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तिरुवन्नामलाई लोकसभा सीट: AIADMK और DMK के बीच कांटे की टक्कर

Tiruvannamalai Lok Sabha Constituency 2019 लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की तिरुवन्नामलाई लोकसभा सीट पर राज्य की दो बड़ी पार्टियों एआईएडीएमके और डीएमके के बीच कांटे की टक्कर है. जानिए क्यों खास है ये सीट.

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सना जैदीनई दिल्ली, 14 February 2019
तिरुवन्नामलाई लोकसभा सीट: AIADMK और DMK के बीच कांटे की टक्कर प्रतीकात्मक तस्वीर

तमिलनाडु राज्य की तिरुवन्नामलाई लोकसभा सीट का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ. तिरुप्पत्तूर लोकसभा सीट को खत्म करके तिरुवन्नामलाई सीट को अस्तित्व में लाया गया. यह सीट तिरुवन्नामलाई जिले में अंतर्गत आती है, जो अन्नामलाई पहाड़ियों में बसा है. इसका शुमार राज्य के सबसे पिछड़े जिलों में किया जाता है. 2014 में एआईएडीएमके की आर. वनरोजा तिरुवन्नामलाई यहां से सांसद बनीं.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

तिरुवन्नामलाई लोकसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है. यहां 2009 और 2014 यानी सिर्फ दो बार ही चुनाव हुए हैं. जिसमें एक बार द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और एक बार ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) को जीत मिली है.  2009 के संसदीय चुनाव में इस सीट पर डीएमके पार्टी के धनपाल वेणुगोपाल ने पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) पार्टी के उम्मीदवार को हराया था. वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में एआईएडीएमके की उम्मीदवार आर. वनरोजा ने डीएमके उम्मीदवार को हराया. तिरुवन्नामलाई लोकसभा सीट पर 2014  में 78.90 फीसदी वोटिंग हुई थी. जिसमें एआईएडीएमके को 46.91, डीएमके को 31.12 और कांग्रेस को 1.67 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि बीजेपी का खाता ही नहीं खुला था.

सामाजिक ताना-बाना

तमिलनाडु राज्य का  तिरुवन्नामलाई जिला भारत के 250 सबसे पिछड़े जिलों के अंतर्गत है. 2011 की जनगणना के मुताबिक तिरुवन्नामलाई संसदीय क्षेत्र की कुल आबादी 18,25,291  है, जिसमें से 78.55 फीसदी लोग ग्रामीण इलाके में रहते हैं जबकि 21.45 फीसदी शहरी आबादी है. यहां अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या 21.77 फीसदी है जबकि अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी 5.99 फीसदी है. वहीं औसत पुरुष साक्षरता दर 82% और महिला साक्षरता 78% है. 2014 लोकसभा चुनाव में यहां 13,52,966 मतदाताओं में से कुल 10,67,447 मतदाताओं ने वोट दिए थे. जिसमें 78.34 फीसदी पुरुष और 79.45 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया था. इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत छह विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें जोलारपेट (Jolarpet), तिरूपत्तूर (Thiruppattur), चेंगम  (Chengam-SC), तिरुवन्नामलई (Tiruvannamalai), किलपेन्नाथूर  (Kilpennathur) और कलासपक्कम (Kalasapakkam) शामिल हैं. 

2014 का जनादेश

2014 के लोकसभा चुनावों में एआईएडीएमके उम्मीदवार आर. वनरोजा ने 1,68,606 वोटों से जीत हासिल की थी. उनका मुकाबला डीएमके पार्टी के उम्मीदवार अन्नादुराई से था. सांसद वनरोजा को  5,00,751 वोट मिले थे जबकि उनके प्रतिद्वंदी और डीएमके नेता को 3,32,145 वोट मिले थे. वहीं  पीएमके उम्मीदवार को 1,57,954 और कांग्रेस उम्मीदवार को 17,854 वोट मिले थे जबकि नोटा के हिस्से में 9,595 वोट आए थे. 2014 लोकसभा चुनाव में तिरुवन्नामलाई संसदीय क्षेत्र में कुल 78.90 प्रतिशत वोटिंग हुई थी.

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

एम.ए और बी.एड. पास सांसद आर. वनरोजा की उम्र 60 साल है. संसद में उन्होंने 76.32 फीसदी उपस्थिति दर्ज कराई है, यानी वो 245 दिन सदन में उपस्थित रहीं. सांसद आर. वनरोजा ने कुल 396 सवाल ही पूछे जबकि सदन में 1565 सवाल पूछे जा सकते थे. वहीं डिबेट्स की बात करें तो सांसद वनरोजा की परफॉर्मेंस खास नहीं रही वह सिर्फ 49 बहसों में ही शामिल हुईं. इसके अलावा उन्होंने सदन में एक भी प्राइवेट बिल पेश नहीं किया. इस मामले में उनका प्रदर्शन जीरो ही दर्ज हुआ. जबकि अपने कार्यकाल में उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों में  20.09 करोड़ रुपये खर्च किए यानी उन्होंने प्राप्त राशि का 80.36 फीसदी रकम खर्च की. इसके अलावा आर. वनरोजा 1 सितंबर 2014 से महिलाओं को शक्‍तियां प्रदान करने से संबंधित समिति की सदस्य हैं. वहीं महिलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय की सदस्य और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्‍थायी समिति की सदस्य भी हैं.

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