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शिवहर लोकसभा सीट: 18 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद, 23 मई को मतगणना

बिहार की शिवहर लोकसभा सीट पर 12 मई को वोटिंग हुई. इस दौरान यहां 60.06 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया. इस चरण में शिवहर समेत 7 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर मतदान हुए. इस चरण की सभी 59 लोकसभा सीटों पर कुल 64.24 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. अब 23 मई को वोटों की गिनती होगी और चुनाव के नतीजे जारी किए गए.

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aajtak.in नई दिल्ली, 13 May 2019
शिवहर लोकसभा सीट: 18 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद, 23 मई को मतगणना लोकसभा चुनाव की फाइल फोटो (इंडिया टुडे आर्काइव)

बिहार की शिवहर लोकसभा सीट पर 12 मई को छठवें चरण में वोटिंग हुई. इस दौरान यहां 60.06 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया. इस चरण में शिवहर समेत 7 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर मतदान हुए. इस चरण की सभी 59 लोकसभा सीटों पर कुल 64.24 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि साल 2014 में 55.98 फीसदी वोट पड़े थे.

अब शिवहर समेत सभी लोकसभा सीटों पर वोटों की गिनती 23 मई को होगी और फिर प्रत्याशियों के जीत-हार का फैसला होगा. शिवहर निर्वाचन क्षेत्र बिहार की चर्चित लोकसभा सीट है. यहां से इस बार कुल 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.

शिवहर लोकसभा सीट से बीजेपी ने रमा देवी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने शमीम आलम,  बहुजन समाज पार्टी ने मुकेश कुमार झा, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सैयद फैसल अली, जन अधिकार पार्टी ने अनिल कुमार, बहुजन आजाद पार्टी ने आनंद कुमार मौर्य, राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी ने उपेंद्र साहनी, बज्जिकांचल विकास पार्टी ने जगदीश प्रसाद, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने देवेंद्र प्रसाद सिंह और भारत प्रभात पार्टी ने नबी हुसैन को उम्मीदवार बनाया है.

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में शिवहर सीट बीजेपी के खाते में गई थी और रमा देवी ने जीत हासिल की थी. पिछले लोकसभा चुनाव में उनको 3 लाख 72 हजार 506 वोट हासिल हुए थे, जबकि आरजेडी के मोहम्मद अवनारुल हक को 2 लाख 36 हजार 267 वोट मिले थे. जेडीयू के शाहिद अली खान 79 हजार 108 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. इसके अलावा पूर्व सांसद और जेल में सजा काट रहे बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को 46 हजार 008 वोट मिले और वो चौथे स्थान पर रही थीं.

बीजेपी ने रमा देवी पर इस बार फिर से विश्वास जताया है और उनको चुनाव मैदान में उतारा है. शिवहर संसदीय सीट राजपूत बहुल सीट मानी जाती है. यहां की सियासत पर राजपूत जाति का खासा प्रभाव है और चुनावी नतीजों में इसका साफ असर दिखता है. इस संसदीय क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 12 लाख 69 हजार 56 है. इसमें 5 लाख 91 हजार 390 महिला वोटर और 6 लाख 77 हजार 666 पुरुष मतदाता हैं.

आजादी के बाद देश में जब पहला चुनाव हुआ, तो इस सीट का नाम था मुजफ्फरपुर नॉर्थ-वेस्ट सीट. साल 1953 में कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर जुगल किशोर सिन्हा जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. जुगल किशोर सिन्हा को भारत में सहकारी आंदोलन के जनक के रूप में जाना जाता है. उनकी पत्नी राम दुलारी सिन्हा भी स्वतंत्रता सेनानी थीं. वे केंद्रीय मंत्री और गवर्नर भी रही थीं. वे बिहार की पहली महिला पोस्ट ग्रेजुएट थीं.

इसके बाद साल 1957 के चुनाव में पुपरी सीट के नाम से यहां लोकसभा चुनाव हुए. इस चुनाव में कांग्रेस के दिग्विजय नारायण सिंह, 1962 के चुनाव में राम दुलारी सिन्हा, 1967 में एस. पी. साहू और 1971 में हरी किशोर सिंह चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे.

शिवहर सीट से 1999 में आरजेडी के मोहम्मद अनवारुल हक ने जीत हासिल की थी. साल 2004 के चुनाव में भी आरजेडी के सीताराम सिंह ने इस सीट से जीत दर्ज की थी. 2009 में बीजेपी ने इस सीट से रमा देवी को उतारा था. रमा देवी ने 2009 और 2014 के चुनाव में शिवहर लोकसभा सीट से जीत हासिल कर संसद पहुंची थीं.

शिवहर लोकसभा क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं. इन विधानसभा सीटों में मधुबन, चिरैया, ढाका, शिवहर, रिगा और बेलसंड विधानसभा सीटें शामिल हैं. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में इन 6 सीटों में से 2-2 सीटें बीजेपी और जेडीयू को मिली थीं, जबकि 1-1 सीट कांग्रेस और आरजेडी के खाते में गई थीं.

शिवहर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर जुगल किशोर सिन्हा जैसी शख्सियतों ने भी किया है.

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