप्स के जरिए फेसबुक के पास पहुंचाए गए हैं. ये जानकारी प्राइवेसी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट से मिली है. ये ऐप्स महिलाओं की कई निजी जानकारियां जैसे- कब यूजर का पीरियड शुरू हुआ और कब बंद हुआ, यूजर का मूड, क्रेविंग और सेक्स लाइफ से जुड़ी जानकारी कलेक्ट करती हैं. इसमें 'आखिरी बार कब सेक्स किया गया' और 'कौन सा कॉन्ट्रासेप्टिव मेथड यूज किया गया' जैसी बेहद गोपनीय जानकारियां भी सामिल हैं.

Buzzfeed न्यूज के मुताबिक ये जानकारी फेसबुक को भेजी गई हैं और टारगेट ऐड्स के लिए उपयोग में लाई गईं हैं. जिन दो ऐप्स का नाम सामने आया है, उसमें Maya और MIA Fem शामिल हैं. Maya को गूगल प्ले और ऐप स्टोर से 5 मिलियन से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था. वहीं MIA Fem के 2 मिलियन से भी ज्यादा यूजर्स हैं.

Maya और MIA Fem पीरियड ट्रैकिंग ऐप्स हैं. ये दोनों ऐप्स यूजर से कई तरह के बेहद पर्सनल डीटेल्स मांगते हैं. ये सभी जानकारियां फेसबुक को सॉफ्टवेयर डेवेलपर किट यानी एसडीके के जरिए शेयर की गई थीं. फेसबुक सॉफ्टवेयर डेवेलपमेंट किट एक प्रॉडक्ट है जिसके तहत डेवेलपर्स किसी ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए ऐप्स बनाते हैं. इसके तहत वो ट्रैक करते हैं और फेसबुक के विज्ञापन नेटवर्क का सहारा लेकर पैसे कमाते हैं.

प्राइवेसी इंटरनेशनल ने पाया है कि दोनों माया और मिया फेसबुक के साथ डेटा शेयर कर रहे थे. जैसे ही ऐप इंस्टॉल होने के बाद ओपन किया जाता है वैसे ही इस ऐप का डेटा फेसबुक के साथ शेयर किया जाता है.  

Elle की रिपोर्ट के मुताबिक माया यूजर्स के सेक्सुअल हेल्थ डेटा फेसबुक को बिना यूजर्स की इजाजत के दे दिया गया है. हालांकि MIA Fem ने यूजर्स से इजाजत ली है. लेकिन ये ऐप ने ये साफ नहीं किया है कि कौन सा डेटा कलेक्ट किया जा रहा है. एक पूर्व माया यूजर ने बजफीड को बताया कि यूजर के मूड, साइकल और सेक्स लाइफ से संबंधित डेटा को ट्रैक कर एडवरटाइजर्स स्पेसिफिक ऐड्स को टारगेट करने में सक्षम होते हैं. इसमें महीने के कुछ खास समय ये इमोशनल ऐड्स भी पुश करते हैं. इससे यूजर जरूरत से ज्यादा खर्च कर देता है.

फेसबुक ने बजफीड न्यूज को बताया है कि फेसबुक ने बज़फीड न्यूज को बताया कि SDK पॉलिसी के किसी भी संभावित उल्लंघन पर चर्चा करने के लिए प्रिवेसी इंटरनेशनल द्वारा पहचाने गए ऐप से संपर्क किया गया है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि डेटा फेसबुक के अलावा और किन-किन के साथ शेयर किया गया है.

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