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पीएम मोदी की विपक्ष को खुली चुनौती, हिम्मत है तो लिखो- 370, तीन तलाक वापस लाएंगे

पीएम मोदी ने 370 और तीन तलाक पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें. पीएम मोदी ने कहा कि ये घड़ियाली आंसू बहाना बंद कर दीजिए. क्या किसी में दम है कि 370 वापस ले आए. जो लाने की कोशिश करेगा वो बच पाएगा क्या. इन्हें भी मालूम है कि इनकी चलने वाली नहीं है तो फिर घड़ियाली आंसू क्यों बहा रहे हैं.

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aajtak.in
कमलेश सुतार जलगांव, महाराष्ट्र, 13 October 2019
पीएम मोदी की विपक्ष को खुली चुनौती, हिम्मत है तो लिखो- 370, तीन तलाक वापस लाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो- ANI)

  • महाराष्ट्र के जलगांव में रैली में विपक्ष पर गरजे पीएम मोदी
  • पीएम मोदी ने कहा कि कुछ विरोधी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार में उतर गए हैं. रविवार को पीएम मोदी ने जलगांव में रैली को संबोधित किया और यहां उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने और तीन तलाक बिल लाने जैसे बड़े मुद्दों पर विरोधी दलों को खुलकर चुनौती दी है. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ विरोधी इन मसलों पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, अगर उनके अंदर हिम्मत है तो घोषणा पत्रों में लिखें कि वो 370 और तीन तलाक को वापस लाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि धारा 370 और तीन तलाक पर सरकार के फैसले का विरोध करने वालों में अगर हिम्मत है तो वे अपना स्टैंड स्पष्ट करें. इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने ऐसे दलों से अपने चुनावी घोषणा पत्रों में धारा 370 वापस लाने का ऐलान करने की मांग की. मोदी ने कहा, 'कान खोलकर हमारे विरोधी सुन लें, अगर आपमें हिम्मत है तो इस चुनाव में और आने वाले चुनावों में भी घोषणा-पत्र में ऐलान करें कि धारा 370 वापस लाएंगे.'

घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें

पीएम मोदी ने इन दो बड़े मसलों पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें. पीएम मोदी ने कहा, 'ये घड़ियाली आंसू बहाना बंद कर दीजिए. क्या किसी में दम है कि 370 वापस ले आए. जो लाने की कोशिश करेगा वो बच पाएगा क्या. इन्हें भी मालूम है कि इनकी चलने वाली नहीं है तो फिर घड़ियाली आंसू क्यों बहा रहे हैं.'

राष्ट्रहित के मामलों पर राजनीति

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र चुनाव में विपक्ष की भूमिका निभाने वाले कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की भी जमकर आलोचना की. पीएम ने कहा, 'आज दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे देश के कुछ राजनीतिक दल, कुछ राजनेता, राष्ट्रहित में लिए गए इस निर्णय पर राजनीति करने में जुटे हैं. बीते कुछ महीनों में कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं के बयान देख लीजिए. जम्मू-कश्मीर को लेकर जो पूरा देश सोचता है, उससे एकदम उल्टा इनकी सोच दिखती है. इनका तालमेल पड़ोसी देश के साथ मिलता जुलता है.'

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