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FB ने यूजर इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी के नाम पर हटाए हजारों ऐप

लॉग इन विद ऐप का फीचर अब लगभग ज्यादार ऐप्स में मिलता है. इससे यूजर्स बिना उस ऐप पर रजिस्टर किए हुए फेसबुक की जानकारियों से उस ऐप में लॉग इन कर सकते हैं.
FB ने यूजर इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी के नाम पर हटाए हजारों ऐप Representational Image
AajTak.in [Edited By: मुन्ज़िर अहमद]नई दिल्ली, 01 August 2018

सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म से हजारों ऐप्स को यूजर डेटा ऐक्सेस करने से ब्लॉक किया है. आपको बता दें कि कैंब्रिज अनालिटिका डेटा स्कैंडल के बाद से फेसबुक ने सावधानी बरतना शुरू कर दिया है और फेसबुक पर दूसरे ऐप को यूजर ऐक्सेस देने में भी कई शर्तें रखी हैं.

फेसबुक प्रोडक्ट पार्टनर्शिप वाइस प्रेसिडेंट ने कहा है, ‘फेसबुक ने हजारों API ऐक्सेस को हटाया है जो ऐक्टिव नहीं थे और इन्होंने ऐप रिव्यू के लिए आवेदन नहीं किया था’. उन्होंने यह भी कहा है, ‘ ये बदलाव करके हमारा उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि हम फेसबुक पर यूजर्स की जानकारी की रक्षा कर सकें और डेवेलपर्स को बेहतर सोशल एक्सपीरिएंस का मौका दें. जैसे ग्रुप को मैनेज करना, ट्रिप प्लान करना या आपके फेवरेट बैंड के कॉनसर्ट का टिकट बुक कराना.

क्या होता है फेसबुक ऐप ऐक्सेस

फेसबुक पर कई ऐप्स होते हैं. थर्ड पार्टी डेवेलपर्स इन ऐप्स से यूजर्स को इंगेज करते हैं जिससे लोग ज्यादा समय तक फेसबुक पर बिता सकें. इससे दोनों का फायदा होता है. डेवेलपर्स और फेसबुक दोनों ही इससे पैसे कमाते हैं. डेवेलपर्स को फेसबुक के यूजरबेस का फायदा मिलता है और फेसबुक को लोगों का स्टे टाइम मिलता है जो वो उस ऐप की वजह फेसबुक की सर्विस यूज कर रहे होते हैं.

ऐप ऐक्सेस के लिए डेवेलपर को फेसबुक की इजाजत लेनी होती है. लॉग इन विद ऐप का फीचर अब लगभग ज्यादार ऐप्स में मिलता है. इससे यूजर्स बिना उस ऐप पर रजिस्टर किए हुए फेसबुक की जानकारियों से उस ऐप में लॉग इन कर सकते हैं. ऐसा करके वो ऐप यूजर्स की जानकारी ले लेता है. हालांकि इसके लिए वो ऐप आपसे परमिशन भी मांगता है. दरअसल फेसबुक ने ऐसे ही हजारों ऐप्स को हटाया है जिन्होंने रिव्यू प्रोसेस में हिस्सा नहीं लिया और वो इनऐक्टिव थे.

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