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तिरुचिरापल्ली सीट : कभी लेफ्ट था गढ़, अब है AIADMK का कब्जा

Tiruchirappalli  तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली  में ही कावेरी नदी दो हिस्सों में बंट जाती है. 1951 से अब तक सबसे ज्यादा चार बार यहां से कांग्रेस जीत दर्ज कर चुकी है. जबकि एआईएडीएमके ने तीन बार यहां से जीती है.

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aajtak.in
वरुण प्रताप सिंह नई दिल्ली, 15 February 2019
तिरुचिरापल्ली सीट : कभी लेफ्ट था गढ़, अब है AIADMK का कब्जा तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन

तिरुचिरापल्ली तमिलनाडु का चौथा सबसे बड़ा शहर है. यह त्रिची के नाम से भी जाना जाता है. तिरुचिरापल्ली में ही कावेरी नदी दो हिस्सों में बंट जाती है. 1951 से अब तक सबसे ज्यादा चार बार यहां से कांग्रेस जीत दर्ज कर चुकी है. जबकि एआईएडीएमके ने तीन बार यहां से जीती है. लेकिन पिछले चार चुनावों में तीन बार एआईएडीएमके यहां से जीती है. यह सामान्य सीट है. करूर सीट से मौजूदा सांसद एआईएडीएमके के पी. कुमार हैं.

राजनैतिक पृष्ठभूमि

1951 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में यहां से निर्दलीय उम्मीदवार ई. मथुरम जीते थे. इसके बाद 57 के चुनाव में पहली बार यहां से कांग्रेस को जीत मिली थी. लेकिन  62, 71 और 77 के चुनावों में यहां से सीपीआई, 67 में सीपीएम का दबदबा रहा. लेकिन 1980 के आते-आते द्रविड़ आंदोलन ने यहां की सियासत में पैठ बना ली. 1980 के चुनावों में यहां डीएमके पहली और आखिरी बार जीती थी. 1984, 1989 और 1991 के चुनावों में यहां कांग्रेस ने वापसी की. 1996 में तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) ने यहां से जीत हासिल की थी. 1998 और 1999 के चुनाव में बीजेपी ने यहां राजनीतिक विजय पाई. 2001 के उपचुनाव में यहां पहली बार एआईएडीएमके ने पहली बार जीत दर्ज की. 2004 में यहां एमडीएमके ने पहली बार जीत दर्ज की. लेकिन 2009 में एआईएडीएमके के पी. कुमार ने यहां जीत दर्ज की और यह सिलसिला 2014 में बरकरार रहा.

सामाजिक तानाबाना

2011 के जनसंख्या आंकड़ों के मुताबिक तिरुचिरापल्ली की आबादी करीब 10 लाख है. इस सीट की खास बात यह है कि यहां पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा हैं. यहां 507,180 पुरुष और  514,537 महिलाएं हैं. यानी हर 1000 पुरुष पर 1015 महिलाएं.

विधानसभा सीटों का समीकरण

तिरुचिरापल्ली लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा सीटें आती हैं. ये हैं- तिरुचिरापल्ली (पूर्व), तिरुचिरापल्ली (पश्चिम), श्रीरंगम, तिरुवेरूंबूर, पुडुकोट्टाई और गंदरवाकोट्टाई.  इनमें से तीन सीटें डीएमके तो तीन एआईएडीएमके के पास हैं.

2014 का जनादेश

2014 के लोकसभा चुनाव में एआईएडीएमके के पी. कुमार को जीत मिली थी. उन्हें 4,58,478 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर डीएमके के अनबलागन थे, जिन्हें  3,08,002 वोट मिले थे. डीएमडीके के ए. विजयकुमार को 94,785 वोट मिले थे.  

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

एआईएडीएमके के पी. कुमार 1991 में एआईएडीएमके में शामिल हुए थे. 47 वर्षीय पी. कुमार स्नातक तक शिक्षा हासिल की है. पार्टी में वे अपनी सांगठनिक क्षमता के लिए जाने जाते हैं. जहां तक बात संसद में पी. कुमार के प्रदर्शन की है तो 6 फरवरी, 2019 तक के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक लोकसभा में उनकी उपस्थिति 80 फीसदी रही है. उन्होंने 39 बार चर्चा में हिस्सा लिया और इस दौरान 462 प्रश्न पूछे. उनकी सांसद निधि का 82.98 फीसदी हिस्सा विकास पर खर्च किया गया है.  

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