एडवांस्ड सर्च

इंजीनियरिंग नहीं करनी है? तो 12वीं साइंस के बाद करें ये कोर्स

अगर आपने भी 12वीं साइंस से पढ़ाई की है और आप इंजीनियरिंग के अलावा कुछ और कोर्स करना चाहते हैं तो आपके पास कई ऑप्शन है.

Advertisement
aajtak.in [Edited By: मोहित पारीक]नई दिल्ली, 17 April 2018
इंजीनियरिंग नहीं करनी है? तो 12वीं साइंस के बाद करें ये कोर्स प्रतीकात्मक फोटो

इंजीनियरिंग की तरफ लोगों को क्रेज कम हो रहा है और साइंस से 12वीं करने वाले बच्चे भी इंजीनियरिंग से दूर हो रहे हैं. अगर आपने भी 12वीं साइंस से पढ़ाई की है और आप इंजीनियरिंग के अलावा कुछ और कोर्स करना चाहते हैं तो आपके पास कई ऑप्शन है. आप इंजीनियरिंग के अलावा भी कई अलग-अलग कोर्स कर सकते हैं. आइए जानते हैं वे कौन-कौन से कोर्स हैं, जो आपके करियर के लिए सही साबित हो सकते हैं...

नैनो-टेक्नोलॉजी: ग्लोबल इनफॉर्मेशन इंक की रिसर्च के मुताबिक, 2018 तक नैनो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के 3.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. नैस्कॉम के मुताबिक 2015 तक इसका कारोबार 180 अरब डॉलर से बढ़कर 890 अरब डॉलर हो जाएगा. ऐसे में इस फील्ड में 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. 12वीं के बाद नैनो टेक्‍नोलॉजी में बीएससी या बीटेक और उसके बाद इसी सब्‍जेक्‍ट में एमएससी या एमटेक करके इस क्षेत्र में शानदार करियर बनाया जा सकता है.

कम पैसे में करें ये कोर्स, हर महीने 40 हजार तक होगी कमाई

आयुर्वेद से करें बीएएमएस: फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ बायॉलजी की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स BAMS यानी बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन ऐंड सर्जरी कर सकते हैं. यह कोर्स साढ़े पांच साल का होता है, जिसमें एक साल का इंटर्नशिप होता है.

माइक्रोबायोलॉजी- माइक्रोऑर्गैनिजम की पढ़ाई और उसके ऐप्लिकेशन से संबंधित इस कोर्स में नंबर और टेस्ट दो प्रोसेस के आधार पर एडमिशन मिलता है. सरकारी नौकरी के अलावा फार्मा, रिसर्च, फूड प्रॉडक्ट्स, ऐग्रिकल्चर सेक्टर्स में जॉब्स हैं.  फॉर्मा और फूड ऐंड बेवरेज इंडस्ट्री में माइक्रोबायॉलजिस्ट की भारी मांग है.

स्पेस साइंस: यह बहुत ब्रॉड फील्ड है. इसके तहत कॉस्मोलॉजी, स्टेलर साइंस, प्लैनेटरी साइंस, एस्ट्रोनॉमी जैसे कई फील्ड्स आते हैं. इसमें तीन साल की बीएससी और चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्सेज खास तौर पर इसरो और बेंगलुरु स्थित IISC में कराए जाते हैं.

एस्ट्रो-फिजिक्स: अगर आप सितारों और गैलेक्‍सी में दिलचस्पी रखते हैं तो 12वीं के बाद एस्ट्रो-फिजिक्स में रोमांचक करियर बना सकते हैं. इसके लिए आप चाहें तो पांच साल के रिसर्च ओरिएंटेड प्रोग्राम (एमएस इन फिजिकल साइंस) और चार या तीन साल के बैचलर्स प्रोग्राम (बीएससी इन फिजिक्स) में एडमिशन ले सकते हैं. एस्ट्रोफिजिक्स में डॉक्टरेट करने के बाद स्टूडेंट्स इसरो जैसे रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में साइंटिस्ट बन सकते हैं.

जी हां! इन अजीबोगरीब कामों के लिए भी मिलती है डिग्रियां...

एनवायर्नमेंटल साइंस: इस स्ट्रीम में पर्यावरण पर इंसानी गतिविधियों से होने वाले असर का अध्ययन किया जाता है. इसके तहत इकोलॉजी, डिजास्टर मैनेजमेंट, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, पॉल्यूशन कंट्रोल जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. इन सभी सब्जेक्ट्स में एनजीओ और यूएनओ के प्रोजेक्ट्स बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में जॉब की अच्छी संभावनाएं हैं.

डेयरी साइंस: डेयरी प्रोडक्शन के क्षेत्र में भारत अहम देश है. भारत डेयरी प्रोडक्शन में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है. डेयरी टेक्नोलॉजी या डेयरी साइंस के तहत मिल्क प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन की जानकारी दी जाती है. भारत में दूध की खपत को देखते हुए इस क्षेत्र में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की डिमांड बढऩे लगी है. साइंस सब्जेक्ट से 12वीं करने के बाद स्टूडेंट ऑल इंडिया बेसिस पर एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद चार वर्षीय स्नातक डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. कुछ इंस्टीट्यूट डेयरी टेक्नोलॉजी में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर करते हैं.

रोबोटिक साइंस: रोबोटिक साइंस का क्षेत्र काफी तेजी से पॉपुलर हो रहा है. इसका इस्तेमाल इन दिनों तकरीबन सभी क्षेत्रों में होने लगा है. जैसे- हार्ट सर्जरी, कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस. अगर आप इस फील्ड में आना चाहते हैं तो इस क्षेत्र से जुड़े कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं. जैसे ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्‍ड रोबोटिक्स सिस्टम. कम्प्यूटर साइंस से स्नातक कर चुके स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए योग्य माने जाते हैं. रोबोटिक में एमई की डिग्री हासिल कर चुके स्टूडेंट्स को इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्‍थान में रिसर्च वर्क की नौकरी मिल सकती है.

अन्य कोर्स- कई ऐसे कोर्स हैं, जिसके लिए आपको किसी विशेष विषय की आवश्यकता नहीं होती है और आप इन कोर्स के माध्यम से लाखों रुपये हर महीना कमा सकते हैं. इन कोर्सेज में फोटोग्राफी, एसईओ, ट्रेवल मैनेजमेंट आदि शामिल है.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay