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फैक्ट चेक: गरीबों की मदद करते सिखों की पुरानी तस्वीर मजदूरों के पलायन से जोड़कर वायरल

तस्वीर में सिख समुदाय के कुछ लोगों को फुटपाथ पर लोगों की मरहम-पट्टी करते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि सिख समुदाय के लोग उन प्रवासी मजदूरों की मरहम पट्टी कर रहे हैं, जिनके पैर हाईवे पर पैदल चलते-चलते जख्मी हो गए.

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aajtak.in
अर्जुन डियोडिया नई दिल्ली, 22 May 2020
फैक्ट चेक: गरीबों की मदद करते सिखों की पुरानी तस्वीर मजदूरों के पलायन से जोड़कर वायरल फैक्ट चेक

लॉकडाउन में परेशानियों का सामना कर रहे प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए कई संस्थाएं और लोग आगे आ रहे हैं. इसी से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है. इस तस्वीर में सिख समुदाय के कुछ लोगों को फुटपाथ पर लोगों की मरहम-पट्टी करते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि सिख समुदाय के लोग उन प्रवासी मजदूरों की मरहम पट्टी कर रहे हैं, जिनके पैर हाईवे पर पैदल चलते-चलते जख्मी हो गए.

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Balakrishnan R नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस तस्वीर शेयर किया है और अंग्रेजी में कैप्शन लिखा है, जिसका अनुवाद कुछ इस तरह से होगा, "उन प्रवासी मजदूरों के घायल पैरों में दवा लगाते सिख, जो कठोर राजमार्गों के जरिये अपने मूल घरों की ओर पैदल चलते चले जा रहे हैं... मनुष्यों के लिए मानवतावाद से परे, प्रेम और सेवा से परे कोई धर्म आदर्श नहीं हो सकता.. इन महान लोगों के प्रति मैं सम्मान प्रकट करता हूं.."

इस पोस्ट को अभी तक 15,000 से भी ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

क्या है सच्चाई?

तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये तस्वीर लगभग ढाई साल पुरानी है और इसका अभी चल रहे लॉकडाउन से कोई लेना-देना नहीं. हालांकि, ये बात भी सच है कि सिख समुदाय के लोग लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की बढ़-चढ़कर मदद कर रहे हैं.

तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें Daily Sikh Updates नाम का एक फेसबुक पेज मिला. इस पेज पर वायरल तस्वीर को 11 नवंबर, 2017 को पोस्ट किया गया था. इस फेसबुक पेज के मुताबिक, ये तस्वीर दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीश गंज साहिब के पास की है जहां पर सिख समुदाय के लोग रोजाना गरीब लोगों के घाव की मरहम पट्टी करते हैं.

टाइम्स नाउ ने भी दिसंबर, 2017 में इसको लेकर एक खबर प्रकाशित की थी. खबर में बताया गया है कि दिल्ली के इस गुरुद्वारे के पास सिख डॉक्टर और चिकित्सा-सहायक रोजाना चोटिल गरीबों और जरुरतमंदों की मरहम पट्टी करते हैं.

ये भी गौर करने वाली बात है कि तस्वीर में कोई भी व्यक्ति मास्क और दस्ताने पहने नहीं दिख रहा है. कोरोना वायरस के चलते इस तरह की तस्वीर आना भी मुश्किल है. इस तस्वीर से ये भी भ्रम फ़ैल सकता है कि सिख समुदाय के लोग कोरोना वायरस के चलते मदद करते वक्त सावधानी नहीं बरत रहे हैं.

लॉकडाउन में सिख समुदाय का योगदान

ये तस्वीर भले ही पुरानी हो, लेकिन सिख समुदाय के लोग सचमुच कोरोना काल में लोगों की मदद करने में जुटे हैं. ऐसी कई रिपोर्ट्स इंटरनेट पर मौजूद हैं जिसमें बताया गया है कि कैसे सिख समुदाय लॉकडाउन में जरुरतमंदों को खाना और अन्य सामान बांट रहा है.

कई जगहों पर सिखों ने लॉकडाउन की वजह से पैदल अपने घर जा रहे लोगों के लिए लंगर भी लगाया है. कुछ दिनों पहले दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने भी प्रवासी मजदूरों सहित जरुरतमंदों को फ्री खाना देने की बात कही थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन में दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब की रसोई रोजाना लाखों लोगों का पेट भर रही हैं.

फैक्ट चेक
फैक्ट चेक: गरीबों की मदद करते सिखों की पुरानी तस्वीर मजदूरों के पलायन से जोड़कर वायरल
दावा लॉकडाउन में सिख समुदाय के लोग उन प्रवासी मजदूरों की मरहम-पट्टी कर रहे हैं जो पैदल अपने घर जाते वक्त चोटिल हो गए.निष्कर्षतस्वीर लगभग ढाई साल पुरानी है और इसका अभी चल रहे लॉकडाउन या पलायन से कोई लेना-देना नहीं.
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