एडवांस्ड सर्च

फैक्ट चेक- पुलिस की बर्बरता का पुराना वीडियो, प्रवासी मजदूरों से जोड़कर वायरल

वायरल वीडियो भले ही पुराना हो और इसका प्रवासी मजदूरों से कोई लेना देना न हो, लेकिन इस वक़्त देश में प्रवासियों की हालात भी बहुत दयनीय है. प्रवासी कई किलोमीटर पैदल चल कर अपने घर जा रहे हैं और इस बीच उन्हें काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है.

Advertisement
aajtak.in
अर्जुन डियोडिया नई दिल्ली, 20 May 2020
फैक्ट चेक- पुलिस की बर्बरता का पुराना वीडियो, प्रवासी मजदूरों से जोड़कर वायरल वायरल पोस्ट से ग्रैब

देश में चल रहे प्रवासी मजदूरों के संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक पुलिसकर्मी बीच सड़क पर एक युवक को लात से मारता हुआ दिख रहा है. यहां तक कि पुलिसकर्मी को युवक के सीने पर जूता रखकर उससे पूछताछ करते हुए भी देखा जा सकता है. वीडियो के साथ बांग्ला भाषा में दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो हरियाणा का है. साथ ही ये भी कहा गया कि ये युवक पैदल चल कर अपने घर जा रहा था और रास्ते में आश्रय मांगने पर पुलिस ने इसे पीट दिया.

वीडियो का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

क्या है सच्चाई?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो अगस्त 2018 का है और लखनऊ का है. वीडियो का अभी चल रहे प्रवासी मजदूरों के पलायन से कोई लेना-देना नहीं है.

वीडियो को फेसबुक पर कई लोगों ने शेयर किया है. Bittu Parashar नाम के एक फेसबुक यूजर ने यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है, "थोड़ा फेमस तो करिए साहब को देखिए किस तरह बिना रूके लात जूते बरसा रहे हैं".

यह वीडियो इस कैप्शन के साथ 12 मई को पोस्ट किया गया था. ऐसे समय पर वीडियो शेयर होने के कारण लोग समझ रहे हैं कि वीडियो अभी का है और पुलिसकर्मी प्रवासी मजदूरों को पीट रहा है. हालांकि कुछ लोगों ने कमेंट में ये भी लिखा है कि ये वीडियो पुराना है. इस वीडियो को 14000 से भी ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

कैसे की पड़ताल?

वीडियो को InVid टूल की मदद से रिवर्स सर्च करने पर हमें इससे जुड़ी कई न्यूज़ रिपोर्ट्स मिली. नवभारत टाइम्स में 25 अगस्त, 2018 को प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का था. रिपोर्ट में बताया गया है कि वीडियो में मार खाते दिख रहा युवक एक ऑटो चालक था जिसने एक रिक्शे को टक्कर मार दी थी.

टक्कर से रिक्शे पर बैठी महिला के साथ उनकी बेटी नीचे गिर गई. विवाद होने पर मौके पर पुलिस पहुंची और ऑटो चालक को नशे में देखकर आरक्षी आनंद प्रताप सिंह ने उसे पीट दिया. इसके बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पुलिसकर्मी आनंद को सस्पेंड कर दिया गया था.

लॉकडाउन में प्रवासियों की दुर्दशा

वायरल वीडियो भले ही पुराना हो और इसका प्रवासी मजदूरों से कोई लेना देना न हो, लेकिन इस वक़्त देश में प्रवासियों की हालात भी बहुत दयनीय है. प्रवासी कई किलोमीटर पैदल चल कर अपने घर जा रहे हैं और इस बीच उन्हें काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है.

इंटरनेट पर ऐसी कई खबरें मौजूद हैं जिनमें प्रवासियों पर पुलिस के लाठीचार्ज का भी जिक्र है. कुछ ही दिन पहले हरियाणा के यमुनानगर से भी प्रवासियों पर पुलिस के लाठीचार्ज का एक मामला सामने आया था.

फैक्ट चेक
फैक्ट चेक- पुलिस की बर्बरता का पुराना वीडियो, प्रवासी मजदूरों से जोड़कर वायरल
दावा हरियाणा में पैदल घर जा रहे एक युवक को पुलिस ने आश्रय मांगने पर पीट दिया.निष्कर्षये वीडियो अगस्त 2018 का है और लखनऊ का है.
झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • 1 कौआ: आधा सच
  • 2 कौवे: ज्यादातर झूठ
  • 3 कौवे: पूरी तरह गलत
Fact Check
क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay