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अगर ऑफिस में है पहला दिन, तो ध्यान रखें ये बातें

अगर आप भी पहली बार ऑफिस ज्वॉइन कर रहे हैं तो शुरुआती दिनों में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, जिससे आपको शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कत नहीं होगी.
अगर ऑफिस में है पहला दिन, तो ध्यान रखें ये बातें प्रतीकात्मक फोटो
aajtak.in [Edited By: मोहित पारीक]नई दिल्ली, 23 August 2018

अगर आप पढ़ाई के बाद पहली बार नौकरी करने जा रहे हैं या नौकरी बदल कर पहली बार ऑफिस जा रहे हैं तो आपको कई बातों का ध्यान रखना होगा. अगर आप ऑफिस के शुरुआती दिनों में इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको आगे कोई मुश्किल नहीं होगी.

सबसे पहले वर्क कल्चर को समझें

कॉलेज और ऑफिस में अंतर होता है. ऑफिस में लोग एक डेकोरम का पालन करते हैं. उनके खाने और चाय पीने का वक्त तय होता है. कुछ हद तक काम के लिए समय सीमा भी तय होती है. पहले जॉब में खुद को साबित करने के लिए यह जरूरी है कि पहले आप किसी भी संस्थान के कायदे-कानून को अच्छी तरह समझ लें. आजकल हर दफ्तर में यह माना जाता है कि आप में इंटेलीजेंस कोशेंट (आईक्यू) और इमोशनल कोशेंट (ईक्यू) के साथ-साथ कल्चरल कोशेंट (सीक्यू) भी होना चाहिए. कोई व्यक्त‍ि यदि आपको ज्यादा पसंद नहीं आ रहा है तो भी आप उसके साथ काम करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें.

ज्यादा ना बोलें

हो सकता है आप बहुत अच्छा जोक क्रैक करते हों और आपके दोस्त आपकी इस अदा पर फिदा हों. पर ऑफिस में हो सकता है यह पसंद न किया जाए. अगर आप बहुत ज्यादा बोलते हैं और दूसरों की बात काटने की आपकी आदत है तो इसे भी बदल लें. क्योंकि ऑफिस में आपसे इतनी गंभीरता की उम्मीद की जाती है कि आप पहले दूसरे की बात सुनेंगे और फिर उसका जवाब देंगे. मीटिंग के दौरान भी बार-बार बीच में न बोलें. अगर कोई बहुत अच्छा आइडिया है तो उसे जरूर शेयर करें, पर मीटिंग में यह न लगे कि आप अतिउत्साहित हो रहे हैं.

परफॉर्मेंस के साथ पोलाइटनेस भी

ये बात ठीक है कि ऑफिस में खुद को कार्यकुशल दिखाना जरूरी है, पर इसके साथ-साथ यह भी जरूरी है कि आप सीनियर्स और अपने कलीग्स के साथ पोलाइट रहें. काम के दौरान यदि कोई गलती पर टोके तो उस पर तीव्र प्रतिक्रिया देने की बजाय अपनी गलती की जिम्मेदारी लें. इस तरह आप सीनियर्स का दिल भी जीत लेंगे.

संतुलित जवाब दें

ऑफिस में आप नये-नये हैं तो सबसे पहले अपने कलीग्स के मिजाज को समझ लें. क्योंकि हो सकता है कि आपके किसी जोक पर उन्हें गुस्सा आ जाए या वो नाराज हो जाएं. इसलिए हंसी-मजाक करने से पहले लोगों के व्यक्त‍ित्व को लान लेना सबसे जरूरी है. इसके अलावा अगर आपसे कुछ पूछ जाए तो उसका जवाब बढ़ा-चढ़ाकर देने की बजाय टू द प्वॉइंट दें. अपनी योग्यता को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताने के बाद यदि आप उस पर खरे नहीं उतर पाए तो इससे आपके सीनियर्स के साथ आपका प्रोफेशनल रिश्ता कमजोर हो जाएगा.

सोशल मीडिया से दूरी

कॉलेज में आप हो सकता है, पूरे दिन में कई बार सोशल मीडिया पर चैट करते हों या अपडेट्स करते हों. ऑफिस में यह नहीं चलता. कुछ संस्थानों में तो सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बैन रहता है. ऐसे में आप अगर ऑफिस आवर में अपने फोन या ऑफिस पीसी पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो यह माना जाएगा कि आप काम को लेकर सीरियस नहीं हैं.

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