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वैशाली लोकसभा सीट पर 62% वोटिंग, 23 मई को मतगणना के बाद आएंगे नतीजे

बिहार की वैशाली लोकसभा सीट पर 12 मई को छठवें चरण में मतदान हुए. इस सीट पर 61.56 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि पिछली बार साल 2014 में 58.82 प्रतिशत मतदान हुआ था. यहां से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने रघुवंश प्रसाद सिंह, लोक जनशक्ति पार्टी ने वीणी देवी, बहुजन समाज पार्टी ने शंकर महतो और जनतांत्रिक विकास पार्टी ने अमित विक्रम को चुनाव मैदान में उतारा है.

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aajtak.in नई दिल्ली, 13 May 2019
वैशाली लोकसभा सीट पर 62% वोटिंग, 23 मई को मतगणना के बाद आएंगे नतीजे मतदान तैयारी की फाइल फोटो (इंडिया टुडे आर्काइव)

बिहार की वैशाली लोकसभा सीट पर 12 मई को छठवें चरण में मतदान हुए. मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान वैशाली लोकसभा सीट पर 61.56 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि पिछली बार साल 2014 में 58.82 प्रतिशत मतदान हुआ था. इस बार छठवें चरण में 7 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई और कुल मतदान 64.24 फीसदी रिकॉर्ड किया गया.

वहीं, चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. वैशाली लोकसभा चुनाव में यहां से 22 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

इस लोकसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने रघुवंश प्रसाद सिंह, लोक जनशक्ति पार्टी ने वीणी देवी, बहुजन समाज पार्टी ने शंकर महतो, जनतांत्रिक विकास पार्टी ने अमित विक्रम, लोक चेतना दल ने धनवंती देवी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने नरेश राम, राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी ने बालक नाथ साहनी, राष्ट्रीय प्रगति पार्टी ने रामेश्वर साह, बज्जिकांचल विकास पार्टी ने रेशमी देवी और सपाक्स पार्टी ने विद्या भूषण उम्मीदवार है.

बिहार की वैशाली लोकसभा सीट लंबे समय तक आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का सियासी गढ़ रहा है, लेकिन वर्तमान में यहां से एलजेपी के रामा सिंह सांसद हैं. वैशाली सीट शुरू से कांग्रेस का गढ़ रही है. यहां से पहली बार दिग्विजय नारायण सिंह ने चुनाव जीता था. वो लगातार पांच बार यहां से लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं.

उधर, इस सीट से जीतने वाली पहली महिला जनप्रतिनिधि थीं किशोरी सिन्हा. साल 1980 और 1984 में किशोरी सिन्हा, 1989 में उषा सिन्हा यहां से जीतने में कामयाब रहीं. साल 1991 में जनता दल के शिव शरण सिंह यहां से जीते. साल 1994 में हुए उपचुनाव में समता पार्टी की लवली आनंद इस सीट से चुनकर संसद पहुंचीं. वो बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी हैं.

इसके बाद साल 1996 में रघुवंश प्रसाद सिंह जनता दल के टिकट पर जीते थे. साल 1998, 1999, 2004 और 2009 में आरजेडी के टिकट पर रघुवंश प्रसाद सिंह वैशाली से जीतकर लोकसभा गए और केंद्र में मंत्री भी बने. साल 2014 के मोदी लहर में बीजेपी के सहयोगी दल एलजेपी के रामा सिंह को यहां से टिकट मिला और वो जीतने में कामयाब रहे.

वैशाली सीट पर वोटरों की कुल संख्या 12 लाख 78 हजार 891 है. इसमें से 6 लाख 81 हजार 119 पुरुष वोटर हैं, जबकि 5 लाख 97 हजार 772 महिला वोटर हैं. वैशाली संसदीय सीट के तहत विधानसभा की 6 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें मीनापुर, कांति, बरुराज, पारू, साहेबगंज और वैशाली लोकसभा सीटें शामिल हैं. साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन 6 में से तीन सीटें आरजेडी के खाते में गई थीं. वहीं बीजेपी-जेडीयू और निर्दलीय उम्मीदवार एक-एक सीट पर जीतने में कामयाब रहे थे.

16वीं लोकसभा के लिए 2014 में हुए चुनाव में वैशाली सीट से एलजेपी के रामा किशोर सिंह विजेता रहे. उनको 3 लाख 05 हजार 450  वोट मिले थे. गौरतलब है कि रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी इस चुनाव में एनडीए के साथ मिलकर लड़ी थी और उसे मोदी लहर का पूरा फायदा मिला था.

आरजेडी उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह दो नंबर पर रहे. उनको 2 लाख 06 हजार 183  वोट मिले. 1 लाख 04 हजार 229 वोटों के साथ बाहुबली मुन्ना शुक्ला की पत्नी और निर्दलीय उम्मीदवार अनु शुक्ला तीसरे नंबर पर रहीं. इस सीट से 2009 के चुनाव में रघुवंश प्रसाद सिंह ने जेडीयू के विजय कुमार शुक्ला को 21 हजार 405 वोट से हराया था.

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