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5.6 लाख भारतीय FB यूजर्स का डेटा कैंब्रिज एनालिटिका को दिया गया!

फेसबुक के मुताबिक लगभग 5 लाख 62 हजार भारतीय यूजर्स का डेटा कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया गया है. कंपनी ने एक लिस्ट जारी की है जिसमें उन देशों का नाम और प्रतिशत है जहां के यूजर्स का डेटा गलत तरीके से कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया गया है.

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aajtak.in
मुन्ज़िर अहमद नई दिल्ली, 05 April 2018
5.6 लाख भारतीय FB यूजर्स का डेटा कैंब्रिज एनालिटिका को दिया गया! Representational Image

फेसबुक ने एक बयान में कहा है कि लगभग 87 मिलियन यूजर्स का डेटा कैंब्रिज एनालिटिका का साथ शेयर किया गया है जिसमें ज्यादातर अमेरिकी यूजर्स हैं. यह पहला मौका है जब फेसबुक ने साफ तौर पर मान लिया है कि भारती यूजर्स का भी डेटा कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया गया है.  

फेसबुक के मुताबिक लगभग 5 लाख 62 हजार भारतीय यूजर्स का डेटा कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया गया है. कंपनी ने एक लिस्ट जारी की है जिसमें उन देशों का नाम और प्रतिशत है जहां के यूजर्स का डेटा गलत तरीके से कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया गया है. इस लिस्टम में भारत का नंबर 7वां है और सभी यूजर्स में से 0.6 फीसदी भारतीय यूजर्स का डेटा शेयर किया गया है.

हालांकि फेसबुक ने ‘शायद’ शब्द का प्रयोग किया है यानी कंपनी ने ये नहीं कहा है कि ऐसा हुआ है, बल्कि फेसबुक ने कहा है कि शायद ऐसा हुआ होगा. कंपनी ने यह नहीं कहा है कि भारतीय यूजर्स का डेटा किस काम लिए शेयर किया गया है और कैंब्रिज एनालिटिका ने उन डेट का इस्तेमाल किस काम के लिए किया है.

गौरतलब है कि फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग अब कह रहे हैं कि उन्होंने निजी तौर पर प्राइवेसी पर फोकस ना करके बहुत बड़ी गलती की है और उन्हें एक मौका चाहिए.

आपको बता दें कि फेसबुक को भारत सरकार ने भी नोटिस भेजा है और 7 अप्रैल तक संभावित डेटा लीक की जानकारी मांगी है. फेसबुक से पूछा गया है कि भारतीय यूजर्स का डेटा इलेक्शन को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है या नहीं.

फेसबुक द्वारा जारी की गई लिस्ट में सबसे ऊपर अमेरिकी यूजर्स हैं और करीब 70 लाख 60 हजरा यूजर्स का डेटा कैंब्रिज एनालिटिका का साथ शेयर किया गया है. दूसरे नंबर पर फिलिपिंस है जहां करीब 11 लाख यूजर्स का फेसबुक डेटा प्रभावित हुआ है.

कैंब्रिज एनालिटिका एक एजेंसी है जिस पर फेसबुक यूजर डेटा का इलेक्शन को प्रभावित करने का आरोप है . इसी वजह से फेसबुक की प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर भी सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों यूजर्स के डेटा के साथ फेसबुक खिलवाड़ कैसे कर सकता है. बहरहाल 11 अप्रैल को फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश होंगे और यहां डेटा के कथित गलत इस्तेमाल पर उन्हें जवाब देना होगा.

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